दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi) - दीपावली पर निबंध हिंदी में

  • Eligibility
  • Exam Pattern
  • Preparation Tips

English Icon

दिवाली पर निबंध (Diwali Essay in Hindi) - दीपावली यानि प्रकाश का पर्व। दीपावली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। दिवाली को दीपावली भी कहते हैं। इस महापर्व को मनाने के पीछे कई मान्यताएं हैं। सबसे प्रमुख मान्यता भगवान राम के वन से अध्योध्या आगमन की है। बुराई चाहे रावण जैसी बलवान और बुद्धिवान क्यों न हो उसका एक दिन अंत होकर ही रहता है। बुराई का साथ देने वाले भले इंद्रजीत, कुंभकर्ण जैसे महाबली क्यों न हों उनका भी विनाश होना तय है। अपने पूज्य राम के रावण के विजय और वनवास समाप्त कर अयोध्या वापसी की खुशी में अयोध्यावासियों ने धूमधाम और हर्ष-उल्लास के साथ सजावट और तैयारियांं कर इस दिन को उत्सव की तरह मनाया तब से हर साल इस दिन दीपावली का उत्सव मनाया जाता है। गुरु नानक जयंती पर निबंध

Latest:  CBSE 10th Result 2024 OUT: Direct Link

Don't Miss:  JEE Main & NEET 2026 Scholarship Test (Class 10): Narayana |  Aakash

Also See:   Stream to Opt after Class 10  |  CBSE 10th Syllabus 2025

Recommended:  Aakash iACST Scholarship Test. Get up to 90% Scholarship

दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi) - प्रस्तावना (Introduction)

दीपावली पर निबंध (dipawali per nibandh) - दीपावली पूजा शुभ मुहूर्त (deepawli puja shubh muhurt), दीपावली शुभकामना संदेश, दिवाली पर निबंध (essay on diwali in hindi), दिवाली पर निबंध (essay on diwali in hindi) - उपसंहार (conclusion), दिवाली पर निबंध (essay on diwali in hindi) - दिवाली पर निबंध 10 लाइन (essay on diwali 10 lines).

दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi) - दीपावली पर निबंध हिंदी में

दीपावली त्योहार तथा इसकी खूबियों से छात्रों को परिचित कराने के लिए छोटी कक्षाओं में दिवाली पर निबंध (Diwali Essay in Hindi) का प्रश्न हिंदी तथा अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पूछा जाता है। इस हिंदी दिवाली निबंध (Diwali Essay in Hindi) से उन युवा शिक्षार्थियों को फायदा मिलेगा जो दीपावाली त्योहार पर हिंदी में निबंध (Diwali Essay in Hindi) लिखना चाहते हैं। हमने नीचे दिए गए निबंध में शुभ दिवाली त्योहार (Happy Diwali Festival in Hindi) के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का एक छोटा-सा प्रयास किया है। बच्चे दिवाली पर हिंदी के इस निबंध (Diwali Essay in Hindi) से सीखकर लाभ उठा सकते हैं तथा वाक्य कैसे बनाए एवं किन बातों को दीपावली निबंध में जगह दी जाए, जैसी बातों को समझने के साथ ही अपने हिंदी लेखन कौशल को भी बेहतर बना सकते हैं।

दिवाली हिंदुओं के सबसे लोकप्रिय व महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिसे बड़े ही उत्साहपूर्वक और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। बच्चों को दिवाली पर निबंध (diwali per nibandh) लिखकर त्योहार के बारे में अपने आनंदमय अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है। युवा आम तौर पर इस त्योहार को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि यह सभी के लिए ढेर सारी खुशियाँ और उल्लास के पल लेकर आता है। वे अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं तथा अपने प्रियजनों के साथ शुभकामनाएँ और उपहार साझा करते हैं।

दिवाली पर निबंध (diwali per nibandh)

अधिकतर लोग इस दौरान ऑनलाइन साल 2024 में दिवाली कब है, ढूंढते रहते हैं (What is the real date of Diwali in 2024?)। ऐसे में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2024 में दिवाली पर्व 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा। हालांकि कुछ प्रदेशों में एक नवंबर को भी दीवाली मनाई जाएगी। इस दिन विशेष रूप से धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। छात्र इस लेख में नीचे दिए गए दिवाली त्योहार पर निबंध (Essay of Diwali Festival) की जांच कर सकते हैं और दिवाली त्योहार के बारे में अपने व्यक्तिगत अनुभव व्यक्त करने या साझा करने के लिए इस विषय पर कुछ पंक्तियां लिखने का प्रयास कर सकते हैं। दिवाली पर निबंध (diwali per nibandh) लिखने के लिए आपको इस लेख से मदद मिलेगी।

दिवाली के पावन अवसर पर धन की देवी माँ लक्ष्मी, विघ्नहर्ता गणेश जी व कुबेर जी की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है। लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करने को सर्वाधिक फलदायक माना जाता है। इसके अलावा प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन विशेष फलदायक होता है। ऐसी मान्यता है कि स्थिर लग्न में की गई अपनी पूजा-आराधना से प्रसन्न होकर माता लक्ष्मी आराधक के घर में निवास करने लगती हैं। वर्ष 2024 में दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा। हालांकि कुछ प्रदेशों में एक नवंबर को भी दीवाली मनाई जाएगी। साल 2023 में दिवाली के अवसर पर 12 नवंबर को लक्ष्मी पूजन मुहूर्त गृहस्थजनों के लिए सायं 05:41 मिनट से रात 07:37 मिनट तक है। लक्ष्मी पूजन मुहूर्त की कुल अवधि लगभग 01 घंटे 55 मिनट रहेगी। वहीं साल 2022 में, 24 अक्टूबर को दिवाली का त्योहार देश भर में मनाया गया था।

अन्य लेख पढ़ें-

  • रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
  • हिंदी दिवस पर भाषण
  • इंजीनियर कैसे बन सकते हैं?

दीपावली एक महत्वपूर्ण पर्व है जिस पर सभी एक-दूसरे के साथ अपनी खुशियां साझा करते हैं और दूसरों के सुखमय जीवन की कामनाएं करते हैं। दीपावली के शुभ अवसर पर परिजनों, ईष्टमित्रों से किन शब्दों में अपनी शुभकामना व्यक्त करें, यह उलझन होती है। नीचे कुछ दिवाली शुभकामना संदेश दिए गए हैं जिनकी मदद से आपको अपनी भावना व्यक्त करने में सहूलियत होगी-

  • प्रकाश व खुशियों के महापर्व दीपावाली आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं...
  • देवी महालक्ष्मी की कृपा से आपके घर में हमेशा उमंग और आनंद की रौनक हो। इस पावन मौके पर आप सबको दीपावाली की हार्दिक शुभकामनाएं। शुभ दीपावली!
  • प्रकाश के महापर्व दीपावली पर मेरी कामना है कि आपको समृद्धि, खुशी और अपार सफलता मिले। शुभ दीपावली!
  • लक्ष्मी जी विराजें आपके द्वार, सोने चांदी से भर जाए आपका घर-बार, आपके जीवन में आए खुशियां अपार, यही कामना है आपके लिए उपहार। दीपावली की बधाई...
  • शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा । शत्रुबुद्धि-विनाशाय दीपज्योती नमोऽस्तुते ।। दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।।
  • प्रकाश का महापर्व दीपावली आपके घर में लाए खुशहाली, आप और आपके परिवार को हैप्‍पी दिवाली।
  • गणपति और मां लक्ष्मी आपके दुखों का नाश करें। रोशनी के दीप आपके घर में खुशहाली लाएं। दिवाली की ढेर सारी बधाई...

TOEFL ® Registrations 2024

Accepted by more than 11,000 universities in over 150 countries worldwide

PTE Exam 2024 Registrations

Register now for PTE & Save 5% on English Proficiency Tests with ApplyShop Gift Cards

  • गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर भाषण
  • प्रदूषण पर निबंध
  • बाल दिवस पर हिंदी में भाषण

यहां बच्चों के लिए दिवाली पर हिंदी में निबंध दिया गया है, जिसकी मदद निबंध लिखते समय ली जा सकती है:

दीपावली का अर्थ: दिवाली जिसे "दीपावली" के नाम से भी जाना जाता है, भारत और दुनिया भर में रहने वाले हिंदुओं के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। ‘दीपावली' संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है – दीप + आवली। ‘दीप’ का अर्थ होता है ‘दीपक’ तथा ‘आवली’ का अर्थ होता है ‘शृंखला’, जिसका मतलब हुआ दीपों की शृंखला या दीपों की पंक्ति। दीपावली का त्योहार कार्तिक मास के अमावस्या के दिन मनाया जाता है। यह त्योहार दुनिया भर के लोगों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। हालांकि इसे हिंदू त्योहार माना जाता है, लेकिन विभिन्न समुदायों के लोग भी पटाखे और आतिशबाजी के जरिए इस उज्ज्वल त्योहार को मनाते हैं।

दीपावली त्योहार की तैयारी: दीपावली त्योहार की तैयारियां दिवाली से कई दिनों पहले ही आरंभ हो जाती है। दीपावली के कई दिनों पहले से ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई व रंगाई-पुताई करने में जुट जाते हैं क्योंकि ऐसी मान्यता है कि जो घर साफ-सुथरे होते हैं, उन घरों में दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी विराजमान होती हैं तथा अपना आशिर्वाद प्रदान करके वहां सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी करती हैं। दिवाली के नजदीक आते ही लोग अपने घरों को दीपक और तरह-तरह के लाइट्स से सजाना शुरू कर देते हैं।

दिवाली में पटाखों का महत्व: दीपावली को "रोशनी का त्योहार - प्रकाश पर्व" कहा जाता है। इस दिन लोग मिट्टी के बने दीपक जलाते हैं और अपने घरों को विभिन्न रंगों और प्रकारों की रोशनी से सजाते हैं, जिसे देखकर कोई भी मंत्रमुग्ध हो सकता है। इस पर्व में बच्चों को पटाखे जलाना और विभिन्न तरह के आतिशबाजी जैसे फुलझड़ियां, रॉकेट, फव्वारे, चक्री आदि बहुत पसंद होते हैं।

महत्वपूर्ण लेख:

  • बिहार बोर्ड 10वीं टाईमटेबल देखें
  • छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं टाइम टेबल
  • एमपी बोर्ड 12वीं टाईमटेबल देखें
  • एमपी बोर्ड 10वीं टाईमटेबल देखें

दिवाली का इतिहास : हिंदू मान्यताओं के अनुसार, दिवाली के दिन ही भगवान श्री राम 14 वर्षों के वनवास के बाद अपनी पत्नी सीता, भाई लक्ष्मण और उनके उत्साही भक्त हनुमान के साथ अयोध्या लौटे थे, अमावस्या की रात होने के कारण दिवाली के दिन काफी अंधेरा होता है, जिस वजह से उस दिन पूरे अयोध्या को दीपों और फूलों से भगवान श्री राम चंद्र के लिए सजाया गया था, ताकि भगवान राम के आगमन में कोई परेशानी न हो, तब से लेकर आज तक इसे दीपों का त्योहार और अंधेरे पर प्रकाश की जीत के रूप में मनाया जाता है।

इस शुभ अवसर पर, बाजारों में भगवान गणेश जी, लक्ष्मी जी, राम जी आदि की मूर्तियों की खरीदारी की जाती है। इस दौरान बाजारों में खूब चहल-पहल होती है। लोग इस अवसर पर नए कपड़े, बर्तन, मिठाइयां आदि खरीदते है। हिंदुओं द्वारा देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है, क्योंकि व्यापारी दिवाली के पर्व पर नए बहीखाते की शुरुआत करते हैं। साथ ही, लोगों का मानना है कि यह खूबसूरत त्योहार सभी के लिए धन, समृद्धि और सफलता लाता है। लोग दिवाली के त्योहार के अवसर पर अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ उपहारों का आदान-प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं।

दीपवाली से जुड़ी सामाजिक कुरीतियां

दीपावाली जैसे धार्मिक महत्व वाले पर्व के पावन अवसर पर भी कुछ असामाजिक तत्व अपने बुरी आदत जैसे शराब का सेवन, जुआ खेलना, टोना-टोटका करना और पटाखों के गलत इस्तेमाल से इसे ख़राब करने में जुटे रहते हैं। अगर समाज में दीपावाली के दिन इन कुरीतियों को दूर रखा जाए तो दिवाली का पर्व वास्तव में शुभ दीपावली हो जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण लेख :

  • 10वीं के बाद किए जाने वाले लोकप्रिय कोर्स
  • 12वीं के बाद किए जा सकने वाले लोकप्रिय कोर्स और कॅरियर विकल्प जानें।

दिवाली स्वयं के अंदर के अंधकार को मिटा कर समूचे संसार को प्रकाशमय बनाने का त्योहार है। बच्चे इस दिन अपनी इच्छानुसार बम, फुलझड़ियाँ तथा अन्य पटाखे खरीदते हैं और आतिशबाजी का आनंद उठाते हैं। हमें इस बात को समझना होगा कि दीपावली के त्योहार का अर्थ दीप, प्रेम तथा सुख-समृद्धि से है। ऐसे में पटाखों का इस्तेमाल सावधानी पूर्वक और अपने बड़ों के सामने रहकर करना चाहिए। दिवाली का त्योहार हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। दीपावली का त्योहार सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। इस त्योहार के कारण लोगों में आज भी सामाजिक एकता बनी हुई है। हिंदी साहित्यकार गोपालदास नीरज ने भी कहा है, "जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना, अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए।" इसलिए दीपावली पर प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देने के प्रयत्न करने चाहिए।

इन्हें भी देखें

  • सीबीएसई क्लास 10वीं सैंपल पेपर
  • यूके बोर्ड 10वीं डेट शीट
  • यूपी बोर्ड 10वीं एडमिट कार्ड
  • आरबीएसई 10वीं का सिलेबस

दीपावली के साथ मनाए जाने वाले उत्सव (Celebrations celebrated with Deepawali)

  • दीपावली का त्योहार लगभग 5 दिनों का होता है। जिस के पहले दिन धनतेरस होता है। धनतेरस के दिन लोग धातु की वस्तुएं जैसे सोने और चांदी के आभूषण को खरीद कर अपने घर जरूर लेकर जाते हैं।
  • दीपावली का दूसरा दिन नरक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। कुछ लोग इस दिन को छोटी दिवाली के रूप में भी मनाते हैं।
  • तीसरा दिन दीपावली त्योहार का मुख्य दिन होता है। इस दिन देवी महालक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है।
  • दीपावली के चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र के क्रोध से हुई मूसलाधार वर्षा से लोगों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठा लिया था।
  • दिवाली के त्योहार के आखिरी दिन को भाई दूज के रूप में मनाया जाता है।

ये भी देखें :

  • दशहरा पर निबंध
  • हिंदी में निबंध- भाषा कौशल, लिखने का तरीका जानें

1) दीपावली को दीपों का त्योहार या दीपोत्सव भी कहा जाता है।

2) दिवाली भारत के सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है।

3) यह त्यौहार भगवान राम की याद में मनाया जाता है जो चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे।

4) इस अवसर पर हिंदू अनुयायी मिट्टी के दीपक जलाते हैं और अपने घरों को रंगोली से सजाते हैं।

5) बच्चे इस त्योहार पर पटाखे जलाकर बहुत खुश होते हैं।

6) हिंदुओं में इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

7) बच्चे, बूढ़े और जवान, सभी इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा करते हैं।

8) इस दिन सभी लोग अपने दोस्तों और पड़ोसियों को मिठाइयाँ और उपहार देते हैं।

9) भारत में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है और लोग इस त्योहार को बड़े धूम-धाम के साथ मनाते हैं।

10) यह हिंदुओं के सबसे प्रिय और आनंददायक त्योहारों में से एक है, जिसे अन्य धर्म और संप्रदाय के लोग भी आपस में मिलजुल कर मनाते हैं।

Frequently Asked Question (FAQs)

दिवाली 14 साल के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी और साथ ही अंधकार पर रोशनी का प्रतीक है। अपने घरों की सफाई और उन्हें तरह तरह के लाइट से सजाने के बाद लक्ष्मी गणेश की पूजा के साथ दीपावली का त्योहार धूम धाम से मनाया जाता है, तथा रात के समय बच्चे आतिशबाजी का भी लुफ्त उठाते हैं।

इस त्योहार के दौरान, लोग अपने घरों को रंगोली और तेल के दीयों से सजाते हैं, जिन्हें दीपक कहा जाता है। सभी एक दूसरे को बधाई देते हैं, अच्छे अच्छे पकवान बनाते हैं, पटाखों से आतिशबाजी करते हैं और मिल-जुल कर सौहार्द के साथ दिवाली के पर्व को मनाते हैं।

दीपावली' संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है – दीप + आवली। ‘दीप’ अर्थात ‘दीपक’ और ‘आवली’ अर्थात ‘श्रृंखला’, जिसका मतलब हुआ दीपकों की श्रृंखला या दीपों की पंक्ति।

आप इस लेख की सहायता से दिवाली पर हिंदी में निबंध लिख सकते है, पूरे लेख को ध्यान से पढ़ें और समझें की आप किस तरह से दिपावली पर हिंदी निबंध लिख सकते हैं।  

दिवाली का त्योहार मिट्टी के दीप या फिर तरह -तरह के लाइट और रंगोली से अपने घर को सजा कर, खुशियां बाँट कर, लक्ष्मी गणेश की पूजा करके, अच्छे अच्छे पकवान बना कर हर्ष और उल्लास के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जाता है।

साल 2024 में दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हालांकि कुछ प्रदेशों में 1 नवंबर को भी दीपावली मनाई जाएगी। 

लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करना सर्वाधिक फलदायक माना जाता है। प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन का और विशेष महत्व है। साल 2023 में दिवाली के अवसर पर 12 नवंबर को लक्ष्मी पूजन मुहूर्त गृहस्थजनों के लिए सायं 05:41 मिनट से रात 07:37 मिनट तक है। लक्ष्मी पूजन मुहूर्त की कुल अवधि लगभग 01 घंटे 55 मिनट रहेगी। 

  • Latest Articles

Explore Top Universities Across Globe

  • Universities
  • Popular Articles

Questions related to CBSE Class 10th

Here are some options you can explore to get admission in a good school even though admissions might be closed for many:

Waitlist: Many schools maintain waitlists after their initial application rounds close.  If a student who secured a seat decides not to join, the school might reach out to students on the waitlist.  So, even if the application deadline has passed,  it might be worth inquiring with schools you're interested in if they have a waitlist and if they would consider adding you to it.

Schools with ongoing admissions: Some schools, due to transfers or other reasons, might still have seats available even after the main admission rush.  Reach out to the schools directly to see if they have any open seats in 10th grade.

Consider other good schools: There might be other schools in your area that have a good reputation but weren't on your initial list. Research these schools and see if they have any seats available.

Focus on excelling in your current school: If you can't find a new school this year, focus on doing well in your current school. Maintain good grades and get involved in extracurricular activities. This will strengthen your application for next year if you decide to try transferring again.

Best CBSE schools in Delhi: Click Here

Dear aspirant !

Hope you are doing well ! The class 10 Hindi mp board sample paper can be found on the given link below . Set your time and give your best in the sample paper it will lead to great results ,many students are already doing so .

https://www.google.com/url?sa=t&source=web&rct=j&opi=89978449&url=https://school.careers360.com/download/sample-papers/mp-board-10th-hindi-model-paper&ved=2ahUKEwjO3YvJu5KEAxWAR2wGHSLpAiQQFnoECBMQAQ&usg=AOvVaw2qFFjVeuiZZJsx0b35oL1x .

Hope you get it !

Thanking you

Hello aspirant,

The dates of the CBSE Class 10th and Class 12 exams are February 15–March 13, 2024 and February 15–April 2, 2024, respectively. You may obtain the CBSE exam date sheet 2024 PDF from the official CBSE website, cbse.gov.in.

To get the complete datesheet, you can visit our website by clicking on the link given below.

https://school.careers360.com/boards/cbse/cbse-date-sheet

Hope this information helps you.

The paper of class 7th is not issued by respective boards so I can not find it on the board's website. You should definitely try to search for it from the website of your school and can also take advise of your seniors for the same.

You don't need to worry. The class 7th paper will be simple and made by your own school teachers.

Hope it helps you.

The eligibility age criteria for class 10th CBSE is 14 years of age. Since your son will be 15 years of age in 2024, he will be eligible to give the exam.

Popular CBSE Class 10th Questions

A boy standing on a stationary lift (open from above) throws a ball upwards with the maximum initial speed he can, equal to 49 m s-1. How much time does the ball take to return to his hands? If the lift starts moving up with a uniform speed of 5 m s-1 and the boy again throws the ball up with the maximum speed he can, how long does the ball take to return to his hands?

A player throws a ball upwards with an initial speed of 29.4ms ?1 . (a) What is the direction of acceleration during the upward motion of the ball ? (b) What are the velocity and acceleration of the ball at the highest point of its motion ? (c) Choose x = 0 m and t = 0 s to be the location and time of the ball at its highest point, vertically downward direction to be the positive direction of x-axis, and give the signs of position, velocity and acceleration of the ball during its upward, and downward motion. (d) To what height does the ball rise and after how long does the ball return to the players hands ? (Take g=9.8m/s 2 and neglect air resistance).

Choose the correct statement of the following a. conversion of solid into vapours without passing through the liquid state is called vapourisation. b. conversion of vapours into solid without passing through the liquid state is called sublimation. c. conversion of vapours into solid without passing through the liquid state is called freezing. d. conversion of solid into liquid is called sublimation.

Fill in the blanks: a. Evaporation of a liquid at room temperature leads to a __________ effect. b. At room temperature the forces of attraction between the particles of solid substances are __________ than those which exist in the gaseous state. c. The arrangement of particles is less ordered in the _________ state. However, there is no order in the _______ state. d. _____________ is the change of gaseous state directly to solid state without going through the _____________ state. e. The phenomenon of change of a liquid into the gaseous state at any temperature below its boiling point is called ___________.

For the following statements, write T for True and F for False. (a) J.J. Thomson proposed that the nucleus of an atom contains only nucleons. (b) A neutron is formed by an electron and a proton combining together. Therefore, it is neutral. (c) The mass of an electron is about 1/2000 times that of proton. (d) An isotope of iodine is used for making tincture iodine, which is used as a medicine.

General electronic configuration of outermost and penultimate shell of an atom is (n-1)s^{2} (n-1)p^{6} (n -1)d^{x} ns^{2} . If n=4  the number of proton in the nucleus is

In an electrical circuit three incandescent bulbs A, B and C of rating 40 W, 60 W and 100 W respectively are connected in parallel to an electric source. Which of the following is likely to happen regarding their brightness? a. Brightness of all the bulbs will be the same b. Brightness of bulb A will be the maximum c. Brightness of bulb B will be more than that of A d. Brightness of bulb C will be less than that of B

Stay up-to date with CBSE Class 10th News

Explore on careers360.

  • Board Exams
  • Navodaya Vidyalaya
  • Top Schools

NCERT Solutions

  • NCERT Solutions for Class 12
  • NCERT Solutions for Class 11
  • NCERT Solutions for Class 10
  • NCERT Solutions for Class 9
  • NCERT Solutions for Class 8
  • NCERT Solutions for Class 7
  • NCERT Solutions for Class 6

NCERT Exemplars

  • NCERT Exemplar
  • NCERT Exemplar Class 9 solutions
  • NCERT Exemplar Class 10 solutions
  • NCERT Exemplar Class 11 Solutions
  • NCERT Exemplar Class 12 Solutions
  • NCERT Books
  • NCERT Books for class 6
  • NCERT Books for class 7
  • NCERT Books for class 8
  • NCERT Books for class 9
  • NCERT Books for Class 10
  • NCERT Books for Class 11
  • NCERT Books for Class 12
  • NCERT Notes
  • NCERT Notes for Class 9
  • NCERT Notes for Class 10
  • NCERT Notes for Class 11
  • NCERT Notes for Class 12

NCERT Syllabus

  • NCERT Syllabus for Class 6
  • NCERT Syllabus for Class 7
  • NCERT Syllabus for class 8
  • NCERT Syllabus for class 9
  • NCERT Syllabus for Class 10
  • NCERT Syllabus for Class 11
  • NCERT Syllabus for Class 12
  • CBSE Date Sheet
  • CBSE Syllabus
  • CBSE Admit Card
  • CBSE Result
  • CBSE Result Name and State Wise
  • CBSE Passing Marks

CBSE Class 10

  • CBSE Board Class 10th
  • CBSE Class 10 Date Sheet
  • CBSE Class 10 Syllabus
  • CBSE 10th Exam Pattern
  • CBSE Class 10 Answer Key
  • CBSE 10th Admit Card
  • CBSE 10th Result
  • CBSE 10th Toppers

CBSE Class 12th

  • CBSE Board Class 12th
  • CBSE Class 12 Date Sheet
  • CBSE Class 12 Admit Card
  • CBSE Class 12 Syllabus
  • CBSE Class 12 Exam Pattern
  • CBSE Class 12 Answer Key
  • CBSE 12th Result
  • CBSE Class 12 Toppers

CISCE Board 10th

  • ICSE 10th time table
  • ICSE 10th Syllabus
  • ICSE 10th exam pattern
  • ICSE 10th Question Papers
  • ICSE 10th Result
  • ICSE 10th Toppers
  • ISC 12th Board
  • ISC 12th Time Table
  • ISC Syllabus
  • ISC 12th Question Papers
  • ISC 12th Result
  • IMO Syllabus
  • IMO Sample Papers
  • IMO Answer Key
  • IEO Syllabus
  • IEO Answer Key
  • NSO Syllabus
  • NSO Sample Papers
  • NSO Answer Key
  • NMMS Application form
  • NMMS Scholarship
  • NMMS Eligibility
  • NMMS Exam Pattern
  • NMMS Admit Card
  • NMMS Question Paper
  • NMMS Answer Key
  • NMMS Syllabus
  • NMMS Result
  • NVS Admit Card
  • NTSE Application Form
  • NTSE Eligibility Criteria
  • NTSE Exam Pattern
  • NTSE Admit Card
  • NTSE Syllabus
  • NTSE Question Papers
  • NTSE Answer Key
  • NTSE Cutoff
  • Navodaya Result
  • Navodaya Exam Date
  • Navodaya Vidyalaya Admission Class 6
  • JNVST admit card for class 6
  • JNVST class 6 answer key
  • JNVST class 6 Result
  • JNVST Class 6 Exam Pattern
  • Navodaya Vidyalaya Admission
  • JNVST class 9 exam pattern
  • JNVST class 9 answer key
  • JNVST class 9 Result

Schools By Medium

  • Malayalam Medium Schools in India
  • Urdu Medium Schools in India
  • Telugu Medium Schools in India
  • Karnataka Board PUE Schools in India
  • Bengali Medium Schools in India
  • Marathi Medium Schools in India

By Ownership

  • Central Government Schools in India
  • Private Schools in India
  • Schools in Delhi
  • Schools in Lucknow
  • Schools in Kolkata
  • Schools in Pune
  • Schools in Bangalore
  • Schools in Chennai
  • Schools in Mumbai
  • Schools in Hyderabad
  • Schools in Gurgaon
  • Schools in Ahmedabad
  • Schools in Uttar Pradesh
  • Schools in Maharashtra
  • Schools in Karnataka
  • Schools in Haryana
  • Schools in Punjab
  • Schools in Andhra Pradesh
  • Schools in Madhya Pradesh
  • Schools in Rajasthan
  • Schools in Tamil Nadu

Download Careers360 App's

Regular exam updates, QnA, Predictors, College Applications & E-books now on your Mobile

student

Certifications

student

We Appeared in

Economic Times

Hindi Yatra

10+ दिवाली पर निबंध – Essay on Diwali in Hindi 2023

Essay on Diwali in Hindi  : दोस्तो आज हमने दिवाली पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखा है। इस निबंध के माध्यम से हमने भारतवर्ष में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्यौहार Diwali के बारे में जानकारी दी है कि यह कब मनाया जाता है और क्यों मनाया जाता है।

दिवाली का त्यौहार पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है इस त्यौहार को सभी धर्मों ने स्वीकारा है और खूब उत्साह है और हर्षोल्लास से हर वर्ष इस त्योहार को मनाते है।

दिवाली के इस निबंध को हमने अलग अलग शब्द सीमा मी लिखा है जिससे सभी विद्यार्थियों को निबंध लिखने में आसानी हो। आप दिवाली पर कविता भी पढ़ सकते है

essay on diwali in hindi

Get Some Best Essay on Diwali in hindi for students 100, 200, 500, 2000 words।

10 Line Essay on Diwali in Hindi For Class 2,3,4

(1) भारत में हिंदू धर्म के लोगों द्वारा बनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्यौहार दिवाली है।

(2) प्रत्येक वर्ष दीपावली अमावस्या के दिन सितंबर से अक्टूबर माह के मध्य में मनायी जाती है।

(3) भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास काटने के बाद अयोध्या लौटने पर उनके स्वागत में यह त्योहार मनाया जाता है।

(4) यह त्यौहार पांच दिनों तक चलता है जिसमें धनतेरस गोवर्धन पूजा भैया दूज इत्यादि उत्सव शामिल होते है।

यह भी पढ़ें –  दिवाली की शुभकामनाएं – Diwali ki Shubhkamnaye

(5) इन दिन सभी लोगों सभी लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते है रंग-बिरंगे फूलों और लाइटों से घर को सजाते है।

(6) दिवाली के दिन संध्या के समय भगवान श्री गणेश, महालक्ष्मी और मां सरस्वती की पूजा की जाती है।

(7) दीपावली किस दिन को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है क्योंकि इसमें सभी लोग अपने घरों में दीपक जलाते है जिससे चारों तरफ रोशनी ही रोशनी फैल जाती है।

(8) यह भारत देश का सबसे बड़ा त्यौहार है इसलिए इस उपलक्ष में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाता है।

(9) यह त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है सभी लोग नये कपड़े पहनते है बच्चे पटाखे छुड़ाते है और बड़े लोग एक दूसरे को गले लगाकर दिवाली की बधाइयां देते है।

(10) दिवाली बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में भी मनाया जाता है।

Short Essay on Diwali in Hindi For Class 5,6

भारत एक विशाल देश है जहां पर प्रत्येक दिन कोई ना कोई त्यौहार मनाया जाता है। इनमें सबसे बड़ा त्योहार Diwali को माना जाता है। दिवाली का त्योहार सितंबर से अक्टूबर माह के बीच में आता है। इस त्यौहार को प्रमुख रूप से हिंदू धर्म के लोगों द्वारा खूब धूमधाम से मनाया जाता है।

इस त्योहार को मनाने के लिए लोग महीने भर पहले से ही तैयारियां करनी चालू कर देते है। सभी लोग अपने घरों दुकानों और अपने आसपास के क्षेत्र की सफाई करते है और अपने घरों को रंग बिरंगे रंगों से रंगते है।

यह भी पढ़ें –  गणेश चतुर्थी पर निबंध – Essay on Ganesh Chaturthi in Hindi

दीपावली के त्योहार को मनाने की प्रमुख वजह यह है कि इस दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौट कर आए थे और वहां की निवासियों ने उनके स्वागत के लिए घी के दीपक जलाए थे जिसके कारण पूरा अयोध्या रोशनी से चमक उठा था।

इसीलिए दीपावली के दिन घोर अंधेरे को पराजित करने के लिए दीपक जलाए जाते है। दीपावली के दिन प्रमुख रूप से मां लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है साथ ही भगवान गणेश और मां सरस्वती की भी पूजा की जाती है।

दीपावली के दिन पूरा भारत रोशनी से जगमग हो उठता है चारों ओर खुशहाली ही खुशहाली छाई रहती है।

Diwali Par Nibandh in Hindi for Class 7, 8,9

भूमिका –

भारत विभिन्न, परंपराओं, संस्कृतियों, विचारों, भाषाओं एवं धर्मों वाला देश है यहां पर प्रत्येक धर्म का त्यौहार सभी लोग खूब धूमधाम से मनाते है। दिवाली का त्यौहार हिंदू धर्म के लोगों का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है और यह पूरे देश में मनाया जाता है।

दिवाली का त्यौहार दशहरे के 21 दिन बाद सितंबर से अक्टूबर माह के बीच में अमावस्या के दिन मनाया जाता है। दिवाली का त्यौहार वर्षा ऋतु के समाप्त होने और शरद ऋतु की प्रारंभ होने का संकेत होता है दीपावली के त्योहार पर मौसम गुलाबी ठंड के लिए भी रहता है जिससे चारों और खुशहाली का मौसम बनता है।

यह भी पढ़ें –  दि‍वाली पर कविता – Best Poem on Diwali in Hindi

दिवाली त्यौहार की पौराणिक मान्यता –

इस त्योहार को सिख, बौद्ध और जैन धर्म के लोग भी मनाते है जैन धर्म के लोग इसे महावीर के मोक्ष दिवस के रूप में मनाते है क्योंकि इसी दिन जैन धर्म के भगवान महावीर ने मोक्ष की प्राप्ति की थी तथा सिख समुदाय इसे बन्दी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है क्योंकि इसी दिन सिख समुदाय के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था।

दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी को धन-धान्य एवं सुख संपदा की देवी माना जाता है और साथ में भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा भी की जाती है।

दिवाली का त्यौहार आने से पहले ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई और रंगाई पुताई का काम प्रारंभ कर देते है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार Diwali के दिन महालक्ष्मी सभी साफ-सुथरे एवं स्वच्छ घरों में आती है और अपने साथ सुख समृद्धि भी लेकर आती है इसीलिए महालक्ष्मी की पूजा के समय सभी लोग अपने घर के दरवाजे खुले छोड़ देते है।

यह भी पढ़ें –  दशहरा पर निबंध – Essay on Dussehra in Hindi

दिवाली का आयोजन – 

यह त्यौहार 5 दिनों तक की लंबी अवधि तक चलने वाला त्यौहार है। पहले दिन लोग धनतेरस के रूप में मनाते हैं इस दिन में बाजार से कुछ वस्तुएं खरीद के लाते है दीपावली का दूसरा दिन नारक चतुर्दशी या छोटी दिपावली के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत का परचम लहराया था।

इस त्यौहार का तीसरा दिन बहुत प्रमुख होता है क्योंकि इसी दिन दीपावली का ऐतिहासिक पर्व मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या में पधारे थे इसलिए अयोध्या वासियों ने अपने भगवान राम को खुश करने के लिए उनके स्वागत में सभी जगह फूलों की बरसात कर दी और जी के दीपक जला दिए।

इसीलिए दिवाली के दिन भी दीपक जलाए जाते है वर्तमान में दीपक की जगह मोमबत्तियां और चाइनीज लाइटों ने ले ली है। दिवाली के चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है माना जाता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर भगवान इंद्र के क्रोध से हुई भारी वर्षा से बचाया था।

दिवाली का अंतिम दिन भैया दूज के रूप में मनाया जाता है इस दिन सभी भाई बहन एक दूसरे से मिलते है।

उपसंहार –

Diwali के इस पर्व के उपलक्ष में सभी लोग नए कपड़े पहनते है और अपने रिश्तेदारों को मिलते है जिससे समाज में सदभावना उत्पन्न होती है यह त्यौहार धार्मिक परंपरा के साथ साथ सामाजिक भावनाओं के साथ भी जुड़ा हुआ है।

Essay on Diwali in Hindi for Class 10,11,12

प्रस्तावना –.

दीपावली का त्यौहार खुशियों और सुख-समृद्धि का त्यौहार है। यह पांच दिवसीय हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्यौहार है। दिवाली के त्यौहार को भारत के प्रत्येक राज्य में मनाया जाता है। इस दिन अमावस्या की काली रात होने के बावजूद भी पूरा भारत रोशनी से जगमगाया हुआ होता है।

Diwali का त्यौहार असत्य पर सत्य की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। इस त्यौहार को सिर्फ हमारे देश में ही ही ही विदेशों में भी मनाया जाता है इससे इसकी प्रमुखता का पता लगाया जा सकता है। केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि इसका सामाजिक, आध्यात्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व भी है।

दिवाली के त्यौहार को हिंदू धर्म के लोगों के साथ साथ वर्तमान में अन्य लोगों द्वारा भी बहुत ही धूमधाम है और हर्षोल्लास से मनाया जाता है। दिवाली के दिन सभी लोग अपने दुख दर्द भुला कर खुशी से इस त्योहार को मनाते है।

यह भी पढ़ें –   मकर संक्रांति पर निबंध – Makar Sankranti Essay in Hindi

वर्ष 2022 में दीपावली कब है – Diwali Kab Hai

इस वर्ष दीपावली का त्यौहार 24 अक्टूबर 2022 को मनाया जाएगा । दिवाली के इस पवित्र पर्व को हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन मनाया जाएगा।

दिवाली त्योहार का इतिहास – History of Diwali in hindi

दीपावली का त्यौहार भारत में प्राचीन समय से ही मनाया जाता रहा है इस त्यौहार का इतिहास अलग-अलग राज्यों के लोग भिन्न-भिन्न मानते है लेकिन अधिकतर लोगों का मानना है कि जब भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे तब अयोध्या वासियों ने उनके स्वागत के लिए घी के दीपक प्रज्वलित किए थे और साथ ही अयोध्या के हर रास्ते को सुनहरे फूलों से सजा दिया गया था।

जिस दिन भगवान राम अयोध्या लौट कर आए थे उस दिन अमावस्या की काली रात थी जिसके कारण वहां पर कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था इसलिए अयोध्या वासियों ने वहां पर दीपक जलाए थे इसलिए इस दिन को अंधकार पर प्रकाश की विजय भी माना जाता है।

और यह सच भी है क्योंकि इस दिन पूरा भारत अमावस्या की काली रात होने के बावजूद भी दीपको की रोशनी से जगमगाता रहता है। जैन धर्म के लोग दीपावली के त्यौहार को इसलिए मनाते हैं क्योंकि इस दिन चौबीसवें तीर्थंकर, महावीर स्वामी को इस दिन मोक्ष की प्राप्ति हुई थी और संयोगवश इसी दिन उनके शिष्य गौतम को ज्ञान प्राप्त हुआ था।

सिख धर्म के लोग भी इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं वे लोग त्यौहार को इसलिए मनाते है क्योंकि इसी दिन ही अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था साथ ही सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को भी इसी दिन जेल से रिहा किया गया था

दिवाली त्योहार की तैयारी –

Deepavali के त्यौहार की तैयारियां भारत में महीने भर पहले ही प्रारंभ कर दी जाती है क्योंकि भारत में ज्यादातर है हिंदू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं इसलिए यह त्यौहार उनका सबसे बड़ा त्यौहार होता है। इस त्यौहार की तैयारियों को लेकर लोग इतने उत्सुक रहते हैं कि वह महीना भर पहले ही अपने घर और प्रतिष्ठानों की साफ सफाई करने लग जाते है।

हिंदू धर्म के लोगों का मानना है कि अगर घर में साफ सफाई होगी तो मां लक्ष्मी उनके घर पर आएगी और साथ में सुख समृद्धि भी लेकर आएगी।

यह भी पढ़ें – दिवाली पर स्लोगन – Slogan on Diwali in Hindi

आजकल लोग Diwali के कुछ दिन पहले ही घरों की रंगाई पुताई करवाते हैं साथ ही रंग बिरंगी लाइट ओं और फूलों द्वारा अपने घर और प्रतिष्ठान को सजाते है। बाजारों में इस त्यौहार के पहले एक अलग ही रौनक आ जाती है बाजार भीड़ से खचाखच भरे रहते है हर तरफ लोग खरीदारी करते दिखाई देते है।

दीपावली के त्यौहार को धूमधाम से मनाने के लिए लोग इस दिन के लिए नए कपड़े खरीदते हैं बच्चे खेलने के लिए खिलौने एवं पटाखे खरीदते है। दीपावली का यह त्यौहार 5 दिनों तक चलता है जिस के पहले दिन धनतेरस होती है।

धनतेरस के दिन लोग ज्यादा से ज्यादा खरीदारी करना पसंद करते हैं यह दिल लोग अपने घर कुछ ना कुछ बर्तन जरूर लेकर जाते है साथी लोग इस दिन सोने और चांदी के आभूषण खरीदना भी पसंद करते है। लोगों का मानना है कि इस दिन खरीदारी करने से घर में बरकत होती है।

दीपावली का दूसरा दिन नरक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर को मार गिराया था। कुछ लोगों द्वारा इस दिन को छोटी दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है इस दिन घर के बाहर 5 दीपक जलाए जाते है। प्राचीन परंपरा के अनुसार इस दिन लोग दीपक का काजल अपनी आंखों में डालते है उनका मानना है कि इसे आंखें खराब नहीं होती है।

तीसरा दिन दीपावली त्यौहार का मुख्य दिन होता है एक दिन महालक्ष्मी की पूजा की जाती है साथ ही विद्या की देवी मां सरस्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दिन घर में रंगोली बनाई जाती है और तरह-तरह की मिठाइयां बनाई जाती है।

दिवाली के दिन सभी लोग शाम के समय मां लक्ष्मी की पूजा करते है। इस दिन घर को दीपक जलाकर रोशनी से जगमग आ दिया जाता है भारत में इस दिन रात के समय सबसे ज्यादा रोशनी होती है जिसका उदाहरण अंतरिक्ष से ली गई फोटो में आप देख सकते हैं –

india space photo on diwali

दिवाली के चौथे दिन को गोवर्धन पूजा की जाती है क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र की क्रोध से हुई मूसलाधार वर्षा से लोगों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत अपनी एक अंगुली पर उठा लिया था। इस दिन घर के बाहर महिलाएं गोबर रखकर पारंपरिक पूजा करती है।

दिवाली त्योहार का आखिरी दिन भाई दूज के रूप में मनाया जाता है इस दिन बहन ने भाई को रक्षा सूत्र बनती हैं साथ ही तिलक लगाकर मिठाई खिलाती है और बदले में भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं और उन्हें अच्छा उपहार भी देते है। यह दिन कुछ कुछ रक्षाबंधन त्यौहार की तरह ही होता है।

दीपावली का महत्व – Importance of Diwali in hindi

दीपावली का त्योहार सभी वर्गों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है यह हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार माना गया है। सबसे बड़ा त्यौहार होने के कारण सभी की आस्था इस समय से जुड़ी हुई है यह त्यौहार सभी तरह के महत्व अपने अंदर समेटे हुए हैं इसके महत्व का वर्णन हमने नीचे किया है –

आध्यात्मिक महत्व –

दीपावली त्यौहार की आध्यात्मिक महत्व जुड़ा हुआ है यह त्योहार अनेक धार्मिक ऐतिहासिक और कहानियों से मिलकर बना है। इस त्योहार की नीव अच्छाई पर टिकी हुई है इसलिए यह त्योहार जब भी आता है तो सभी लोगों में एक अलग ही खुशी और आस्था होती है।

दीपावली के त्यौहार को हिंदू, जैन, सिख आदि धर्मों द्वारा भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इन सभी धर्मों में दीपावली के दिन ही ऐसी कोई ना कोई घटना हुई है जिससे अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा बुराई पर अच्छाई की विजय हुई है।

यह भी पढ़ें –  Holi Essay in Hindi – होली पर निबंध

दीपावली का त्यौहार पूजा पाठ हो रहा अच्छाई से जुड़ा हुआ है इसलिए लोग इस पर्व पर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ते है और इससे अच्छे विचारों को उद्गम होता है।

सामाजिक महत्व –

Diwali के त्योहार का सामाजिक महत्व भी बहुत बड़ा है क्योंकि इस त्योहार पर सभी धर्मों के लोग मिलजुलकर त्योहार को मनाते है। इस दिन सभी लोग पूजा करते हैं एक दूसरे से मिलने जाते है जिससे सामाजिक सद्भावना उत्पन्न होती है।

आजकल की भीड़भाड़ जिंदगी में लोगों को एक दूसरे से मिलने का कोई मिलता है इसलिए इस दिन लोग एक दूसरे से स्नेह मिलन के रूप में मिलते हैं साथ में एक दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं और गले मिलते हैं जिसे लोगों को एक दूसरे की भावनाओं और धर्मों को समझने में रुचि उत्पन्न होती है।

दीपावली के दिन छोटे बच्चे बड़ों के पैर छूते हैं और बड़े उन्हें आशीर्वाद देते है। इस त्योहार के दिन लोग एक दूसरे के साथ इतना घुल मिल जाते है जैसे कई रंग एक दूसरे में घुल गए हो, इसलिए इस त्योहार का सामाजिक महत्व भी बढ़ जाता है।

आर्थिक महत्व –

दीपावली के त्यौहार पर भारतीय लोग जमकर खरीदारी करते हैं वे अपने घरों में सभी सुख सुविधाओं की चीजें लेकर जाते है। सभी लोग अपने घरों में उपहार, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, राशन का सामान, कपड़े, मिठाइयां इत्यादि लेकर जाते है। इस पर्व पर लोग वर्ष के सभी दिनों से ज्यादा खरीदारी करते है।

हिंदू धर्म के लोगों का मानना है कि दिन खरीदारी करने से घर में किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहती है और इस दिन खरीदारी करने से वह वस्तु फलदाई रहती है। इसलिए बाजारों में इस दिन ज्यादा चहल-पहल और अधिक खरीदारी होती है जिसके कारण लोगों की आमदनी बढ़ जाती है।

दीपावली त्योहार के पीछे सबसे पुराना आर्थिक महत्व इस बात पर जुड़ा हुआ है कि भारत में लगभग सभी फसलें मानसून पर निर्भर करती है इसलिए गर्मियों की फसल इस त्यौहार के पर्व से कुछ दिन पहले ही पक कर तैयार हो जाती है तो किसान इस फसल को काटकर बाजारों में बेचकर आमदनी कमाता है।

चूँकि भारत में अधिकतर लोग खेती करते हैं इसलिए कई दिनों बाद फसल को बेचकर इस चमार पर उन्हें अच्छी आमदनी होती है इसलिए इस बार का आर्थिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

ऐतिहासिक महत्व –

दीपावली के त्यौहार के इस दिन बहुत सी ऐतिहासिक घटनाएं घटी है जिसके कारण इस त्योहार का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या में लौटे थे और वे श्रीराम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कहलाए थे।

इसी दिन समुंदर मंथन के दौरान मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था जिन्हें धन और सुख-समृद्धि की देवी भी कहा जाता है। स्वामी रामतीर्थ का जन्म व महाप्रयाण दोनों दीपावली के दिन ही हुए थे। दीपावली के पावन अवसर पर आर्य समाज की स्थापना हुई थी।

इसी दिन मुगल समाज के सबसे बड़े बादशाह है अकबर ने दौलत खाने में 40 फीट ऊंचा आकाश दीप जलाकर दीपावली त्यौहार को मनाना शुरू किया था। इस कारण हिंदू और मुसलमान धर्म के लोगों में एक दूसरे के प्रति नफरत खत्म हो गई थी।

1619 में दीवाली के दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था। महावीर स्वामी को इस दिन मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।

विदेशों में दिवाली का त्यौहार – Diwali festival abroad

मलेशिया – दीपावली के पर्व पर मलेशिया में भारत की तरह सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है। यहां पर सभी धर्मों के लोगों द्वारा मिलकर इस चौहान को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है इस त्यौहार के दिन सभी लोगों द्वारा सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है और पूरे दिन भर लोग अच्छे खाने का आनंद उठाते हैं और एक दूसरे से मिलते है।

दिवाली के इस त्योहार को मलेशिया में सामाजिक सद्भावना के रूप में मनाया जाता है

संयुक्त राज्य अमेरिका –

अमेरिका में भी भारतीय मूल के बहुत से लोग बसे हुए हैं इसलिए वहां पर भी Diwali के त्यौहार को उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। सन 2003 में अमेरिका के व्हाइट हाउस में पहली बार दिवाली का त्यौहार मनाया गया था। उसके बाद से लगभग पूरे अमेरिका ने इस त्योहार को अपना लिया। अमेरिका में 4 लाख भारतीय लोग रहते है।

नेपाल –

हमारे भारत देश का पड़ोसी देश नेपाल एक छोटा सा देश है जहां पर हमारी दीपावली के पर्व के दिन ही नव वर्ष मनाया जाता है। नेपाल में दीपावली को “तिहार” या “स्वन्ति” के रूप में जाना जाता है और वहां पर भी इसे 5 दिनों तक मनाया जाता है इस पर्व पर यहां के लोग दान धर्म करते हैं और पशु पक्षियों को भी खाना खिलाते है।

नेपाल के लोगों का मानना है कि इस दिन दान धर्म करने से पूरा साल अच्छा व्यतीत होता है। भारत का पड़ोसी देश होने के कारण नेपाल में भी भारतीय संस्कृति देखने को मिलती है। यहां पर भी पूरे विधि विधान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

सिंगापुर –

सिंगापुर में दीपावली के त्यौहार के उपलक्ष में राजपत्रित अवकाश होता है। यहां पर भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लोग रहते हैं जो कि दीपावली के त्यौहार को बड़ी धूम-धाम से मनाते है। दीपावली के त्यौहार पर सिंगापुर के बाजारों में भी रोनक देखने को मिलती है।

यहां पर भी भारतीय बाजारों की तरह ही सजावट की जाती है और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते है। सिंगापुर सरकार द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते है।

मॉरीशस –

इस देश की लगभग 44% आबादी भारतीय लोगों की है जिसके कारण यहां पर हिंदू संस्कृति बहुत बड़े पैमाने पर देखने को मिलती है साथ ही यहां पर दीपावली के त्यौहार के दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इस देश में हिंदी भाषा भी बोली जाती है।

श्रीलंका –

श्रीलंका में भी दीपावली के त्यौहार के उपलक्ष में सार्वजनिक अवकाश होता है यहां पर भारतीय मूल के तमिल लोग अधिक मात्रा में रहते हैं जिसके कारण यहां पर भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। यहां पर भी दीपावली को खूब हर्षोल्लास से मनाया जाता है दीपावली के दिन यहां पर महालक्ष्मी की पूजा की जाती है और चारों तरफ मोमबत्तियां और दीपक जलाए जाते है।

इस त्योहार से हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहती है यह त्यौहार हमें सिखाता है कि कभी भी अंधकार से नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक छोटे से दीपक की लौ भी काले अंधकार को प्रकाश में बदल सकती है। इसलिए समय हमेशा जीवन में आशावादी रहना चाहिए और अपने जीवन में हमेशा खुश रहना चाहिए।

दीपावली का त्यौहार सांस्कृतिक इन सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है इस त्यौहार से सभी के जीवन में खुशियां आती है इसी त्यौहार के कारण लोगों में आज भी सामाजिक एकता बनी हुई है।

यह भी पढ़ें –

दुर्गा पूजा पर निबंध – Essay on Durga Puja in Hindi

दिवाली पर स्लोगन – Slogan on Diwali in Hindi

दि‍वाली पर कविता – Best Poem on Diwali in Hindi

छठ पूजा पर निबंध – Essay on Chhath Puja in Hindi

श्री लक्ष्मी जी की आरती । Laxmi Ji Ki Aarti

हम आशा करते है कि हमारे द्वारा Essay on Diwali in Hindi  आपको पसंद आया होगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले। इसके बारे में अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

10 thoughts on “10+ दिवाली पर निबंध – Essay on Diwali in Hindi 2023”

Good knowledge and very nice word to you use.Thanks

Thank you Mahesh Singh rajput for appreciation and keep visiting hindi yatra.

Thanks for wriing does lines …. it’s hepls me for doing my project

Thank you Sakshi for appreciation.

Great essays There were so many interesting facts

It helps me for my first time paragraph writing

We glad you like our content, Thank you Deveshi for appreciation and keep visiting hindi yatra.

Very nice information about Diwali thanks for sharing this type helpful and magical informatrion.

thank you Arun for appreciation, keep visiting hindiyatra.

Good line Thanks for writing

thank you aniket

Leave a Comment Cancel reply

GyaanGranth

दीपावली पर निबंध कक्षा 8 के लिए – Essay on Diwali for Class 8th

November 6, 2023

No Comments

Photo of author

By Nitesh Harode

परीक्षा में कई तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं उन्ही मेसे एक प्रश्न होता है निबन्ध लिखिए, जो किसी भी विषय पर हो सकता है परन्तु खास कर दीपावली पर ही लिखने के लिए कहा जाता है। यदि आप कक्षा 8 में है और दीपावली पर निंबध की तलाश कर रहें हैं तो आपको इस लेख में दीपावली पर निबंध कक्षा 8 के लिए – Essay on Diwali for Class 8th मिल जाएगा जिसे आप याद कर परीक्षा में लिख कर अच्छे अंक पा सकते हैं।

Table of Contents

भारत देश त्योहारों का देश है यहाँ कई तरह के त्यौहार मनाएं जाते हैं साथ ही यहाँ हर धर्म के लोग भी निवास करते हैं इसीलिए इस देश में त्योहारों की कोई कमी नहीं है। भारत में प्रमुख त्यौहार मे सबसे प्रमुख त्यौहार है दिवाली का त्यौहार जो भारत के हर कौने में तो मनाया ही जाता है साथ ही विदेशो में भी मनाया जाता है। यह हिन्दुओ का प्रमुख त्यौहार है तथा यह पांच दिन तक चलने वाला त्यौहार है। इस त्यौहार को बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है तथा इस दिन पटाखे फोड़े जाते हैं और माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है, इस दिन का हर किसी को बेसब्री से इंतजार होता है।

दीपावली क्यों मनाई जाती है?

हिन्दू धर्म के प्रमुख भगवान राम 14 वर्ष के वनवास को पूर्ण कर अपनी जन्मभूमि अयोध्या लोटे थे इसकी ख़ुशी में अयोध्या के वासियों ने पूरी अयोध्या को सजाया था तथा अपने घरो के आगे दीपक जला कर रौशनी की थी तभी से यह त्यौहार पुरे देश में हर्सौल्लास से मनाया जाता है, और इसे रोशनी का त्योहार कहा जाता है।

दिवाली की तैयारी

दीपावली की तैयारी कई दिनों पहले ही शुरू हो जाती है, महिलाएं घर की साफ़ सफाई करना प्रारम्भ कर देती है, घर की पुताई, रंग रोगन सजावट की जाती है। दिवाली के कुछ दिनों पहले ही दिवाली के त्यौहार का आभास होने लगता है क्योकि घरो पर लाइट आदि लगा दी जाती है। इस त्यौहार पर बाजारों में अत्यधिक भीड़ रहती है क्योकि दीपावली पर नये कपड़े, आवश्यक सामग्री, पूजा सामग्री, गणेश जी, लक्ष्मी जी फोटो खरीदने वालो की भीड़ रहती है। दीपवाली के दिन घर घर जा कर मिठाइयां भी बाटी जाती है इसीलिए मिठाईयों की दुकानों पर भी भीड़ रहती है। दिवाली पर पटाखे फोड़े जाते हैं तथा जगह जगह आतिशबाजियां की जाती है इसीलिए पटाखों की दुकानों पर भी बच्चों और पटाखों के शोकिन लोगों की भीड़ लगी रहती है।

दीपावली कैसे मनाई जाती है?

दीपावली के त्यौहार की शुरुआत इस त्यौहार के 2 दिन पहले ही हो जाती है, यह त्यौहार 5 दिन का होता है इसमें पहले दिन धनतेरस मनाई जाती है जिसमे धन्वंतरि भगवान की पूजा की जाती है और इस दिन बर्तन आभुषण खरीदे जाते हैं इसके बाद अगले दिन रूप चौदस मनाई जाती है इस दिन सुबह स्नान कर सौन्दर्य वृद्धि की कामना की जाती है। तीसरे दिन दीपावली मनाई जाती है, हिन्दू केलेंडर के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हर साल दीपावली मनाई जाती है, इस दिन हर घर में माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है तथा घर और मन्दिरों में दीपक लगाएं जाते है, तथा माता लक्ष्मी से धन ऐश्वर्य और वैभव की कामन की जाती है। महिलाएं घर घर जा कर मिठाइयां और पकवान बाटती है, दीपावली पर हर घर में कई तरह के पकवान बनाएं जाते हैं, बच्चे और कई बड़े लोग सभी इस दिन पटाखे फोड़ते हैं तथा फुलझड़ियाँ जलाते हैं तथा हर कोई एक दुसरे को दीपावली की बधाई देता है। चौथे दिन गोवर्धन पूजा होती है आंगन में गोबर से गोवर्धन बनाए जाते हैं तथा पांचवे दिन भाई दूज मनाई जाती है इस दिन बहन अपने भाई को अपने घर बुलाकर उसे खाना खिलाती है और उसे तिलक आदि करती हैं।

दीपावली और असामाजिक तत्व

दीपावली के दिन कुछ असामाजिक तत्व शराब का सेवन करते हैं, जूआँ खेलते हैं तथा पटाखों का गलत तरीके से उपयोग करते हैं जिससे किसी को भी नुकसान पहुच सकता है। इसीलिए इस दिन प्रशासन हर वक़्त निगरानी करता हुआ नजर आता है ताकि कोई भी सामाजिक तत्व शहर में अशांति न फैला सकें।

दीपावली के दिन भाईचारा बढ़ाया जाता है तथा अपने अंदर की बुराईयों को मिटा कर प्रकाश रुपी अच्छाईयों को धारण किया जाता हैं, इस दिन बहुत ही सकारात्मक माहौल रहता है, हर कोई खुश नज़र आता है और अपने परिवार तथा दोस्तों के साथ मिल कर इस त्यौहार को बड़े उत्साह के साथ मनाता है। हर जगह पटाखे फोड़ते लोग दिखाई देते हैं और इस त्यौहार का आनंद लेते हैं। इस दिन गरीबो की भी मदद करना चाहिए ताकि वह भी इस त्यौहार को मना सकें, भारत में हर कोई इस त्यौहार को बड़े अच्छे से मनाए इसका ध्यान रखते हुए सभी को एक दुसरे की मदद करना चाहिए तथा सारे गिले शिकवे भूला देना चाहिए। दीपावली का त्यौहार प्रेम का त्यौहार है इसी दिन 14 वर्षो के बाद राम अयोध्या आये थे और अपने परिवार तथा प्रजा से मिले थे।

दीपावली पर 10 लाइनें – 10 Lines on Diwali in Hindi

  • दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है।
  • इसे दीपकों का त्योहार भी कहा जाता है, तथा इस दिन मिट्टी के दिये जलाये जाते हैं।
  • दीपावली पर श्री राम के 14 वर्ष के वनवास को पूर्ण कर अयोध्या लोटे थे इस ख़ुशी में और उनके स्वागत में यह त्यौहार मनाया गया था।
  • हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को यह त्यौहार आता है। 
  • दिवाली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है ताकि घर में ऋद्धि-सिद्धिं बनी रहे।
  • दीपावली का त्यौहार भारत की संस्कृति और परंपरा का आदर्श है।
  • दीपावली में सभी लोग अपने घरों को कई प्रकार के रंग बिरंगी लाइटों से सजाते हैं।
  • दीपावली के दिन फुलझड़ी, फटाखे आदि जलाएं जाते हैं।
  • दिवाली का त्यौहार हर्सोल्लास से मनाया जाता है ।
  • दिवाली की शाम सभी लोग अपने आस-पास अपने रिश्तेदारों को मीठा बांटते हैं।

कुछ और महत्वपूर्ण लेख –

  • [2022] गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं
  • लठमार होली कहां मनाई जाती है?
  • दीपावली पर निबंध 200 शब्दों में

क्या बुधवार को सोना खरीदना होता है अशुभ?

ये है कर्पूर गौरम करुणावतारं मंत्र का अर्थ, हर आरती के बाद बोला जाता है।, leave a comment cancel reply.

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

CollegeDekho

Frequently Search

Couldn’t find the answer? Post your query here

  • एजुकेशन आर्टिकल्स

दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi) - हिंदी में दीपावली पर निबंध कक्षा 1 से 8 तक के लिए 200 से 500 शब्दों में यहां देखें

Updated On: November 09, 2023 04:35 pm IST

  • दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi) - शुभ …

दिवाली पर पैराग्राफ (Paragraph on Diwali in Hindi)

  • दिवाली पर निबंध 200 शब्दों में (Essay on Diwali in …
  • दिवाली पर हिंदी में निबंध 500 शब्दों में (Essay on …
  • दिवाली पर निबंध हिंदी में (Essay on Diwali in Hindi) …
  • दिवाली पर हिंदी में निबंध 10 लाइन (Essay on Diwali …
  • हिंदी में दीपावली निबंध (Deepavali Essay in Hindi) - दिवाली …

दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi)

दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi) - शुभ मुहूर्त

  • दीपदान: लोग अपने घरों, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर दीपक जलाते हैं।
  • पटाखे चलाना: लोग आतिशबाजी और पटाखे चलाते हैं।
  • भाई दूज: बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और उन्हें उपहार देती हैं।
  • छोटी दिवाली: यह दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाती है। इस दिन, लोग लक्ष्मी पूजन करते हैं।

दिवाली पर निबंध 200 शब्दों में (Essay on Diwali in Hindi in 200 words)

--

दिवाली पर हिंदी में निबंध 500 शब्दों में (Essay on Diwali in Hindi in 500 Words) - प्रस्तावना

Paragraph on Diwali in Hindi

दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi)

दिवाली पर निबंध हिंदी में (essay on diwali in hindi) - उपसंहार, दिवाली पर हिंदी में निबंध 10 लाइन (essay on diwali in hindi in 10 lines).

  • दिवाली या दीपावली एक भारतीय धार्मिक त्योहार है।
  • यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतिक है.
  • दुनिया भर में लोग अलग-अलग कारणों और अवसरों पर दिवाली मनाते हैं।
  • दीये, मोमबत्तियाँ जलाना और पटाखे फोड़ना दिवाली उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • दिवाली या शुभ दीपावली न केवल हिंदू समुदाय के बीच बल्कि अन्य धर्मों के लोगों द्वारा भी मनाई जाती है।
  • दिवाली आमतौर पर पांच दिवसीय त्योहार है और इस दौरान भारत में हर साल सोने और नए कपड़ों की बिक्री आसमान छूती है।
  • हिंदू कैलेंडर के अनुसार, दिवाली कार्तिक माह के 15वें दिन मनाई जाती है।
  • अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर महीने में मनाया जाता है।
  • आमतौर पर, दिवाली उत्सव के रूप में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों के लिए 3 से 4 दिनों की छुट्टियों की घोषणा की जाती है।
  • इस अवसर पर देश भर से परिवार और मित्र एकत्रित होते हैं और आनंदमय समय एक साथ बिताते हैं।

diwali ke bare mein

हिंदी में दीपावली निबंध (Deepavali Essay in Hindi) - दिवाली के साथ मनाए जाने वाले अन्य त्यौहार

  • दिवाली लगभग 5 दिनों का त्यौहार है, दिवाली से एक दिन पहले लोग धातु की वस्तुएं (सोना, चांदी, पीतल आदि) की खरीदारी करके धनतेरस का त्यौहार मनाते हैं।
  • दिवाली के अगले दिन को लोग छोटी दीपावली के रूप में भी मनाते हैं।
  • दीपावली के तीसरे दिन देवी महालक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है।
  • इसके बाद, दीपावली से ठीक चौथे दिन पर गोवर्धन पूजा की जाती है क्योंकि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने इंद्रदेव के क्रोध से हुई मूसलाधार वर्षा से लोगों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था।
  • दीपावली के पांचवे दिन आखिरी पर्व को भाई दूज के रूप में मनाया जाता है।

Are you feeling lost and unsure about what career path to take after completing 12th standard?

Say goodbye to confusion and hello to a bright future!

दिवाली का पूरा कैलेंडर यहां दिया गया है- 

धनतेरस 10 नवंबर 
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)12 नवंबर 
शुभ दीपावली 12 नवंबर 
गोवर्धन पूजा 14 नवंबर 
भाई दूज 14 नवंबर 

शुभ दीपावली का उत्सव कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है और ज्योतिष शाश्त्र के अनुसार इस वर्ष दिवाली 12 नवंबर 2023, दिन रविवार को मनाया जाएगा। 

दीपावली को लेकर कई किस्से हैं लेकिन, हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान राम, रावण को मारकर और 14 वर्षों का वनवास काटकर अयोध्या नगरी वापस लौटे थे, उनके आने की खुशी में अयोध्या वासियों ने घी के दीप जलाए व जश्न मनाया था और तब से भारत में दिवाली की शुरुआत हुई।

दिवाली को दीपावली भी कहा जाता है और इसके पीछे कारण यह है कि दीपावली संस्कृत शब्द से लिया गया है, जिसका का अर्थ होता है- दीप + आवलिः (कतार में रखे हुए दिप)।

प्राचीनकाल में दिवाली को दीपोत्सव के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ है दीपों का उत्सव होता है। 

प्राचीन काल से दिवाली को विक्रम संवत के कार्तिक माह में मनाया जा रहा है। पद्म पुराण और स्कन्द पुराण में दिवाली का उल्लेख मिलता है। दिये को स्कन्द पुराण में सूर्य के हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाला माना गया है, जो जीवन के लिए प्रकाश और ऊर्जा का लौकिक दाता भी है।

उत्तर भारत में लोग मिट्टी के दीयों को जलाकर रावण को हराने के बाद श्री राम की अयोध्या वापसी का जश्न मनाते हैं, जबकि दक्षिणी भारत इसे उस दिन के रूप में मनाता है जब भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर को हराया था।

दिवाली पर निबंध हिंदी में लिखकर नमूना के साथ यहां विस्तार में बताया गया है। इच्छुक इस लेख में दिए गए बिंदुओं से अपने लिए बेहतरीन हिंदी में दीपावली पर निबंध तैयार कर सकते हैं। 

क्या यह लेख सहायक था ?

सबसे पहले जाने.

लेटेस्ट अपडेट प्राप्त करें

क्या आपके कोई सवाल हैं? हमसे पूछें.

24-48 घंटों के बीच सामान्य प्रतिक्रिया

व्यक्तिगत प्रतिक्रिया प्राप्त करें

बिना किसी मूल्य के

समुदाय तक पहुंचे

समरूप आर्टिकल्स

  • प्रदूषण पर निबंध (Essay on Pollution in Hindi): हिंदी में प्रदूषण पर 200-500 शब्दों में निबंध
  • यूजीसी नेट 2024 सब्जेक्ट लिस्ट (UGC NET 2024 Subject List in Hindi): 83 विषयों के नाम और सिलेबस डाउनलोड करें
  • स्वामी विवेकानंद पर निबंध (Essay on Swami Vivekananda in Hindi): 200 और 500+ शब्दों में निबंध लिखना सीखें
  • वसुधैव कुटुंबकम् पर निबंध (Vasudhaiva Kutumbakam Essay in Hindi) - 100, 200 और 500 शब्दों में
  • यूपी बी.एड जेईई काउंसलिंग 2024 के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट की लिस्ट (Documents Required for UP B.Ed JEE Counselling 2024)
  • यूपी बोर्ड क्लास 10वीं एडमिट कार्ड 2025 कैसे डाउनलोड करें? (How to Download UP Class 10 Admit Card 2025?)

नवीनतम आर्टिकल्स

  • राजस्थान पीटीईटी 2024 में अच्छा स्कोर क्या है? (What is a Good Score in Rajasthan PTET 2024?)
  • यूपी बी.एड जेईई 2024 में अच्छा स्कोर और रैंक क्या है? (What is a Good Score and Rank in UP B.Ed JEE 2024?)
  • यूपी बीएड जेईई एडमिशन 2024 (UP B.Ed JEE Admission 2024): एप्लीकेशन फॉर्म, तारीख, रजिस्ट्रेशन, एलिजिबिलिटी और काउंसलिंग यहां चेक करें
  • बीएड एडमिशन 2024 (B.Ed Admission 2024): आवेदन तारीख, पात्रता, चयन प्रक्रिया और टॉप कॉलेज
  • 10वीं एग्जाम डेट 2024 (10th Exam Date 2024): सभी बोर्ड का मैट्रिक टाइम टेबल और डेटशीट डाउनलोड करें
  • एचपी टीईटी 2024 (HP TET 2024): परीक्षा तारीख (22 जून- 2 जुलाई), रिजल्ट, आंसर की, चयन प्रक्रिया यहां देखें
  • बी.एड. एंट्रेंस एग्जाम 2024 के लिए बेस्ट बुक्स की लिस्ट (Best Books for B.Ed. Entrance Exams 2024)
  • राजस्थान बीएसटीसी कॉलेजों की लिस्ट 2024 (Rajasthan BSTC Colleges List 2024): बीएसटीसी कॉलेजों की फीस के साथ सीट मैट्रिक्स यहां देखें
  • राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं ग्रेडिंग सिस्टम 2024 (Rajasthan Class 10th Grading System 2024) - आरबीएसई 10वीं ग्रेडिंग सिस्टम और पासिंग मार्क्स यहां देखें
  • आरबीएसई 10वीं एडमिट कार्ड 2024 कैसे डाउनलोड करें? (How to Download RBSE 10th Admit Card 2024?) - डेट, डायरेक्ट लिंक
  • सीयूईटी 2024 में अच्छा स्कोर क्या है? (What is a Good Score in CUET 2024?)
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के लिए सीयूईटी कटऑफ 2024 (Banaras Hindu University CUET Cutoff 2024): पिछले रुझानों के आधार पर देखें अपेक्षित कटऑफ
  • दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए सीयूईटी कटऑफ 2024 (Delhi University CUET Cutoff 2024): टॉप कॉलेजों के लिए अपेक्षित कटऑफ
  • बीएड कॉमर्स 2024 में कॉमर्स विषयों की लिस्ट (List of Commerce Subjects in B.Ed Commerce 2024) - एडमिशन प्रक्रिया, एप्लीकेशन फॉर्म, एलिजिबिलिटी, टॉप कॉलेज
  • राजस्थान में सीयूईटी स्वीकार करने वाले कॉलेज (Colleges Accepting CUET in Rajasthan): केंद्रीय, डीम्ड, राज्य और निजी विश्वविद्यालयों की लिस्ट यहां देखें
  • मध्य प्रदेश में सीयूईटी स्वीकार करने वाले कॉलेज (Colleges Accepting CUET in MP): राज्य, केंद्रीय, डीम्ड और प्राइवेट कॉलेजों की लिस्ट यहां देखें
  • हरियाणा में सीयूईटी स्वीकार करने वाले कॉलेज (Colleges Accepting CUET in Haryana): डीम्ड, राज्य, केंद्रीय और निजी विश्वविद्यालयों की लिस्ट
  • बिहार में सीयूईटी स्वीकार करने वाले कॉलेज (Colleges Accepting CUET in Bihar): केंद्रीय और निजी विश्वविद्यालयों की लिस्ट
  • यूपी में सीयूईटी स्वीकार करने वाले कॉलेज (Colleges Accepting CUET in UP): केंद्रीय, राज्य, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों की लिस्ट
  • एमपीएसओएस रिजल्ट 2024 (MPSOS Result 2024 in Hindi): रुक जाना नहीं 10वीं, 12वीं रिजल्ट यहां चेक करें
  • आरबीएसई 12वीं कॉमर्स रिजल्ट 2024 जारी (RBSE 12th Commerce Result 2024 in Hindi) - BSER अजमेर इंटर कॉमर्स रिजल्ट @rajeduboard.rajasthan.gov.in पर चेक करें
  • आरबीएसई 12वीं आर्ट्स रिजल्ट 2024 जारी (RBSE 12th Arts Result 2024 in Hindi): BSER अजमेर इंटर कला परिणाम @rajeduboard.rajasthan.gov.in पर देखें
  • राजस्थान बोर्ड 12वीं साइंस रिजल्ट 2024 (RBSE 12th Science Result 2024 in Hindi): आरबीएसई इंटर साइंस रिजल्ट जारी @rajeduboard.rajasthan.gov.in

नवीनतम समाचार

  • CUET Result 2024 Date: यहां जानें जून में किस दिन आएगा सीयूईटी यूजी का रिजल्ट
  • RBSE 10th Result 2024 Link: इस लिंक से एक क्लिक में देखें BSER पर अपना रिजल्ट
  • CUET Qualifying Marks 2024: सीयूईटी क्वालीफाई करने के लिए जनरल को लाने होंगे इतने मार्क्स
  • CUET Qualifying Percentile 2024: इस पर्सेंटाइल पर OBC हो सकेंगे सीयूईटी में क्वालीफाई
  • Maharashtra SSC Result 2024 Class 10 Out: 95.81% छात्र हुए पास, SSC 10वीं रिजल्ट लिंक यहां देखें
  • Jamia Millia Islamia Cutoff 2024: JMI CUET कटऑफ जनरल सहित सभी श्रेणियों के लिए देखें
  • BBAU Cutoff 2024: बीबीएयू बीटेक कटऑफ जनरल, ओबीसी, एससी और एसटी के लिए देखें
  • Neet Result 2024 Date: NTA इस दिन जारी करेगा नीट का परिणाम, देखें डिटेल्स
  • RBSE 10th, 12th Result 2024 Latest Update: राजस्थान बोर्ड रिजल्ट से संबंधित लेटेस्ट अपडेट, लिंक, यहां देखें
  • RBSE Result 2024: ऑनलाइन और ऑफलाइन ऐसे देख सकते हैं राजस्थान बोर्ड का रिजल्ट
  • RBSE 12th Result 2024 (Science, Arts & Commerce): आरबीएसई ने जारी किया राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट 2024

ट्रेंडिंग न्यूज़

एम्स बीएससी नर्सिंग सीट मैट्रिक्स 2024 (AIIMS BSc Nursing Seat Matrix 2024)

Subscribe to CollegeDekho News

  • Select Program Type UG PG Diploma Ph.D Certificate

Top 10 Education Colleges in India

  • Approved by: UGC, NAAC, National Assessment and Accreditation Council (NAAC)
  • Type: Private Aided
  • Download Brochure
  • Approved by: ISO, NAAC, AICTE
  • Type: Private UnAided
  • Get Free Counselling
  • Approved by: UGC, NAAC
  • Type: Public
  • Type: Private
  • Approved by: Bar Council of India, AIU, NCTE, Pharmacy Council of India, NABL, IAP, UGC-AICTE-DEC ( Joint committee), ICAR, Indian Association of Physiotherapists, NCTE, ACU, UGC, ACBSP, NAAC, COA, National Assessment and Accreditation Council (NAAC), IAU, Punjab State Council For Agricultural Education (PSCAE), Institute Of Town Planners, ITPI
  • Approved by: UGC, National Assessment and Accreditation Council (NAAC)
  • Type: Government
  • Approved by: UGC, AIU, ISO, RCI, ICAR, NCTE, ACU, BCI, PCI
  • Approved by: UGC, AICTE, BCI, AIU, NCTE, NAAC

Popular Degrees

  • B.Ed. (Bachelor of Education)
  • M.Ed. (Master of Education)
  • B.Ed. + M.Ed.

कॉलेजदेखो के विशेषज्ञ आपकी सभी शंकाओं में आपकी मदद कर सकते हैं

  • Enter a Valid Name
  • Enter a Valid Mobile
  • Enter a Valid Email
  • Select Level UG PG Diploma Ph.D Certificate
  • By proceeding ahead you expressly agree to the CollegeDekho terms of use and privacy policy

शामिल हों और विशेष शिक्षा अपडेट प्राप्त करें !

Details Saved

write an essay on diwali in hindi for class 8

Your College Admissions journey has just begun !

Try our AI-powered College Finder. Feed in your preferences, let the AI match them against millions of data points & voila! you get what you are looking for, saving you hours of research & also earn rewards

For every question answered, you get a REWARD POINT that can be used as a DISCOUNT in your CAF fee. Isn’t that great?

1 Reward Point = 1 Rupee

Basis your Preference we have build your recommendation.

दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi(1000W)

दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi(1000W)

आज हमने इस आर्टिकल में दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi लिखा है जिसमें हमने प्रस्तावना, पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व, वैज्ञानिक दृष्टि से महत्व, व्यावसायिक महत्व, दार्शनिक महत्व, दिवाली से लाभ और दिवाली से हानि, Ecofriendly मनाने का तरीके, कविताएं तथा दिवाली पर 10 लाइन के बारे में लिखा है।

Table of Contents

प्रस्तावना (दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi)

प्रतिवर्ष कार्तिक मास के अमावस के दिन हिंदू समाज में दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।दिवाली का अर्थ है- दीपों की पंक्ति इस दिन घर- घर को दीपों से सजाया जाता है इसीलिए इस पर्व को दिवाली कहते हैं। एक साथ असंख्य दीपों की जगमगाती लड़ियों से संपूर्ण वातावरण प्रकाशित हो  उठता होता है।

दीपमालाओं की प्रज्वलित सिखाओ की  घटा देखते ही बनती है, घर घर में लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। इस दिन लोग आपकी दुश्मनी को भूलकर एक दूसरे के घर जाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं।

बच्चों के लिए यह दिन विशेष खुशी का होता है इस दिन रंग-बिरंगे कपड़ों को पहनकर पटाखे फोड़ते हैं और अपने दोस्तों के साथ मिठाईयां खाते हैं। दिवाली मनाने की तैयारी पहले से ही प्रारंभ हो जाती है। लोग अपने घरों और दुकानों को साफ-सफाई करवाते हैं तथा रंग लगाते हैं और अनेक प्रकार के रंग बिरंगे बल्ब के द्वारा सजाते हैं।

दीपावली का इतिहास व महत्व History and importance of Deepawali in Hindi

 दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दीपावली नाम दिया गया है। अर्थात दीपावली का अर्थ होता है दीपों की अवलि। कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह पर्व अंधेरी रात को दिये जलाकर दीपावली मनाया जाता है। दीपावली के पीछे अलग-अलग कारण और कहानियां हैं।

1. भगवान राम कार्तिक अमावस्या को 14 वर्ष का वनवास  पूरा करके तथा असुरी कृतियों के प्रति बुराई का दमन करके अयोध्या लौटे थे तो अयोध्या वासियों ने उनके स्वागत में पूरे अयोध्या को असंख्य दिये जलाकर  उन की स्वागत की थी  तथा उत्सव मनाए थे इसी कारण यह प्रमुख त्योहारों में से एक है।

2. इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी नरकासुर का वध किया। इसलिए इस दिन जनता खुश हो कर के अपने घरों में घी के दीया जलाए थे।

पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व Mythological and Historical significance in Hindi

दिवाली का अपना पौराणिक महत्व है। इसका संबंध पुराणों से वर्णित भारतीय समाज के पौराणिक इतिहास से है। इसी दिन काली माता ने रक्तबीज नामांक राक्षस का संहार क्या था, जिसके अत्याचार से संपूर्ण समाज परेशान था, उस दुष्ट राक्षस के सहार के बाद लोगों ने अपने घर में घी के दिये जलाए थे, इस मंगलकारी घटना के स्मृति में ही प्रतिवर्ष यह त्यौहार मनाया जाता है।

लंका विजय के बाद जब भगवान राम अयोध्या लौटे, तो इस दिन उनका राज्याभिषेक किया गया था, और संपूर्ण भारत वर्ष में दीपक जला कर ख़ुशियाँ मनाई गई थी, कुछ लोग दीपक का प्रारंभ है इसी दिन से मानते हैं किंतु विद्वानों का मानना है कि दिवाली का त्यौहार इससे भी प्राचीन काल से मनाया जाता रहा है। यह विद्वान इस पर्व का संबंध है मां काली द्वारा रक्तबीज के संघार से ही बताते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से महत्व Scientific Significance in Hindi

दिवाली का पौराणिक महत्व तो है ही लेकिन इसका वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्व है। वर्षा ऋतु से उत्पन्न न कीड़े, मकोड़े जल, में  घास -फूस एवं गंदगी के सड़ने से उत्पन्न विषैली गैस, तथा घर मकान में व्याप्त सीलन को दूर करने में दिवाली के त्यौहार की महत्वपूर्ण भूमिका है।

लोग दिवाली का त्यौहार आने की बहुत पहले से ही उनके घरों एवं आस पास की सफाई करना प्रारंभ कर देते हैं। वे घर एवं दुकानों पर नया रंग रोगन करवाते हैं।  इससे घर कि सीतन एवं कोनों में छुपे हुए कीट मुखड़े भी नष्ट हो जाते हैं।

प्राचीन काल से दिवाली के दिन सरसों एवं घी का दीपक जलाए जाते थे। इससे वातावरण का प्रदूषण दूर होता था। और कीड़े मकोड़े इसकी दीपशिखा ऊपर जल मरते हैं।

व्यवसायिक महत्व Business Value in Hindi

दिवाली के दिन व्यवसाय लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस दिन से किसी व्यवसाय कार्य का आरंभ है शुभ माना जाता है। इसके पीछे भी कुछ बताने का रहे हैं, इस काल में वर्षा ऋतु पूर्णतय समाप्त हो जाती है। यात्रा और व्यावसायिक कार्य के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है।

इस समय किसानों के घर धान की फसल काट कर आना शुरू हो जाती है, और उन्हें इसी समय अपने किसी संबंधी सामग्रियों का क्रय करना होता है। 

दीपावली का दार्शनिक महत्व Philosophical Importance in Hindi

दिवाली को प्रकाश पर्व कहा जाता है। यहां अंधेरे पर प्रकाश से तथा असत्य से सत्य पर विजय की प्रतीक है यह इस दार्शनिक तथ्य को अभिव्यक्त करता है कि, अंधेरा कितना भी खाना हो गया, ज्ञान और कर्तव्य का सामूहिक दीप अंधेरे को प्रकाश में बदल देता है।

किसी समाज के उत्थान के लिए प्रेरक इस तथ्य को वाड़ी देते हुए दीपमाला  की अनगिनत हमसे यह कहते हुए प्रतीत होती है कि, हमारी तरह जल कर देखो तुझे से भी प्रकाश की किरणें निखरने लगेगी जो समाज में छाए हुए अंधेरे को मिटा देगी।

दिवाली से लाभ Benefit from Diwali in Hindi

 दिवाली मात्र एक  त्यौहार ही नहीं अपितु इससे अनेक लाभ भी हैं, घर मोहल्लों के साथ सफाई  वातावरण की शुद्धि,  आपसि सद्भावना का विकास  तथा नए कार्य  व नए योजनाओं का आरंभ है करने की प्रेरणा के साथ-साथ दिवाली हमें अंधेरे से लड़ने की प्रेरणा भी देती है।

दिवाली से हानि Loss from Diwali in Hindi

मनुष्य एक ऐसा प्राणी है, जो अपने आंतरिक (ईर्ष्या और द्वेष से पुण) विचार एवं अज्ञानता पुण व्यवहारों के द्वारा किसी लाभप्रद रीति-रिवाजों को भी हानिकारक बना देता है।

दिवाली के दिन जुआ खेलने शराब पीने पर अनिष्ट आचरण से विनाश को आमंत्रित करने वाले लोग आज भी हैं। ऐसे लोगों के लिए दिवाली का त्यौहार लाभ के बदले हानि को आमंत्रित करता है।

देश में पटाखों के रूप में अरबों रुपए का बारूद फूंक दिया जाता हैं इससे देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित होती है, और वातावरण भी प्रदूषित होता है। अनेक लोग पटाखों के कारण पाली दुर्घटना से प्रदूषित हो कर अपने जीवन को नर्क बना लेते हैं।

दीपावली के दौरान मनाए जाने वाले त्योहार Festivals celebrated during Deepawali in Hindi

 दीपावली के दौरान मनाए जाने वाले त्योहार धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज

धनतेरस Dhanteras in Hindi

कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के दिन दीपावली का पहला दिन होता है जिसे धनतेरस कहते हैं। धनतेरस के दिन कुछ भी खरीदना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि उस दिन घर में लक्ष्मी का आगमन होता है। लोग उस दिन अपने जरूरत का सामान खरीदते हैं, जैसे सोना, चांदी, गाड़ी, कार, बर्तन आदि।

नरक चतुर्दशी Nakarak Chaturdashi in Hindi

कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी के दिन दीपावली का दूसरा दिन होता है इसे नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली, रूप चौदस, काली चौदस के नाम से जानी जाती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का संहार किया था इसीलिए उनके जीत के किसी के सम्मान में यह त्यौहार मनाया जाता है। अपनी मृत्यु के समय नरकासुर सत्यभामा से विनती की थी कि उनकी मृत्यु को रंगीन प्रकाशमय उत्सव के रूप में मनाया जाए।

दीपावली Deepawali in Hindi

दीपावली का यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। यहां हिंदुओं का मुख्य धार्मिक व सामाजिक पर्व है। कहा जाता है कि रामचंद्र जी 14 बरस का बनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे जिनकी खुशी में अयोध्यावासी असंख्य दीप जलाकर उनका स्वागत किया था।

गोवर्धन पूजा Govardhan Pooja in Hindi

गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन गोवर्धन तथा गाय की विशेष पूजा की जाती है। जिसका अपना एक खास महत्व हैं। इस पर्व को कृष्ण भगवान की जन्मभूमि मथुरा, गोकुल, और वृंदावन में खास तौर पर मनाया जाता है।

हालांकि भारत के कई क्षेत्रों में भी ऐसे लोग बहुत ही श्रद्धा के साथ बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के दिन गौ के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है और उसे विशेष प्रकार के फूलों से सजा कर उसकी पूजा-अर्चना की जाती है।

कहां जाता है कि मूलाधार बारिश से बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को 7 दिनों तक अपनी एक उंगली पर उठाए रखा। इससे इंद्र क्रोधित हो उठे और मूलाधार बारिश होने लगी गोवर्धन पर्वत के नीचे सभी बृजवासी सुरक्षित थे।

सातवें दिन जब श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को नीचे रखा और गोवर्धन पूजा की अभिभूत बनाकर उसकी पूजा करने को कहा तब से दीपावली के समय गोवर्धन पूजा जाने की कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा की जाती है।

भाई दूज Bhai Dooj in Hindi

यह त्यौहार बहन के प्रति भाई का कर्तव्य का बोध कराता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और समृद्ध जीवन की कामना करते हैं। इसे भारत के विभिन्न जगहों पर भव बिच, भाई तिलक, रात्र द्वितीय, आदि कहा जाता है।

हिंदू समाज में भाई-बहन के प्रेम को सम्मान दिया जाता है। भाई दूज का यह त्यौहार दीपावली के 2 दिन बाद आता है। हिंदुओं के बाकी परंपराओं की तरह यह त्यौहार भी से जुड़ा हुआ है इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर, उपहार देकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती है।

बदले में भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है। भाई दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इसीलिए इस पर्व पर यम देव की पूजा भी की जाती है। मान्यता के अनुसार इस दिन जो यम देवता की पूजा अर्चना करता है उसे असमय मृत्यु का कोई भय नहीं रहता।

दीपावली मेरा प्रिय त्यौहार है मुझे इस त्यौहार का बेसब्री से इंतजार रहता है दीपावली के समय हम घरों में दीया जलाते हैं मुझे यह त्यौहार बहुत ही अच्छा लगता है।

दीपावली कैसे मनाते हैं? How to celebrate Deepawali in Hindi

  • दीपावली के दिन हम रंग बिरंगी रंगोलियां बनाते हैं।
  • उस दिन लोग नए नए कपड़े पहनते हैं।
  • दीपावली के दिन महालक्ष्मी की पूजा की जाती है।
  • उस दिन रात्रि के समय पूरे घरों को असंख्य दीपों से सजाया जाता है ।
  • लोग पटाखे फोड़ते हैं, फुलझड़ियां जलाते हैं, और दीपावली का आनंद लेते हैं परंतु हमें दिवाली में पटाखे नहीं फोड़ना चाहिए।
  • दीपावली के दिन घरों में अनेक प्रकार की मिठाइयां बनाए जाते हैं।
  • दीपावली के दिन लोग एक दूसरे को मिठाई बांटते हैं और दीपावली की शुभकामनाएं देते हैं।

प्रदूषण मुक्त दीपावली Pollution free Deepawali in Hindi

हमें हमेशा प्रदूषण मुक्त दीपावली (Ecofriendly Diwali) की मनाना चाहिए। हमें दीपावली के समय ज्यादा से ज्यादा दिया जलाकर ही दीपावली का आनंद लेना चाहिए। ना की पटाखे फोड़ कर। दीपावली के समय पटाखों के कारण कई प्रकार के हादसे होते हैं।

पटाखों के धुए से वायु भी प्रदूषित होता है तथा उसके ध्वनि से ध्वनि प्रदूषण भी होता है।  दीपावली के समय पटाखों के कारण हमारा वातावरण प्रदूषित होता है इस कारण हमें पटाखों का प्रयोग ना करके हम दीया जलाकर दीपावली मना सकते है। इको फ्रेंडली दीपावली मना कर ही हम हमारे वातावरण को सुरक्षित रख सकते है।

दिवाली पर 10 लाइन 10 lines on Diwali

  • प्रतिवर्ष कार्तिक मास के अमावस के दिन हिंदू समाज में दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
  • दिवाली का अर्थ है- दीपों की पंक्ति इस दिन घर- घर को दीपों से सजाया जाता है इसीलिए इस पर्व को दिवाली कहते हैं। 
  • एक साथ असंख्य दीपों की जगमगाती लड़ियों से संपूर्ण वातावरण प्रकाशित हो  उठता होता है।
  • दीपमालाओं की प्रज्वलित सिखाओ की  घटा देखते ही बनती है, घर घर में लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
  • इस दिन लोग आपकी दुश्मनी को भूलकर एक दूसरे के घर जाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं।
  • बच्चों के लिए यह दिन विशेष खुशी का होता है इस दिन रंग-बिरंगे कपड़ों को पहनकर पटाखे फोड़ते हैं और अपने दोस्तों के साथ मिठाईयां खाते हैं।
  • दिवाली मनाने की तैयारी पहले से ही प्रारंभ हो जाती है। लोग अपने घरों और दुकानों को साफ-सफाई करवाते हैं तथा रंग लगाते हैं और अनेक प्रकार के रंग बिरंगे बल्ब के द्वारा सजाते हैं।
  • दिवाली का अपना पौराणिक महत्व है। इसका संबंध पुराणों से वर्णित भारतीय समाज के पौराणिक इतिहास से है।
  • इसी दिन काली माता ने रक्तबीज नामांक राक्षस का संहार क्या था, जिसके अत्याचार से संपूर्ण समाज परेशान था, उस दृष्ट राक्षस के सहार के बाद लोगों ने अपने घर में घी के दिये जलाए थे, इस मंगलकारी घटना के स्मृति में ही प्रतिवर्ष यह त्यौहार मनाया जाता है।
  • लंका विजय के बाद जब भगवान राम अयोध्या लौटे, तो इस दिन उनका राज्याभिषेक किया गया था, और संपूर्ण भारतवर्ष में दीपक जला कर खुशियां मनाई गई थी, कुछ लोग दीपक का प्रारंभ है इसी दिन से मानते हैं किंतु विद्वानों का मानना है कि दिवाली का त्यौहार इससे भी प्राचीन काल से मनाया जाता रहा है।

दीपावली पर कविता Poem on diwali in Hindi

  • गर सूख गया हो दीये का मान, मौसम है स्नेह का तेल चढ़ा लेना। हो मन में कहीं गर लोभ क्रोध का अंधेरा, मौका है प्रेम के दीये जला लेना। घर को मन को कर चुके हो साफ, पड़ोस पड़ोसियों से कचरा क्लेश भी हटा लेना। कब तक रखोगे रामायण में राम, आज दिन है मन में भगवान बसा लेना। गर सूख गया हो दीये का मन, मौसम है स्नेहा का तेल चढ़ा लेना।
  • दीपावली का त्योहार आया, साथ में खुशियों की बौछार लाया। दीपो की सजी है कतार, जगमग आ रहा है पूरा संसार। अंधकार पर प्रकाश की विजय लाया, दीपावली का त्योहार आया। सुख समृद्धि की बौछार लाया, भाईचारे का संदेश लाया। बाजारों में रौनक छाया, दीपावली का त्यौहार आया।
  • दीपों का त्योहार दिवाली आई है, खुशियों का संसार दिवाली आई है। घर आंगन सब नया सा लगता है, नया-नया परिधान सभी को फबता है। नए-नए उपहार दिवाली लाई है, खुशियों का संसार दिवाली लाई है।
  • दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे, खुशी-खुशी सब हंसते आओ आज दिवाली रे, नाचो गाओ खुशी मनाओ आज दिवाली आई, दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे, नए नए कपड़े पहनो खाओ खूब मिठाई,  हाथ जोड़ कर पूजा कर लो आज दिवाली आई।
  • आओ मिलकर दीप जलाएं अंधेरा धरा से दूर भगाएं। रहा न जाए अंधेरा कहि घर का कोई सुना कोना, सदा ऐसा कोई दीप जलाते रहना, हर घर आंगन में रंगोली सजाएं, आओ मिलकर दीप जलाएं।

निष्कर्ष Conclusion

किसी त्योहार को मनाते समय हमें उसमें निहित कल्याणकारी अर्थ को भी समझना चाहिए। दिवाली के त्यौहार में भी यही दृष्टिकोण अपनाना उचित होगा, तभी हम इसका वास्तविक आनंद प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आपको  यह दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi अच्छा लगा हो तो और भी जानकारी पाने के लिए हमारे साथ इसी तरह से जुड़े रहिए।

Leave a Comment Cancel reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed .

write an essay on diwali in hindi for class 8

दिवाली पर निबंध  Essay on Diwali in Hindi 2023, Format, Examples |

दिवाली पर निबंध – इस लेख में हम दिवाली ( दीपावली) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दे रहे हैं – दिवाली का अर्थ, दिवाली कब मनाई जाती है, दिवाली का इतिहास, दीपोत्सव मनाने की तैयारियाँ, दीपावली के साथ मनाए जाने वाले उत्सव, दिवाली का महत्त्व । दीपावली एक ऐसा विषय है जिस पर आपको किसी भी कक्षा में निबंध लिखने के लिए कहा जा सकता है। उच्च कक्षाओं में जब आप निबंध लिखते हैं तो आपको उस निबंध के विषय के बारे में सम्पूर्ण जानकारी पता होनी चाहिए। तभी आप एक प्रभावशाली निबंध का निर्माण कर सकते हैं। आशा करते हैं कि हमारे दीपावली के निबंध से आपको सहायता मिलेगी।

Essay on Diwali in Hindi – Find here Essay on Diwali in Hindi, Essay on Diwali for kids, Meaning of Deepawali, Diwali History, Preparations for celebrating the festival, Importance of Deepawali, Benefits, and disadvantages of Diwali festival, Suggestions to celebrate Diwali differently, Diwali festival in abroad.

In this Essay on Diwali in Hindi , we are giving complete information about the Festival of Deepawali. Deepawali is a subject on which you can be asked to write an essay in any class. When you write an essay in higher classes, you should know all about the topic of that essay. Only then can you create an effective essay. Hope that our Deepawali essay will help you.

  • दिवाली का अर्थ
  • दिवाली कब मनाई जाती है
  • दिवाली का इतिहास
  • दीपोत्सव मनाने की तैयारियाँ
  • दीपावली के साथ मनाए जाने वाले उत्सव
  • दिवाली का महत्त्व
  • दीपावली के त्यौहार के लाभ और हानियाँ
  • दीपावली को अलग तरीके से मनाने के सुझाव
  • विदेशों में दीवाली का त्यौहार
  • दिवाली पर निबंध 100 शब्द, 150 शब्द, 250 से 300 शब्द, 10 Line

प्रस्तावना  

प्रत्येक समाज त्यौहारों के माध्यम से अपनी खुशी एक साथ प्रकट करता है। भारत एक ऐसा देश है, जहाँ सबसे ज्यादा त्यौहार मनाये जाते हैं, यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने उत्सव और पर्व को अपनी  परंपरा और संस्कृति के अनुसार मनाते हैं। दीपावली का त्यौहार खुशियों और सुख-समृद्धि का त्यौहार है। यह पांच दिवसीय, हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला, सबसे बड़ा त्यौहार है। दिवाली के त्यौहार को सिर्फ हमारे देश में ही नहीं, विदेशों में भी मनाया जाता है, इससे इसकी प्रमुखता का पता लगाया जा सकता है। इस दिन अमावस्या की काली रात होने के बावजूद भी पूरा भारत रोशनी से जगमगाया हुआ होता है। दीपावली का त्यौहार असत्य पर सत्य की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि इसका सामाजिक, आध्यात्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व भी है। यह त्यौहार सामाजिक एकता को बढ़ाने का कार्य करता है। हालांकि दिवाली के त्यौहार का एक दूसरा पहलू भी है, जिसे हम अपने आनंद के लिए वर्ष-प्रतिवर्ष बढ़ावा देते जा रहे है। वो दूसरा पहलू है, आतिशबाजी और पटाखे फोड़ना। यह एक ऐसा कार्य है, जिसका दिवाली के त्यौहार से कोई प्रत्यक्ष सम्बन्ध नहीं है और ना ही दिवाली के त्यौहार में इसका कोई ऐतिहासिक और पौराणिक वर्णन है, इसके साथ ही दिवाली पर होने वाली इस आतिशबाजी के कारण दिन-प्रतिदिन पर्यावरण प्रदूषण में वृद्धि होती जा रही है।

Top Related – Essays in Hindi

दिवाली का अर्थ (Meaning of Diwali) –

‘दीपावली’ संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है – दीप + आवली। ‘दीप’ अर्थात ‘दीपक’ और ‘आवली’ अर्थात ‘लाइन’ या ‘श्रृंखला’, जिसका मतलब हुआ दीपकों की श्रृंखला या दीपों की पंक्ति। इसे दीपोत्सव भी कहते हैं। दीपक को स्कन्द पुराण में सूर्य के हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाला माना गया है। वैदिक प्रार्थना है – ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ अर्थात अंधकार से प्रकाश में ले जाने वाला और ‘दीपावली’ को भी रोशनी का उत्सव कहा जाता है।

दिवाली कब मनाई जाती है (Deepawali is celebrated when)-

दिवाली का त्यौहार दशहरे के 21 दिन बाद सितंबर से अक्टूबर माह के बीच में कार्तिक मास की अमावस्या को आता है। वैसे इस त्यौहार की धूम-धाम कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से कार्तिक शुक्ल द्वितीय अर्थात् पाँच दिनों तक रहती है। दीवाली के पर्व की यह विशेषता है कि इसके साथ चार त्यौहार और मनाये जाते हैं। दीपावली का उत्साह एक दिन नहीं, अपितु पूरे सप्ताह भर रहता है। दिवाली का त्यौहार वर्षा ऋतु के समाप्त होने और शरद ऋतु की प्रारंभ होने का संकेत होता है। दीपावली के त्यौहार पर मौसम गुलाबी ठंड का होता  है। जिससे चारों और खुशहाली का मौसम बनता है।

Top Related – Essay on Women Empowerment in Hindi

दिवाली का इतिहास (History of Deepawali)

दिवाली का त्यौहार भारत में प्राचीन समय से ही मनाया जाता रहा है। इस त्यौहार का इतिहास अलग-अलग राज्यों के लोग भिन्न-भिन्न मानते हैं, लेकिन अधिकतर लोगों का मानना है कि जब भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे, तब अयोध्या वासियों ने उनके स्वागत के लिए घी के दीपक प्रज्वलित किए थे और साथ ही अयोध्या के हर रास्ते को सुनहरे फूलों से सजा दिया गया था। जिस दिन भगवान राम अयोध्या लौट कर आए थे उस दिन अमावस्या की काली रात थी। जिसके कारण वहां पर कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था, इसलिए अयोध्या वासियों ने वहां पर दीपक जलाए थे। यह भी एक कारण है कि इस दिन को अंधकार पर प्रकाश की विजय भी माना जाता है। और यह सच भी है क्योंकि इस दिन पूरा भारत अमावस्या की काली रात होने के बावजूद भी दीपकों की रोशनी से जगमगाता रहता है। जैन धर्म के लोग दीपावली के त्यौहार को इसलिए मनाते हैं क्योंकि चौबीसवें तीर्थंकर, महावीर स्वामी को इस दिन मोक्ष की प्राप्ति हुई थी और संयोगवश इसी दिन उनके शिष्य गौतम को ज्ञान प्राप्त हुआ था। सिख धर्म के लोग भी इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। वे लोग त्यौहार को इसलिए मनाते है क्योंकि इसी दिन ही अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था। साथ ही सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को भी इसी दिन ग्वालियर की जेल से जांहगीर द्वारा रिहा किया गया था। आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द तथा प्रसिद्ध वेदान्ती स्वामी रामतीर्थ ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था। इस त्योहार का संबंध ऋतु परिवर्तन से भी है। इसी समय शरद ऋतु का आगमन लगभग हो जाता है। इससे लोगों के खान-पान, पहनावे और सोने आदि की आदतों में भी परिवर्तन आने लगता है।

Top Related – Vayu pradushan par nibandh in Hindi

दीपोत्सव मनाने की तैयारियाँ (Preparations for celebrating the festival)

नवीन कामनाओं से भरपूर, यह त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। दीपावली के कई हफ्तों पहले ही लोग अपने घरों और कार्यालयों की साफ-सफाई करने में जुट जाते हैं क्योंकि ऐसी मान्यता है कि जो घर साफ-सुधरे होते हैं, उन घरों में दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी विराजमान होती हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करके वहां सुख-समृद्धि में बढ़ोत्तरी करती है। दीवाली के दिन सब बहुत खुश रहते है। व्यापारी तथा दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें सजाते हैं तथा लीपते पोतते हैं। दीपावली के दिन बाजारों में गणेश जी, लक्ष्मी जी, राम जी आदि की तस्वीरे खरीदी जाती है। बाजारों में खूब चहल पहल होती है। लोग इस अवसर पर नए कपड़े, बर्तन, मिठाइयां आदि खरीदते है। इस दिन खील बताशों तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती है। लोग अपने इष्ट-मित्रों के यहाँ मिठाइयों का आदान-प्रदान करके दीपावली की शुभकामनाएँ लेते-देते हैं। बच्चे अपनी इच्छानुसार बम, फुलझडि़यां तथा अन्य पटाखे खरीदते हैं। दीवाली के एक से दो दिन पहले ही बच्चों द्वारा स्कूलों में छोटी दिवाली मनाई जाती है। अध्यापकों द्वारा बच्चों को कहानियाँ सुनाकर, रंगोली बनवाकर, अपनी-अपनी कक्षा को सजा कर और खेल खिलाकर इस पर्व को मनाया जाता है। शिक्षक विद्यार्थियों को पटाखों और आतिशबाजी को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते है, साथ ही पूजा की विधि और दीपावली से संबंधित रिवाज आदि भी बताते हैं। रात्रि के समय लक्ष्मी, गणेश के पूजन के बाद आतिशबाजी का दौर शुरु होता है। इसी दिन लोग बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतों को अपनाते हैं। भारत के कुछ जगहों पर दीवाली को नया साल की शुरुआत माना जाता है, साथ ही व्यापारी लोग आज से अपना नया बही खाता शुरु करते है।

Top Related – Pollution Essay in Hindi

दिवाली के साथ मनाए जाने वाले उत्सव (Celebrations celebrated with Diwali)

दिवाली का यह त्यौहार 5 दिनों तक चलता है। जिस के पहले दिन धनतेरस होता है । धनतेरस के दिन लोग अपने घर कुछ ना कुछ बर्तन जरूर लेकर जाते हैं और साथ ही साथ लोग इस दिन सोने और चांदी के आभूषण खरीदना भी पसंद करते है। लोगों का मानना है कि इस दिन खरीदारी करने से घर में बरकत होती है। दीपावली का दूसरा दिन नरक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है , क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर को मार गिराया था। कुछ लोगों द्वारा यह दिन छोटी दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन घर के बाहर 5 दीपक जलाए जाते है। प्राचीन परंपरा के अनुसार इस दिन लोग दीपक का काजल अपनी आंखों में डालते है। उनका मानना है कि इसे आंखें खराब नहीं होती है। तीसरा दिन दीपावली त्यौहार का मुख्य दिन होता है। महालक्ष्मी की पूजा की जाती है, साथ ही साथ विद्या की देवी मां सरस्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दिन घर में रंगोली बनाई जाती है और तरह-तरह की मिठाइयां बनाई जाती है। दीपावली के चौथे दिन को गोवर्धन पूजा की जाती है , क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र के क्रोध से हुई मूसलाधार वर्षा से लोगों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत अपनी एक अंगुली पर उठा लिया था। इस दिन घर के बाहर महिलाएं गोबर रखकर पारंपरिक पूजा करती है। दीपावली के त्यौहार के आखिरी दिन भाई दूज के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहन, भाई को रक्षा सूत्र बाँधती हैं, साथ ही तिलक लगाकर मिठाई खिलाती है और बदले में भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं और उन्हें अच्छा उपहार भी देते है। यह दिन कुछ-कुछ रक्षाबंधन त्यौहार की तरह ही होता है।

दिवाली का महत्व (Importance of Diwali)

दीपावली का त्यौहार सभी वर्गों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है। यह हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार माना गया है। सबसे बड़ा त्यौहार होने के कारण सभी की आस्था इस त्यौहार से जुड़ी हुई है। यह त्यौहार कई तरह के महत्व अपने अंदर समेटे हुए हैं –

आध्यात्मिक महत्व – दीपावली त्यौहार अनेक धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक कहानियों से मिलकर बना है। इस त्यौहार की नीव अच्छाई पर टिकी हुई है इसलिए यह त्यौहार जब भी आता है, तो सभी लोगों में एक अलग ही खुशी और आस्था होती है। दीपावली के त्यौहार को हिंदू, जैन, सिख आदि धर्मों द्वारा भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इन सभी धर्मों में दीपावली के दिन ही ऐसी कोई ना कोई घटना हुई है, जिससे अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, निराशा पर आशा और बुराई पर अच्छाई की विजय हुई है। दीपावली का त्यौहार पूजा पाठ और अच्छाई से जुड़ा हुआ है इसलिए लोग इस पर्व पर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ते हैं और इससे अच्छे विचारों का उद्गम होता है।

सामाजिक महत्व – दीपावली के त्यौहार का सामाजिक महत्व भी बहुत बड़ा है क्योंकि इस त्यौहार पर सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर त्यौहार को मनाते है। इस दिन सभी लोग पूजा करते हैं। एक दूसरे से मिलने जाते है जिससे सामाजिक सद्भावना उत्पन्न होती है। आजकल की व्यस्त जिंदगी में लोगों को एक दूसरे से मिलने का अवसर बहुत कम मिलता है इसलिए इस दिन लोग जब लोग एक दूसरे से स्नेह पूर्वक मिलते हैं और साथ में एक दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं, गले मिलते हैं जिस से लोगों को एक दूसरे की भावनाओं और धर्मों को समझने में रुचि उत्पन्न होती है। इसलिए इस त्यौहार का सामाजिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

आर्थिक महत्व – दीपावली के त्यौहार पर भारतीय लोग जमकर खरीदारी करते हैं। सभी लोग अपने घरों में उपहार, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, राशन का सामान, कपड़े, मिठाइयां इत्यादि लेकर जाते है। हिंदू धर्म के लोगों का मानना है कि इस दिन खरीदारी करने से घर में किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहती है और इस दिन खरीदारी करने से वह वस्तु फलदाई रहती है, इसलिए बाजारों में इस दिन ज्यादा चहल-पहल और अधिक खरीदारी होती है। जिसके कारण लोगों की आमदनी बढ़ जाती है। दीपावली त्योहार के पीछे सबसे पुराना आर्थिक महत्व इस बात पर जुड़ा हुआ है कि भारत में लगभग सभी फसलें मानसून पर निर्भर करती है इसलिए गर्मियों की फसल इस त्यौहार के पर्व से कुछ दिन पहले ही पक कर तैयार हो जाती है। तो किसान इस फसल को काटकर बाजारों में बेचकर आमदनी कमाता है। इसलिए इस त्यौहार का आर्थिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

ऐतिहासिक महत्व – दीपावली के त्यौहार के इस दिन बहुत सी ऐतिहासिक घटनाएं घटी हैं। जिसके कारण इस त्यौहार का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। इस दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या में लौटे थे। इसी दिन समुंदर मंथन के दौरान मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था। स्वामी रामतीर्थ का जन्म व महाप्रयाण दोनों दीपावली के दिन ही हुए थे। दीपावली के पावन अवसर पर आर्य समाज की स्थापना हुई थी। इसी दिन मुगल समाज के सबसे बड़े बादशाह अकबर ने दौलत खाने में 40 फीट ऊंचा आकाश दीप जलाकर दीपावली त्यौहार को मनाना शुरू किया था। इस कारण हिंदू और मुसलमान धर्म के लोगों में एक दूसरे के प्रति नफरत खत्म हो गई थी। दीवाली के दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था। महावीर स्वामी को इस दिन मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।

Top Related – Soil Pollution Essay in Hindi

दीपावली के त्यौहार के लाभ और हानियाँ (Benefits and disadvantages of Diwali festival)

जहाँ लाभ होता है, वहाँ हानियाँ भी होती है। दीपावली एक बड़ा त्यौहार है, जो अपने साथ अपार खुशियाँ और प्रेम लेकर आता है। खुशियों के साथ-साथ कभी-कभी कुछ दुःख भी दस्तक दे जाते हैं। इन दुःखों को जान कर कुछ सावधानियाँ बरत कर उन्हें भी खुशियों में बदला जा सकता है।

दीपावली के लाभ – (1) छोटे-बड़े सभी व्यापारियों के लिए यह समय अत्यधिक कमाई का होता है। (2) दीपावली में सभी प्रकार के व्यापार में तेजी आती है। क्योंकि लोग घर की सज-सज्जा, कपड़े, गहने और खाने-पिने की चीजों सभी पर खर्च करते हैं। (3) दीपावली में आपसी प्रेम बढ़ता है और आपसी संबंधों में मिठास बढ़ती है। (4) इस त्यौहार पर साफ़-सफाई पर अत्यधिक महत्त्व दिया जाता है, पुरे घर की सफाई की जाती है और घर में रंग-रोगन भी किया जाता है। इससे घर के आस-पास का वातावरण शुद्ध हो जाता है, जो स्वस्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक होता है। (5) कुटीर उद्योगों के लिए दीपावली का त्यौहार अत्यधिक खुशहाली लता है। क्योंकि दीपावली में बिकने वाला ज्यादातर सामान जैसे- साज-सज्जा का सामान और मिट्टी का सामान कुटीर उद्योगों द्वारा ही तैयार किया जाता है ,इस त्यौहार में उनकी आमदनी भी बढ़ जाती है।

दीपावली की हानियाँ – (1) पटाखों के कारण प्रदुषण फैलता है। (2) दीपकों में फजूल तेल जलता है। (3) अत्यधिक मिठाइयाँ और पकवान हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। (4) लाइट्स की सजावट के कारण अत्यधिक बिजली बर्बाद होती है। (5) दिखावे के चक्कर में लोग फज़ूल खर्च करते हैं।

दीपावली को अलग तरीके से मनाने के सुझाव (Suggestions to celebrate Deepawali differently)

दीपावली के त्यौहार को मनाने का तरीका और पूजन विधी हर जगह लगभग एक समान ही होती है। फिर भी ऐसे कई कार्य है जिनके द्वारा हम दीपावली के त्यौहार को हम ना सिर्फ अपने लिए मंगलकारी बना सकते हैं बल्कि दूसरों के लिए भी इस दिन को खास बना सकते हैं और दीपावली के वास्तविक अर्थ को सच्चे रुप से सार्थक कर सकते हैं। 1. छोटे विक्रेताओं से समान खरीदकर हम उनकी आजीविका बढ़ाने में मदद कर सकते हैं क्योंकि हमारी तरह इन्हें भी वर्ष भर इस त्यौहार का इंतजार होता है। ताकि वे अपने द्वारा की गई तैयार वस्तुओं को बाजार में आकर बेच सकें। 2. इलेक्ट्रिक झालरों की जगह दीपों का अधिक उपयोग करके हम हमारे देश के छोटे व्यापारियों और कुम्हारों को आर्थिक रुप से सुदृढ़ बनाकर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद क्र सकते है और साथ-ही-साथ दीपावली के पारंपरिक रुप को भी बनाए रखने में योगदान दे सकते हैं। 3. हममें से कई लोग दीपावली के त्यौहार की साज-सज्जा, पटाखों और उत्सव मनाने में काफी अधिक मात्रा में धन व्यय करते हैं। अगर हम चाहे तो इन चीजों में कुछ कटौती करके या अपने पास से कुछ अधिक खर्च निकालकर कुछ गरीबों और जरूरतमंद लोगों को कंबल, मिठाइयां और उपहार जैसी चीजें बांटकर उनके चेहरों पर खुशियां ला सकते हैं। 4. हम सब ही जानते हैं कि दीपावली पर पटाखों और भारी आतिशबाजी के कारण काफी ज्यादा मात्रा में प्रदूषण उत्पन्न होता है। हमें इस बात को समझना होगा की दीपावली के त्यौहार का अर्थ दीप और प्रकाश है, ना कि पटाखे फोड़ना है। हम सब को मिलकर पटाखों का उपयोग ना करके हरित दीपावली मनाने का संकल्प लेना चाहिए और यह दीपावली पर हमारे द्वारा प्रकृति को दिया जा सकने वाली सबसे बड़ी भेंट होगी। 5. प्रदूषण के कारण ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी कुछ राज्यों में पटाखों के उपयोग को लेकर या तो समय सीमा तय कर दी गयी है या फिर इसे पूर्ण रुप से प्रतिबंधित कर दिया गया है पर कई लोग सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भी धार्मिक रंग देने लग जाते है, ऐसे लोगों को हमें समझाना होगा कि छोटे-छोटे फैसलों से ही बड़े परिवर्तन प्राप्त होते हैं। लोगों में जागरूकता लाकर ही हम पटाखों के प्रतिबंध को सफल बना सकते हैं और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

विदेशों में दिवाली का त्यौहार (Diwali festival abroad)

मलेशिया – दीपावली के पर्व पर मलेशिया में भारत की तरह सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है। यहां पर सभी धर्मों के लोगों द्वारा मिलकर इस त्यौहार को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्यौहार के दिन सभी लोगों द्वारा सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है और पूरे दिन भर लोग अच्छे खाने का आनंद उठाते हैं और एक दूसरे से मिलते है। दीपावली के इस त्यौहार को मलेशिया में सामाजिक सद्भावना के रूप में मनाया जाता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका – अमेरिका में भी भारतीय मूल के बहुत से लोग बसे हुए हैं, इसलिए वहां पर भी दीपावली के त्यौहार को उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। सन 2003 में अमेरिका के व्हाइट हाउस में पहली बार दीपावली का त्यौहार मनाया गया था। उसके बाद से लगभग पूरे अमेरिका ने इस त्यौहार को अपना लिया।

नेपाल – हमारे भारत देश का पड़ोसी देश नेपाल एक छोटा सा देश है। जहाँ पर हमारी दीपावली के पर्व के दिन ही नव वर्ष मनाया जाता है। नेपाल में दीपावली को ‘तिहार’ या ‘स्वन्ति’ के रूप में जाना जाता है और वहां पर भी इसे 5 दिनों तक मनाया जाता है। इस पर्व पर यहां के लोग दान धर्म करते हैं और पशु पक्षियों को भी खाना खिलाते है।

सिंगापुर – सिंगापुर में दीपावली के त्यौहार के उपलक्ष में राजपत्रित अवकाश होता है। यहां पर भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लोग रहते हैं, जो दीपावली के त्यौहार को बड़ी धूम-धाम से मनाते है। दीपावली के त्यौहार पर सिंगापुर के बाजारों में भी रौनक देखने को मिलती है। यहां पर भी भारतीय बाजारों की तरह ही सजावट की जाती है और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते है। सिंगापुर सरकार द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते है।

मॉरीशस – इस देश की लगभग 44% आबादी भारतीय लोगों की है। जिसके कारण यहां पर हिंदू संस्कृति बहुत बड़े पैमाने पर देखने को मिलती है। साथ ही यहां पर दीपावली के त्यौहार के दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इस देश में हिंदी भाषा भी बोली जाती है।

श्रीलंका – श्रीलंका में भी दीपावली के त्यौहार के उपलक्ष में सार्वजनिक अवकाश होता है। यहां पर भारतीय मूल के तमिल लोग अधिक मात्रा में रहते हैं। जिसके कारण यहां पर भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. यहां पर भी दीपावली को खूब हर्षोल्लास से मनाया जाता है। दीपावली के दिन यहां पर महालक्ष्मी की पूजा की जाती है और चारों तरफ मोमबत्तियां और दीपक जलाए जाते है।

उपसंहार (conclusion)

दीपावली पर्व है अपने अंदर के अंधकार को मिटा कर समूचे वातावरण को प्रकाशमय बनाने का। दीपावली हिंदूओं का प्रमुख पर्व है। यह पर्व समूचे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। दीपावली के दिन घरों में दिए, दुकानों तथा प्रतिष्ठानों पर बहुत सारी सजावट की जाती है और दिए जलाए जाते हैं। बाजारों में खूब चहल-पहल होती है। मिठाई तथा पटाखों की दुकानें खूब सजी होती हैं। इस दिन पकवानों तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती है। बच्चे अपनी इच्छानुसार बम, फुलझड़ियाँ तथा अन्य पटाखे खरीदते हैं और बड़े बच्चों द्वारा किये गए आतिशबाजी का आनंद उठाते हैं। हमें इस बात को समझना होगा कि दीपावली के त्यौहार का अर्थ दीप, प्रेम और सुख-समृद्धि से है, ना कि पटाखों और बे-फिज़ूल के प्रदूषण से, यही कारण है कि दीपावली के त्यौहार पर हमारे द्वारा किये गये यह छोटे-छोटे कार्य बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। इस त्यौहार से हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहती है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि कभी भी अंधकार से नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक छोटे से दीपक की लौ भी काले अंधकार को प्रकाश में बदल सकती है, इसलिए हमें हर समय अपने जीवन में आशावादी रहना चाहिए और अपने जीवन में हमेशा खुश रहना चाहिए। दीपावली का त्यौहार सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। इस त्यौहार से सभी के जीवन में खुशियाँ आती है। इसी त्यौहार के कारण लोगों में आज भी सामाजिक एकता बनी हुई है।

Top Recommended Read –

  • टीचर्स डे पर निबंध
  • वैश्वीकरण पर निबंध
  • जलवायु परिवर्तन पर निबंध
  • मंकी पॉक्स वायरस पर निबंध
  • मेक इन इंडिया पर निबंध
  • भारत में सांप्रदायिकता पर निबंध
  • वेस्ट नील वायरस पर निबंध
  • पीएसयू का निजीकरण पर निबंध
  • भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का प्रभाव पर निबंध
  • नई शिक्षा नीति 2020 पर निबंध
  • आधुनिक संचार क्रांति पर निबंध
  • सोशल मीडिया की लत पर निबंध
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निबंध
  • महिला सशक्तिकरण पर निबंध
  • प्रदूषण पर निबंध
  • मृदा प्रदूषण पर निबंध
  • वायु प्रदूषण पर निबंध
  • गाय पर हिंदी में निबंध
  • वन/वन संरक्षण पर निबंध
  • हिंदी में ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध
  • चंद्रयान पर निबंध
  • हिंदी में इंटरनेट पर निबंध
  • बाल श्रम या बाल मज़दूरी पर निबंध
  • ताजमहल पर निबंध
  • हिंदी में अनुशासन पर निबंध
  • भ्रष्टाचार पर निबंध
  • मेरा विद्यालय पर निबंध हिंदी में
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध
  • स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध
  • गणतंत्र दिवस निबंध हिंदी में
  • स्वतंत्रता दिवस पर निबंध
  • हिंदी में दिवाली पर निबंध
  • होली पर निबंध
  • नोट-बंदी या विमुद्रीकरण पर निबंध
  • निबंध लेखन, हिंदी में निबंध

Hindi Essays

  • असंतुलित लिंगानुपात पर निबंध
  • परहित सरिस धर्म नहीं भाई पर निबंध
  • चंद्रयान 3 पर निबंध
  • मुद्रास्फीति पर निबंध
  • युवाओं  पर निबंध
  • अक्षय ऊर्जा: संभावनाएं और नीतियां पर निबंध
  • राष्ट्र निर्माण में युवाओं का महत्व पर निबंध
  • सच्चे धर्म पर निबंध
  • बैंकिंग संस्थाएं और उनका महत्व पर निबंध
  • नई शिक्षा नीति के प्रमुख लाभ पर निबंध
  • भारतीय संस्कृति के प्रमुख आधार पर निबंध
  • समय के महत्व पर निबंध
  • सड़क सुरक्षा पर निबंध
  • सामाजिक न्याय के महत्व पर निबंध
  • छात्र जीवन पर निबंध
  • स्वयंसेवी कार्यों पर निबंध
  • जल संरक्षण पर निबंध
  • आधुनिक विज्ञान और मानव जीवन पर निबंध
  • भारत में “नए युग की नारी” की परिपूर्णता एक मिथक है
  • दूरस्थ शिक्षा पर निबंध
  • प्रधानमंत्री पर निबंध
  • यदि मैं प्रधानमंत्री होता
  • हमारे राष्ट्रीय चिन्ह पर निबंध
  • नक्सलवाद पर निबंध
  • आतंकवाद पर निबंध
  • भारत के पड़ोसी देश पर निबंध
  • पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी पर निबंध
  • किसान आंदोलन पर निबंध
  • ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध
  • डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम पर निबंध
  • मदर टेरेसा पर निबंध
  • दुर्गा पूजा पर निबंध
  • बसंत ऋतु पर निबंध
  • भारत में साइबर सुरक्षा पर निबंध
  • भारत में चुनावी प्रक्रिया पर निबंध
  • योग पर निबंध
  • स्टार्टअप इंडिया पर निबंध
  • फिट इंडिया पर निबंध
  • द्रौपदी मुर्मू पर निबंध
  • क्रिप्टो करेंसी पर निबंध
  • सौर ऊर्जा पर निबंध
  • जनसंख्या वृद्धि पर निबंध
  • भारत में भ्रष्टाचार पर निबंध
  • शहरों में बढ़ते अपराध पर निबंध
  • पर्यावरण पर निबंध
  • भारतीय संविधान पर निबंध
  • भारत के प्रमुख त्योहार पर निबंध
  • भारत में बेरोजगारी की समस्या पर निबंध
  • टेलीविजन पर निबंध
  • परिश्रम का महत्व पर निबंध
  • गणतंत्र दिवस पर निबंध
  • विज्ञान वरदान है या अभिशाप पर निबंध

Hindi Writing Skills

  • Formal Letter Hindi
  • Informal Letter Hindi
  • ई-मेल लेखन | Email Lekhan in Hindi Format
  • Vigyapan Lekhan in Hindi
  • Suchna lekhan
  • Anuched Lekhan
  • Anuchchhed lekhan
  • Samvad Lekhan
  • Chitra Varnan
  • Laghu Katha Lekhan
  • Sandesh Lekhan

HINDI GRAMMAR

  • Verbs Hindi
  • One Word Substitution Hindi
  • Paryayvaachi Shabd Class 10 Hindi
  • Anekarthi Shabd Hindi
  • Homophones Class 10 Hindi
  • Anusvaar (अनुस्वार) Definition, Use, Rules, 
  • Anunasik, अनुनासिक Examples
  • Arth vichaar in Hindi (अर्थ विचार), 
  • Adverb in Hindi – क्रिया विशेषण हिंदी में, 
  • Adjectives in Hindi विशेषण, Visheshan Examples, Types, Definition
  • Bhasha, Lipiaur Vyakaran – भाषा, लिपिऔरव्याकरण
  • Compound words in Hindi, Samaas Examples, Types and Definition
  • Clauses in Hindi, Upvakya Examples, Types 
  • Case in Hindi, Kaarak Examples, Types and Definition
  • Deshaj, Videshaj and Sankar Shabd Examples, Types and Definition
  • Gender in Hindi, Ling Examples, Types and Definition
  • Homophones in Hindi युग्म–शब्द Definition, Meaning, Examples
  • Indeclinable words in Hindi, Avyay Examples, Types and Definition
  • Idioms in Hindi, Muhavare Examples, Types and Definition
  • Joining / combining sentences in Hindi, Vaakya Sansleshan Examples, Types and Definition
  • संधि परिभाषा, संधि के भेद और उदाहरण, Sandhi Kise Kehte Hain?
  • Noun in Hindi (संज्ञा की परिभाषा), Definition, Meaning, Types, Examples
  • Vilom shabd in Hindi, Opposite Words Examples, Types and Definition
  • Punctuation marks in Hindi, Viraam Chinh Examples, Types and Definition
  • Proverbs in Hindi, Definition, Format, मुहावरे और लोकोक्तियाँ
  • Pronoun in Hindi सर्वनाम, Sarvnaam Examples, Types, Definition
  • Prefixes in Hindi, Upsarg Examples, types and Definition
  • Pad Parichay Examples, Definition
  • Rachna ke aadhar par Vakya Roopantar (रचना के आधार पर वाक्य रूपांतरण) – Types , Example
  • Suffixes in Hindi, Pratyay Examples, Types and Definition
  • Singular and Plural in Hindi (वचन) – List, Definition, Types, Example
  • Shabdo ki Ashudhiya (शब्दों की अशुद्धियाँ) Definition, Types and Examples
  • Shabdaur Pad, शब्द और पद Examples, Definition, difference in Shabd and Pad
  • Shabd Vichar, शब्द विचार की परिभाषा, भेद और उदाहरण | Hindi Vyakaran Shabad Vichar for Class 9 and 10
  • Tenses in Hindi (काल), Hindi Grammar Tense, Definition, Types, Examples
  • Types of sentences in Hindi, VakyaVishleshan Examples, Types and Definition
  • Voice in Hindi, Vachya Examples, Types and Definition
  • Verbs in Hindi, Kirya Examples, types and Definition
  • Varn Vichhed, वर्ण विच्छेद Examples, Definition
  • Varn Vichar, वर्ण विचार परिभाषा, भेद और उदाहरण
  • Vaakya Ashudhhi Shodhan, वाक्य अशुद्धिशोधन Examples, Definition, Types
  • List of Idioms in Hindi, Meaning, Definition, Types, Example

Latest Posts

  • Martha Question Answers BSEB Class 10 English Panorama-II Book
  • Martha Summary, Explanation, Difficult Words | BSEB Class 10 English Poem 8
  • Connecting the Dots Question Answers Class 10 Maharashtra State Board
  • Connecting the Dots Summary, Explanation, Theme | Maharashtra State Board Class 10 English
  • 10 Patra Lekhan Examples ( पत्र लेखन के 10 उदाहरण)
  • The Three Questions Question Answers Class 10 Maharashtra State Board
  • The Three Questions Summary, Explanation, Theme | Maharashtra State Board Class 10 English
  • विज्ञापन लेखन के उदाहरण 10 Examples of Vigyapan Lekhan in Hindi | Sample Questions
  • Birthday Wishes in Hindi
  • Anniversary Wishes in Hindi
  • Father’s Day Quotes and Messages
  • Father’s Day quotes in Hindi
  • International Yoga Day Slogans, Quotes and Sayings
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस Slogans, Quotes and Sayings
  • Good Morning Messages in Hindi

HindiKiDuniyacom

दिवाली पर निबंध (Diwali Essay in Hindi)

दिवाली

दीपावली (Deepawali) या दिवाली का अर्थ है दीपों की अवली मतलब दीपों की पंक्ति। यह पर्व विशेष कर भारत और भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त अन्य देशों में (जहां हिंदू निवास करते हैं) भी यह विधि पूर्वक मनाया जाता है। यह पर्व अपने साथ खुशी, उत्साह और ढ़ेर सारा उमंग लेकर आता है। कार्तिक माह के अमावस्या को दिवाली का पर्व अनेक दीपों के प्रकाश के साथ मनाया जाता है। इस विशेष दिन पर अमावस्या की काली रात दिपों के जगमगाहट से रौशन हो जाती है। दिपावली पर पुराने रीत के अनुसार सभी अपने घरों को दीपक से सजाते हैं।

दिवाली पर 10 वाक्य   || दिवाली के कारण होने वाला प्रदूषण पर निबंध

दीपावली 2021 पर छोटे-बड़े निबंध (Short and Long Essay on Diwali 2021 in Hindi, Deepawali par Nibandh Hindi mein)

निबंध – 1 (300 शब्द).

प्रभु राम के चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या वापस आने के उपलक्ष्य में दिवाली मनाया गया, तब से प्रति वर्ष दिवाली मनाया जाने लगा। स्कंद पुराण के अनुसार दिवाली से जुड़ी अनेक कथाएं प्रचलित हैं। अतः आध्यात्मिक दृष्टि से दिवाली हिंदुओं का बहुत अधिक महत्वपूर्ण त्योहार है।

दीपावली (Deepawali) के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रचलित कथाएं (इतिहास)

दिवाली का इतिहास बहुत पुराना है, इससे जुड़ी अनेक पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं जैसे कुछ लोगों के अनुसार सतयुग में भगवान नृसिंह ने इस दिन हिरण्यकश्यप का वध किया था इस उपलक्ष्य में दिवाली मनाया जाता है। कुछ लोगों का मानना है द्वापर में कृष्ण ने नरकासुर का वध कार्तिक आमवस्या को किया था इसलिए मनाया जाता है। कुछ के अनुसार इस दिन माता लक्ष्मी दूध सागर से प्रकट हुई थी, एवं अन्य के अनुसार माँ शक्ति ने उस दिन महाकाली का रूप लिया था इसलिए मनाया जाता है।

यह भी पढ़े :  छठ पूजा पर 10 वाक्य

दीपावली की सर्वाधिक प्रचलित कथा

दिवाली मनाए जाने वाले कारणों में सबसे प्रचलित कहानी त्रेता युग में प्रभु राम के रावण का वध कर चौदह वर्ष पश्चात माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में पूरी अयोध्या नगरी को फूलों और दीपों से सजाया गया। तब से प्रति वर्ष कार्तिक अमावस्या को दिवाली मनाया जाने लगा।

दीपावली कब मनाई जाती है

उत्तरी गोलार्द्ध में शरद ऋतु के कार्तिक माह की पूर्णिमा को यह दिपोत्सव धूम-धाम से मनाया जाता है। ग्रेगोरी कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार अक्टूबर या नवम्बर माह में मनाया जाता है।

दीपावली (Deepawali) का महत्व

दिवाली की तैयारी के वजह से घर तथा घर के आस-पास के स्थानों की विशेष सफाई संभव हो पाती है। साथ ही दिवाली का त्योहार हमें हमारे परंपरा से जोड़ता है, हमारे आराध्य के पराक्रम का बोध कराता है। इस बात का भी ज्ञान कराता है कि, अंत में विजय सदैव सच और अच्छाई की होती है।

दिवाली के साथ जुड़ी अनेक पौराणिक कहानियां इसके महत्व को और अधिक बढ़ा देती हैं। इस त्योहार से हम सभी को सच के राह पर चलने की सीख प्राप्त होती है।

यह भी पढ़े:  लक्ष्मी पूजा पर 10 लाइन

निबंध – 2 (400 शब्द)

दीपावली (Deepawali), स्वयं में अपनी परिभाषा व्यक्त करने वाला एक शब्द है, जिसे हम सब त्योहार के रूप में मनाते हैं। यह दीपों और रोशनी का त्योहार है। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अमावस्या को हम दीवाली के रुप में मनाते हैं। इसे सभी हिंदू देशों जैसे की भारत, नेपाल, आदि में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। परन्तु इस वर्ष कोरोना के कारण दीवाली की परिभाषा थोड़ी अलग होगी। खुशियां तो आएंगी परंतु अभी लोगों से दूरी बनाने में ही समझदारी है।

2020 की कोरोना वाली दीवाली

इस वर्ष जहां एक ओर पूरा विश्व कोरोना नामक महामारी से लड़ रहा है तो वही त्योहारों का मौसम भी ज़ोर पर है। त्योहारों का आनंद जरूर उठाये परन्तु यह याद रखें की सावधानी हटी, दुर्घटना घटी अर्थात कोरोना किसी भी रूप में आप तक पहुंच सकता है इस लिये कुछ नियमों का पालन करें जैसे:

  • बाज़ार आवश्यक होने पर ही जाएं।
  • सामान लेने के बाद घर आकर सामान को सैनिटाइज जरूर करें।
  • मास्क पहनना न भूलें और एक छोटा सैनिटाइजर भी साथ में अवश्य रखें।
  • दीवाली अपने साथ ठंडक को भी दस्तक देती है तो अपनी सेहत का भी ध्यान दें।
  • एक जिम्मेदार नागरिक बनें और बच्चों को भी पटाखों से होने वाले नुकसान बताएं।
  • मौसम बदलने पर ज्यादातर लोग बीमार पड़ते हैं इस लिये त्योहार की भागा दौड़ी में खुद का ख्याल रखना न भूलें।
  • घरों में डस्टिंग और सफाई आदि करने से कई बार श्वास संबंधी रोग से पीड़ित लोगों को दिक्कत होने लगती है, इस लिये इसे करने से बचें क्यों की किसी भी तरह की श्वास संबंधी बीमारी होने पर लोगों में बेमतलब कोरोना की आशंका हो जाती है।
  • स्वास्थ्य के अतिरिक्त लोकल सामानों को खरीदें और लोकल के लिये वोकल बनें और भारतीय उत्पाद अपनाएं।
  • दीयों से खूबसूरत कुछ नहीं लगते, इस लिये विदेशी लाइटों की जगह घरों को मिट्टी के दीयों से सजाएँ और देश की अर्थव्यवस्था सुधारने में मदद करें।

अपकी दीवाली केवल परिवार के साथ

दीवाली रोशनी का त्योहार तो है ही, साथ में खुशियां भी लाती है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर कोई इस दिन का बेसबरी से इंतजार करता है। नए कपड़ों, रंग-बिरंगी मिठाइयों और रंगोली के सामान से बाजारों में रौनक आ जाती है। लोग जम कर खरीदारी करते हैं और अपने-अपने घरों को भी सजाते हैं। इस दिन पूरे देश में खुशी का माहौल रहता है।

इस दीवाली खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी रखें इस लिये इस वर्ष किसी के घर न जाएं सब को फ़ोन पर ही बधाई दे दें। अच्छा भोजन खाएं, ज्यादा बाज़ार के उत्पाद न खाएं घर पर बना खाना खाएं और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दें और परिवार के साथ इसका आनंद लें।

हर त्योहार की अपनी खासियत होती है, ठीक इसी प्रकार रोशनी के इस पर्व को समृद्धि का सूचक माना जाता है। ज्यादातर घरों में इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है और धन-धान्य का वरदान मांगा जाता है। इस वर्ष पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक शांत और रोशनी से भरपूर त्योहार अपने-अपने परिवार के साथ मनाएं।

Diwali Essay

यह भी पढ़े : धनतृयोदशी या धनतेरस या धनवंन्तरी तृयोदशी

निबंध – 3 (500 शब्द)

दीपावली (Deepawali) धन, धान्य, सुख, चैन व ऐश्वर्य का त्योहार है। भारत के विभिन्न राज्य इस अवसर पर पौराणिक कथाओं के आधार पर विशेष तरह की पूजा करते हैं। दिवाली, भारत तथा नेपाल में प्रमुख रूप से मनाया जाता है। इसके अलावा अन्य देशों में भी उत्साह के साथ मनाया जाता है।

भारत के विभिन्न स्थान पर दिपावली मानाने की वजह

भारत के विभिन्न राज्यों में दिवाली मानाने की अलग-अगल वजह है। उन में से कुछ प्रमुख निम्नवत् हैं-

  • भारत के पूर्वी भाग में स्थित उड़ीसा, बंगाल इस दिन माता शक्ति को, महाकाली का रूप धारण करने के वजह से मनाते हैं। और लक्ष्मी के स्थान पर काली की उपासना करते हैं।
  • भारत के उत्तरी भाग में स्थित पंजाब के लिए दिवाली बहुत महत्व रखता है क्योंकि 1577 में इसी दिवस पर अमृतसर में स्वर्ण मंदिर की नींव रखी गई थी। और इसी दिन पर सिक्खों के गुरु हरगोबिंद सिंह को जेल से रिहा किया गया था।
  • भारत के दक्षिण भाग में स्थित राज्य जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, आदि दिवाली पर, द्वापर में कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध के खुशी में कृष्ण की पूजा करके मनाते हैं।

विदेश में दिपावली का स्वरूप

  • नेपाल – भारत के अलांवा भारत के पड़ोसी देश नेपाल में दिपावली का त्योहार धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिवस पर नेपाली कुत्तों को सम्मानित करते हुए उनकी पूजा करते हैं। इसके अलांवा वह संध्याकाल में दीपक जलाते हैं तथा एक-दूसरे से मिलने उनके घर जाते हैं।
  • मलेशिया – मलेशिया में हिंदुओं की संख्या ज्यादा होने के वजह से इस दिन पर सरकारी अवकाश दिया जाता है। लोग अपने घरों में पार्टी आयोजित करते हैं। जिसमें अन्य हिंदू व मलेशियाई नागरिक सम्मिलित होते हैं।
  • श्रीलंका – इस द्वीप में रह रहे लोग दिवाली के सुबह उठ कर तेल से स्नान करते हैं और पूजा के लिए मंदिर जाते हैं। इसके अतिरिक्त यहां दिवाली के मौके पर खेल, आतिशबाजी, गायन, नृत्य, भोज आदि आयोजित किया जाता है।

इन सब के अतिरिक्त अमेरिका, न्यूजीलैंड, मॉरिशस, सिंगापुर, रीयूनियन, फिजी में बसे हिंदुओं द्वारा यह पर्व मनाया जाता है।

दीपावली (Deepawali) पर ध्यान रखने योग्य बातें

विशेषकर लोग दीपावली (Deepawali)पर पटाखे जलाते हैं, यह पटाखे अत्यधिक खतरनाक होते हैं। मस्ती में होने के वजह से अनचाही दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। अतः त्योहार के धूम-धाम में व्यक्ति को सुरक्षा का भी पूर्ण खयाल रखना चाहिए।

दीपावली (Deepawali)पर अभद्र व्यवहार न करें

कई लोगों का मानना है, दिपावली के अवसर पर जुआ खेलने से घर में धन की बाढ़ आ जाती है। इस कारणवश अनेक लोग इस अवसर पर जुआ खेलते हैं। यह उचित व्यवहार नहीं है।

अत्यधिक पटाखो का जलाया जाना

पटाखों के आवाज से अनेक बेजुबान जानवर बहुत अधिक डरते हैं। इसके अलांवा बड़े-बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज़ भी इन ध्वनि से परेशानियों का सामना करते हैं। इसके साथ ही दिवाली के दूसरे दिन प्रदुषण में वृद्धि हो जाती है।

दिवाली खुशीयों का त्योहार है। इससे जुड़ी प्रत्येक चीज हमें खुशी देती है। हम सभी को समाज के ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते यह कर्तव्य बनता है की हमारे मस्ती और आनंद के वजह से किसी को भी किसी प्रकार का कष्ट न होने पाए।

संबंधित जानकारी

दिवाली पर छात्रों के लिए भाषण

बाली प्रतिप्रदा या गोवर्धन पूजा

भाई दूज पर निबंध

संबंधित पोस्ट

मेरी रुचि

मेरी रुचि पर निबंध (My Hobby Essay in Hindi)

धन

धन पर निबंध (Money Essay in Hindi)

समाचार पत्र

समाचार पत्र पर निबंध (Newspaper Essay in Hindi)

मेरा स्कूल

मेरा स्कूल पर निबंध (My School Essay in Hindi)

शिक्षा का महत्व

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Importance of Education Essay in Hindi)

बाघ

बाघ पर निबंध (Tiger Essay in Hindi)

दा इंडियन वायर

दिवाली पर निबंध

write an essay on diwali in hindi for class 8

By विकास सिंह

essay on diwali in hindi

दिवाली रोशनी का त्योहार है। यह पूरे भारत में बहुत धूमधाम और जलवे के साथ मनाया जाता है। त्योहार का माहौल दिवाली से पहले शुरू होता है। लोग नए कपड़ों की खरीदारी करते हैं, अपने घरों को साफ करते हैं और दिवाली के दौरान अपने निकट और प्रियजनों के लिए उपहार खरीदते हैं।

दिवाली पर निबंध, essay on diwali in hindi (200 शब्द)

दिवाली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। दीपावली उत्सव की तैयारी त्योहार से हफ्तों पहले शुरू होती है। लोग अपने घरों और दुकानों को साफ करके तैयारियों से शुरुआत करते हैं। दिवाली से पहले घरों, दुकानों और कार्यालयों के हर नुक्कड़ की सफाई की जाती है। फिर उन्हें रोशनी, लैंप, फूलों और अन्य सजावटी वस्तुओं से सजाया जाता है।

इस त्योहार पर लोग अपने प्रियजनों के लिए नए कपड़े, घर की सजावट का सामान और उपहारों की खरीदारी करते हैं। इस समय के आसपास कई तरह के गिफ्ट आइटम और मिठाइयों से बाजार भर गए हैं। कारोबारियों के लिए अच्छा समय है। यह हमारे निकट और प्रिय लोगों के साथ बंधन का भी एक अच्छा समय है। लोग इस समय के आसपास एक-दूसरे के पास जाते हैं और उत्सव के एक भाग के रूप में उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं।

दिवाली के दिन, लोग अपने घरों को दीयों, मोमबत्तियों और रोशनी से रोशन करते हैं। वे रंगोली भी बनाते हैं और अपने घरों को फूलों से सजाते हैं। देवी और लक्ष्मी और गणेश की पूजा करने की रस्म हर हिंदू घर में दिवाली के अवसर पर अपनाई जाती है। कहा जाता है कि इससे समृद्धि और सौभाग्य आता है।

दीपों के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है, दीवाली सभी देवताओं की पूजा करने, पटाखे जलाने, मिठाई खाने और प्रियजनों के साथ मिलन करने के बारे में है। इसे हिंदू कैलेंडर में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है।

दिवाली पर निबंध, essay on diwali in hindi (300 शब्द)

diwali

प्रस्तावना:

दीपावली को दीपावली अर्थात दीए की एक पंक्ति के रूप में भी जाना जाता है। यह त्योहार पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह हर साल भगवान राम की उनके राज्य अयोध्या में वापसी के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस त्योहार को मनाने के लिए कई रस्में निभाई जाती हैं।

रोशनी का त्योहार:

प्रकाश दीप इस हिंदू त्योहार के मुख्य अनुष्ठानों में से एक है। लोग हर साल सुंदर मिट्टी के बर्तन खरीदते हैं और अपने पूरे घर को दिवाली उत्सव के एक हिस्से के रूप में रोशन करते हैं। कहा जाता है कि भगवान राम, लक्ष्मण और सीता के स्वागत के लिए पूरे अयोध्या नगरी को दीपों से रोशन किया गया था। लोग आज भी इस अनुष्ठान का पालन करते हैं। यह देवताओं को प्रसन्न करने का एक तरीका है।

इस दिन घरों, बाजारों, कार्यालयों, मंदिरों और अन्य सभी स्थानों को रोशनी से रोशन किया जाता है। सुंदरता में इजाफा करने के लिए मोमबत्तियां, दीये और सजावटी लाइटें भी जलाई जाती हैं। रंगोली बनाई जाती है और इसकी सुंदरता को बढ़ाने के लिए कला की इन खूबसूरत कृतियों के बीच दीया लगाया जाता है।

उपहारों का आदान-प्रदान:

उपहारों का आदान-प्रदान दिवाली त्योहार के मुख्य अनुष्ठानों में से एक है। लोग अपने सहयोगियों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने जाते हैं और अपने बंधन को मजबूत करने के लिए उन्हें उपहार भेंट करते हैं। हिंदू संस्कृति हमें एक-दूसरे के साथ रहना सिखाती है। मुख्य हिंदू त्योहारों में से एक, दीवाली, विविधता के बीच भाईचारे और एकता की भावना को बढ़ावा देती है।

पहले के समय में ड्राई फ्रूट की मिठाइयों और बक्सों का आदान-प्रदान आम बात थी, इन दिनों लोग अनोखे और इनोवेटिव गिफ्ट आइटम्स की तलाश में रहते हैं। इन दिनों बाजार में कई प्रकार के दिवाली उपहार उपलब्ध हैं।

लोग अपने कर्मचारियों के लिए उपहार भी खरीदते हैं और घर में मदद करते हैं। कई लोग अनाथालय और वृद्धाश्रम भी जाते हैं और वहां उपहार बांटते हैं।

निष्कर्ष:

लोग साल भर दीवाली का इंतजार करते हैं और इसके उत्सव की तैयारियां त्योहार से लगभग एक महीने पहले शुरू हो जाती हैं। लोग उल्लासपूर्वक इससे जुड़े सभी अनुष्ठान करते हैं।

दिवाली पर निबंध, diwali essay in hindi (400 शब्द)

diwali

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, दिवाली कार्तिक माह के दौरान अमावस्या (अमावस्या) को पड़ती है। यह हिंदू धर्म में सबसे शुभ समयों में से एक माना जाता है। लोग नए व्यवसाय को शुरू करने, नए घर में शिफ्ट होने या बड़ी संपत्ति जैसे कार, दुकान, आभूषण आदि खरीदने के लिए साल के इस समय का इंतजार करते हैं। इस त्योहार के जश्न के साथ कई पौराणिक कहानियां जुड़ी हुई हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लोग इसे विभिन्न कारणों से मनाते हैं। हालांकि, यह हर जगह एक भव्य उत्सव का आह्वान करता है।

सफाई और सजावट:

दिवाली का जश्न घरों और कार्य स्थलों की सफाई के साथ शुरू होता है। पर्दे धोने से लेकर पंखे की सफाई तक, घर के हर कोने की सफाई से लेकर बेकार के पुराने सामान को त्यागने तक – दिवाली घरों की सफाई के साथ-साथ काम की जगहों के लिए भी समय है। कई सफाई एजेंसियां ​​दिवाली के आसपास विशेष छूट और ऑफ़र देती हैं और अच्छा व्यवसाय करती हैं।

लोग अपने स्थानों को पुनर्वितरित करने के लिए विभिन्न घरेलू सजावट वस्तुओं की खरीदारी भी करते हैं। घरों को दीयों, रोशनी, लालटेन, मोमबत्तियों, फूलों, ड्रेप्स और कई अन्य सजावटी वस्तुओं से सजाया जाता है।

आनन्द बांटना:

लोग अपने रिश्तेदारों, पड़ोसियों और दोस्तों से मिलने जाते हैं। वे उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं। कई लोग अपने प्रियजनों के साथ त्योहार मनाने के लिए दिवाली पार्टियों की मेजबानी करते हैं। उत्सव का आनंद इस तरह से दोगुना हो जाता है।

कई आवासीय समाज इस अवसर को मनाने के लिए दिवाली पार्टियों का आयोजन करते हैं। यह त्योहार का आनंद लेने का एक शानदार तरीका है।

देवताओं की पूजा करना:

शाम के समय देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। लोग नए कपड़े पहनते हैं और देवताओं को प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

पटाखे जलाना और बढ़ता प्रदूषण:

दीवाली समारोह के एक हिस्से के रूप में पटाखे भी जलाए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष इस दिन बड़ी संख्या में पटाखे जलाए जाते हैं। जबकि यह क्षणिक आनंद प्रदान करता है, इसके नतीजे बेहद हानिकारक हैं। यह वायु, ध्वनि और भूमि प्रदूषण को जोड़ता है। प्रदूषण के कारण कई लोग पीड़ित हैं।

बिना पटाखों के दिवाली और भी खूबसूरत होगी। नई पीढ़ी को पटाखे जलाने के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक होना चाहिए और इस त्योहार को आतिशबाजी के बिना मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

दिवाली, जिसे रोशनी के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू परंपरा का एक प्रतीक है। यह हिंदू परिवारों द्वारा साल-दर-साल खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह आनंद, प्रेम और हँसी फैलाने का समय है न कि प्रदूषण।

दीपावली पर निबंध, essay on deepawali in hindi (500 शब्द)

diwali

प्रस्तावना :

दीवाली अक्टूबर और नवंबर के मध्य के बीच में आती है। यह हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न कारणों से मनाया जाता है। कई अनुष्ठान दिवाली समारोहों का हिस्सा बनते हैं। दीया और मोमबत्तियों के साथ घरों को रोशन करना और देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना मुख्य अनुष्ठानों में से एक है।

हम दिवाली क्यों मनाते हैं?

जबकि यह काफी हद तक माना जाता है कि दिवाली भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी के लिए मनाई जाती है, इसके साथ कई अन्य लोककथाएं और पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। यहाँ कुछ कारणों से इस त्योहार को मनाया जाता है।

भगवान राम की वापसी:

ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम चौदह वर्षों तक वनवास में रहने के बाद अपने गृहनगर अयोध्या लौटे थे। उनके साथ उनके भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता भी थीं। सीता का अपहरण रावण ने किया था। उसे अपने राज्य में एक बंधक के रूप में रखा गया था जब तक कि भगवान राम ने उसे हराया और उसे वापस नहीं लाया। जैसे ही भगवान राम, लक्ष्मण और सीता अयोध्या लौटे, लोग रोमांचित और उत्साहित थे।

पूरे शहर को दीयों से रोशन किया गया था। मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने मंगल कामना की। इसी तरह हम आज भी इस दिन को मनाते रहते हैं।

हार्वेस्ट फेस्टिवल

देश के कुछ हिस्सों में, दीवाली को फसल त्योहार माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह वह समय है जब चावल की खेती की जाती है। चूंकि, भारत मुख्य रूप से एक कृषि अर्थव्यवस्था है जो उत्सव का समय है। इस समय भव्य उत्सव मनाया जाता है। यह त्योहार किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है।

भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की कथा

ऐसा कहा जाता है कि राजा बलि ने देवी लक्ष्मी को कैद कर लिया था। यह इस दिन था कि भगवान विष्णु ने खुद को प्रच्छन्न किया और देवी को बुरे राजा से मुक्त कर दिया। दिन इस प्रकार एक उत्सव का आह्वान करता है। देश के कई हिस्सों में, लोग देवी लक्ष्मी की वापसी की खुशी के लिए दिवाली मनाते हैं।

देवी लक्ष्मी का जन्म

ऐसा कहा जाता है कि देवी लक्ष्मी का जन्म कार्तिक माह की अमावस्या को हुआ था। इस प्रकार, कुछ क्षेत्रों में, देवी लक्ष्मी के जन्म की खुशी मनाने के लिए दीवाली मनाई जाती है, जो इस दिन शाम के समय पूजा की जाती है। देवी लक्ष्मी धन और समृद्धि की देवी हैं और हिंदू उनके लिए उच्च सम्मान रखते हैं। दीवाली के दिन हर हिंदू घर में देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की रस्म का पालन किया जाता है।

चाहे जो भी कारण हो, दिवाली पूरे भारत के साथ-साथ कुछ अन्य देशों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। घर की सफाई, नए कपड़ों की खरीदारी, मिठाइयाँ और उपहार, घर को सजाना, दीपों को जगाना, प्रार्थनाएँ करना, पटाखे जलाना और प्रियजनों से मिलना, ये कुछ रस्में हैं जो दिवाली पर निभाई जाती हैं।

दीवाली हमें अपने निकट और प्रिय लोगों के करीब लाती है। सभी आयु वर्ग के लोग इस त्यौहार का इंतजार करते हैं और अपने प्रियजनों के साथ इसे मनाने के लिए तत्पर रहते हैं। परिवार का प्रत्येक सदस्य दीवाली उत्सव में सक्रिय भाग लेता है। लोग धार्मिक रूप से सभी अनुष्ठानों का पालन करते हैं जो दिवाली समारोहों का हिस्सा बनते हैं और उन्हें अगली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं।

दिवाली पर निबंध, essay on diwali in hindi (600 शब्द)

दिवाली हमारे प्रियजनों से मिलने और शुभकामनाएं देने, स्वादिष्ट मिठाइयां तैयार करने, नए कपड़े पहनने, घर को फिर से सजाने और देवी लक्ष्मी की पूजा करने का समय है। पटाखे जलाने का समय भी यही है। जबकि सभी दीवाली की रस्में सुंदर और पवित्र हैं, दिन को खुश करने के लिए पटाखे जलाना अधिक सराहना नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह वायुमंडल में प्रदूषण को जोड़ता है।

दिवाली समारोह:

प्राचीन काल से भारत में दिवाली मनाई जा रही है। यह अंधकार पर प्रकाश की जीत का जश्न मनाने का दिन है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह वह दिन था जब भगवान राम 14 साल के वनवास में रहने के बाद अपने राज्य अयोध्या लौटे थे। वह राक्षस, रावण को मारकर और सीता को अपने चंगुल से मुक्त करके विजयी होकर लौटा।

प्रत्येक वर्ष दशहरे पर पूरे भारत में रावण के पुतले जलाए जाते हैं। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दिवाली बीस दिन बाद पड़ती है। दिवाली मनाने के लिए घरों और बाजारों को सुंदर दीयों और रोशनी से रोशन किया जाता है। इन स्थानों की सुंदरता बढ़ाने के लिए रंगोली बनाई जाती है और सजावटी वस्तुओं का उपयोग किया जाता है।

इस दिन पूजा की जाने वाली देवी लक्ष्मी के स्वागत के लिए लोग अपने घरों को अच्छी तरह से साफ करने के बाद उन्हें सजाते हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी; धन की देवी, केवल उन स्थानों पर जाती हैं जो स्वच्छ और सुंदर हैं। लोग एक-दूसरे के पास जाते हैं और दिवाली समारोह के एक भाग के रूप में उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। कई लोग इस दिन घर की पार्टियों की मेजबानी करते हैं।

यह हमारे रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ संबंध बनाने का एक शानदार समय है। कई कार्यालय और आवासीय सोसायटी त्योहार से एक या दो दिन पहले दिवाली पार्टियों की मेजबानी करते हैं।बच्चे इस दिन विशेष रूप से पटाखे जलाने के लिए तत्पर रहते हैं। वे चारों ओर इकट्ठा होते हैं और विभिन्न प्रकार के पटाखे जलाकर त्योहार का आनंद लेते हैं।

दिवाली प्रदूषण: चिंता का विषय

दिवाली एक शुभ दिन है। पूरा वातावरण इस समय उत्सव और उल्लास की हवा से भर जाता है। हालांकि, यह अंततः प्रदूषण से भर जाता है। इस दिन जले हुए पटाखे पूरी तरह बंद हैं। पटाखे जलाना दिवाली पर एक अनुष्ठान बताया जाता है। लोग प्रत्येक वर्ष इस दिन अनुष्ठान के नाम पर हजारों पटाखे जलाते हैं।

इससे वातावरण में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होती है। आकाश धुंधला हो जाता है और परिणाम हानिकारक होते हैं। यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का रास्ता देता है। यह विशेष रूप से दमा के रोगियों, हृदय रोगियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और शिशुओं के लिए असुरक्षित है। त्यौहार के बाद के दिनों के साथ-साथ दिवाली पर भी कदम रखना मुश्किल है।

पटाखे जलाने से न केवल वायु प्रदूषित होती है बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी होता है। यह विशेष रूप से बीमार और बुजुर्ग लोगों, छोटे बच्चों, छात्रों और जानवरों के लिए परेशान है।

इको-फ्रेंडली दिवाली: एक अच्छा विचार

समय आ गया है जब हमें जिम्मेदार नागरिकों के रूप में व्यवहार करना चाहिए और उस मामले के लिए दीवाली या किसी अन्य अवसर पर जश्न मनाने के लिए पटाखे जलाना बंद करना चाहिए। हमें पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनानी चाहिए।

हमें पटाखे नहीं जलाने चाहिए और अपने आसपास के लोगों को भी ऐसा करने की सलाह देनी चाहिए। पटाखे जलाने के नकारात्मक नतीजों के बारे में अपने बच्चों को बताने की जिम्मेदारी माता-पिता को लेनी चाहिए। स्कूलों में बच्चों को भी इसके बारे में संवेदनशील बनाना होगा। इससे दीवाली पर आग के कामों को नीचे लाने में मदद मिलेगी।

उन उपायों के अलावा जो लोग अपने अंत में ले सकते हैं, पटाखे की बिक्री पर एक चेक लगाना महत्वपूर्ण है। सरकार को उसी के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। पटाखे के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए या कम से कम कुछ प्रतिबंध उसी पर लगाया जाना चाहिए।

दिवाली एक पवित्र त्योहार है। हमें इसे सही तरीके से मनाकर इसकी पवित्रता को बनाए रखना चाहिए। हमें पर्यावरण पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के कारण पटाखे जलाने से बचना चाहिए जो अंततः पृथ्वी पर जीवन को प्रभावित करता है।

दिवाली पर निबंध, long essay on diwali in hindi (1000 शब्द)

diwali

प्रस्थान:

दिवाली हर साल शरद ऋतु के मौसम में पूरे भारत में मनाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। इस त्योहार का आध्यात्मिक महत्व अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है। यह लोगों द्वारा बड़ी तैयारी और अनुष्ठान के साथ मनाया जाने वाला पांच दिनों का त्योहार है।

यह हर साल अक्टूबर या नवंबर के महीने में पड़ता है। त्योहार के कई दिन पहले, लोग अपने घरों और कार्यालयों की सफाई, मरम्मत और सजावट शुरू करते हैं। वे नई पोशाक, दीये, दीये, मोमबत्तियाँ, पूजा सामग्री, भगवान और देवी की मूर्ति और विशेष रूप से दिवाली के लिए खाने की चीजों की सजावट करते हैं।

लोग अपने जीवन में धन और समृद्धि पाने के लिए भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। वे बहुत सारी रस्मों के साथ मुख्य दिवाली पर पूजा करते हैं। पूजा के बाद, वे आतिशबाजी की गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं और फिर पड़ोसियों, परिवार के सदस्यों, दोस्तों, कार्यालयों आदि के बीच एक दूसरे को उपहार वितरित करते हैं।

लोग पहले दिन धनतेरस मनाते हैं, दूसरे दिन नरका चतुर्दशी, तीसरे दिन दिवाली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा) और त्योहार के पांचवें दिन भाई दूज। यह त्योहार के दिन कई देशों में आधिकारिक अवकाश बन जाता है।

पटाखों के बिना परिवार के साथ दिवाली का जश्न:

दिवाली वर्ष का मेरा पसंदीदा त्योहार है और मैं इसे अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बहुत उत्साह के साथ मनाता हूं। दिवाली को रोशनी के त्योहार के रूप में कहा जाता है क्योंकि हम इसे बहुत सारे दीए और मोमबत्तियां जलाकर मनाते हैं।

यह एक पारंपरिक और सांस्कृतिक त्यौहार है जो प्रत्येक भारत और विदेशों में प्रत्येक हिंदू व्यक्ति द्वारा मनाया जाता है। लोग अपने घरों को बहुत सारी मोमबत्तियों और छोटे मिट्टी के तेल के लैंप से सजाते हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत का संकेत देते हैं।

परिवार के सदस्य भव्य शाम पार्टी के साथ त्योहार का स्वागत करने के लिए घर (सफाई, सजावट, आदि) तैयार करने में अपना अधिकांश समय बिताते हैं। पड़ोसी, परिवार के सदस्य और दोस्त शाम की पार्टी में एकत्रित होते हैं और रात भर पार्टी में स्वादिष्ट भारतीय व्यंजन, नृत्य, संगीत आदि का आनंद लेते हैं। व्हाइट वॉश, कैंडल लाइट और रंगोली में मकान बहुत आकर्षक लगते हैं। उच्च पिच संगीत और आतिशबाजी उत्सव को और अधिक रोचक बनाते हैं।

लोग अपनी नौकरी, कार्यालयों और अन्य कार्यों से छुट्टी लेकर अपने घर जाते हैं; छात्र दीवाली के त्योहार पर आसानी से अपने घर जाने के लिए लगभग तीन महीने पहले अपनी ट्रेन बुक करते हैं क्योंकि हर कोई इस त्योहार को अपने परिवार के सदस्यों के साथ गृह नगर में मनाना चाहता है। लोग आमतौर पर त्योहार का आनंद लेते हैं, पटाखे फोड़ते हैं और परिवार और दोस्तों के साथ नृत्य का आनंद लेते हैं।

हालांकि, डॉक्टरों द्वारा बाहर निकलने और पटाखों का आनंद लेना निषिद्ध है, विशेष रूप से फेफड़े या दिल की बीमारियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि से पीड़ित लोगों को, ऐसे लोगों को अत्यधिक संतृप्त भोजन और मिठाई का अधिक मात्रा में और अभाव में सेवन करने के कारण डॉक्टर का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। इन दिनों में पटाखों के कारण होने वाले व्यायाम और प्रदूषण।

दिवाली का महत्व:

दिवाली का त्यौहार लोगों द्वारा बहुत ही मस्ती और बहुत सारी मज़ेदार गतिविधियों के साथ मनाया जाता है। यह वर्ष में भारतीय लोगों के लिए सबसे खुशी का अवकाश बन जाता है और महत्वपूर्ण तैयारी के साथ मनाया जाता है। यह भारतीय लोगों के लिए उच्च महत्व का त्यौहार है, जिसके दौरान लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, सजावट करते हैं, खरीदारी करते हैं, उपहार, रसोई के बर्तन, उपकरण, कार, सुनहरे गहने, आदि सहित कई नई चीजें खरीदते हैं और बहुत सारे अनुष्ठान करते हैं।

इस त्योहार को मनाने के बारे में कई प्राचीन कथाएं, किंवदंतियां और मिथक हैं। घर की लड़कियां और महिलाएं खरीदारी करती हैं और घर के दरवाजे और पैदल रास्ते के पास फर्श पर रचनात्मक पैटर्न में रंगोली बनाती हैं। क्षेत्रीय प्रथाओं और अनुष्ठानों के अनुसार इस त्योहार के उत्सव में बहुत कम विविधताएं हैं।

इस त्योहार का आध्यात्मिक महत्व अंधकार पर प्रकाश की जीत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह धन की देवी, लक्ष्मी और बुद्धि के देवता, गणेश का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। इसका धार्मिक महत्व पूरे देश में इस क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग है। कहीं-कहीं यह 14 वर्षों के लंबे निर्वासन काल (हिंदू महाकाव्य रामायण के अनुसार) के बाद अपने घर में राम, सीता और लक्ष्मण की वापसी का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।

कुछ लोग वनवास के 12 साल बाद और एक साल के अगियातव (हिंदू महाकाव्य महाभारत के अनुसार) के बाद अपने राज्य में पांडवों की वापसी को याद करने के लिए इसे मनाते हैं। यह भी माना जाता है कि देवताओं और राक्षसों द्वारा समुद्र मंथन करने के बाद देवी लक्ष्मी का जन्म होने पर इसे मनाया जाना शुरू हुआ था।

दीवाली उत्सव भारत के पश्चिम और कुछ उत्तरी भागों में एक नए हिंदू वर्ष की शुरुआत का संकेत देता है। यह सिख धर्म के लोगों द्वारा स्वर्ण मंदिर को जलाकर बांदी छोर दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह जैन धर्म के लोगों द्वारा महावीर द्वारा प्राप्त निर्वाण को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है।

दिवाली पर प्रदुषण:

इस त्यौहार के दौरान विभिन्न प्रकार के पटाखों के फटने के कारण, दिवाली उत्सव के साथ-साथ, पूरे विश्व में पर्यावरण प्रदूषण में अप्रत्यक्ष वृद्धि हुई है। इस तरह के पटाखे बहुत खतरनाक होते हैं क्योंकि वे सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और इतने पर आदि जैसे जहरीले प्रदूषक छोड़ते हैं जो हवा में मिल जाते हैं और विभिन्न प्रकार की बीमारियों जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, उच्च रक्तचाप आदि का कारण बनते हैं।

यह सभी लोगों को प्रभावित करता है। आयु वर्ग हालांकि उन लोगों को जो पहले से ही किसी भी प्रकार की बीमारी से पीड़ित हैं। मानव के साथ मिलकर, यह वायु और ध्वनि प्रदूषण के कारण जानवरों, पक्षियों और अन्य जीवित प्राणियों को भी प्रभावित करता है।

पूरे देश में प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने के लिए अब सरकार द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। स्कूलों और विभिन्न संगठनों ने प्रदूषण मुक्त त्योहार के लिए छात्रों को शिक्षित और जागरूक करने के लिए उत्सव से पहले विभिन्न प्रदर्शनों का आयोजन किया।

पर्यावरण और प्रदूषण विभाग भी विभिन्न अखबारों में प्रदूषण मुक्त समाचार प्रकाशित कर जागरूक लोगों को जागरूक करते हैं और पटाखों की वजह से ध्वनि और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाते हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष रूप से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फटने वाले ध्वनि-पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

वायु और जल प्रदूषण भी आतिशबाजी के अवशेषों के क्षय और कचरे की खाली पड़ी बोतलों जैसे कचरे के कारण होते हैं। हम सभी को पर्यावरण की प्राकृतिक सुंदरता को बचाने और आनंद लेने के लिए हर साल प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का अभ्यास करना चाहिए।

[ratemypost]

इस लेख से सम्बंधित अपने सवाल और सुझाव आप नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

Related Post

Paper leak: लाचार व्यवस्था, हताश युवा… पर्चा लीक का ‘अमृत काल’, केंद्र ने पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल फ़ेलोशिप के लिए वन-स्टॉप पोर्टल किया लॉन्च, एडसिल विद्यांजलि छात्रवृत्ति कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, 70 छात्रों को मिलेगी 5 करोड़ की छात्रवृत्ति, leave a reply cancel reply.

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Train Accident: एक और रेल हादसा… पश्चिम बंगाल में मालगाड़ी और कंचनजंगा एक्सप्रेस की टक्कर

Ls election 2024 results: “जनता ही जनार्दन है”, प्रहलाद जोशी के निमंत्रण पर मल्लिकार्जुन खड़गे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए: रिपोर्ट, गर्मी का प्रकोप: सूखता कंठ, छांव की तलाश, मजदूरों की मजबूरी…. भविष्य में इस संकट के और गहराने के आसार.

hindimeaning.com

Essay On Diwali In Hindi (100, 200, 300, 500, 700, 1000 Words)

दीपावली निबंध 1 (100 शब्द) :.

हम भारत देश में रहते हैं जिसे अपने सौंदर्य और त्यौहारों की वजह से जाना जाता है इन्हीं में से एक त्यौहार दीपावली होता है। इस दिन को भगवान राम की रावण पर अथार्त ज्ञान की अज्ञान पर जीत के रूप में मनाया जाता है। दीपावली को सर्दियों के समय अक्तूबर या नवंबर में कार्तिक मांस की अमावस्या के दिन बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है।

इस दिन भगवान श्री राम राक्षस रावण का वध करके और 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस आये थे जिसकी खुशी में अयोध्यावासियों ने घी के दीप जलाए थे। दीपावली के आने से कुछ दिनों पहले से ही लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई करने लगते हैं और अपने घर को पूरी तरह से पवित्र कर देते हैं।

इस दिन सभी लोग नए-नए कपड़े पहनकर घरों में लक्ष्मी पूजन करते हैं जिसके बाद सभी लोग मिठाईयां बांटते हैं और पटाखे जलाते हैं। हर घर में अलग-अलग तरह के व्यंजन और पकवान बनाए जाते हैं। इस दिन बहुत से लोग शराब पीते हैं, जुआ खेलते हैं, लड़ाई-झगड़ा करते हैं जिसकी वजह से पर्यावरण भी दूषित होने लगता है जो अच्छी बात नहीं है।

दीपावली निबंध 2 (200 शब्द) :

हम भारत देश में रहते हैं जिसे अलग-अलग धर्मों में एकता, संस्कृति, रीति-रिवाजों और अलग-अलग उत्सवों की वजह से जाना जाता है। भारत देश में सभी धर्मों के त्यौहारों को महत्व दिया जाता है जिस प्रकार हिंदुओं के पर्व दीपावली को महत्व दिया जाता है। दीपावली त्यौहार को कार्तिक मांस की अमावस्या के दिन मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अपने देश अयोध्या लौटे थे।

श्री राम के आने की खुशी में लोगों ने दिए जलाकर पूरी अयोध्या नगरी को जगमगा दिया था। दीपावली का अर्थ होता है दीपों की पंक्ति जिसमें दीयों को एक पंक्ति में जलाया जाता है। इस दिन के महत्व के रूप में लोग यह कहते हैं कि अगर इस दिन घरों, दुकानों और कार्यालयों की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाए तो लक्ष्मी जी का प्रवेश होता है।

इस दिन को बेहतर बनाने के लिए लोग नए कपड़े, पटाखे, बर्तन, साज-सज्जा के सामान खरीदते हैं। दीपावली के दिन लोग नए कपड़े पहनकर सबसे पहले लक्ष्मी पूजन करते हैं जिसके बाद सभी लोग आपस में गले मिलते हैं और मिठाईयां बांटते हैं। बच्चे पटाखे जलाकर अपनी खुशी व्यक्त करते हैं। इस तरह से ओग भगवान श्री राम के प्रति अपनी खुशी और प्रसन्नता प्रकट करते हैं।

दीपावली निबंध 3 (300 शब्द) :

भूमिका : भारत में सभी धर्मों का बहुत महत्व है लेकिन हिन्दू धर्म की दीपावली को सभी धर्मों में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। दीपावली को सिर्फ भारत देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत ही उत्साह और महत्व के साथ मनाया जाता है।

इस दिन को इतना महत्व भगवान श्री राम की रावण पर और अच्छाई की बुराई पर जीत की वजह से मिला है। जिस दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे तो अयोध्यावासियों ने रात को दिन में बदलने के लिए दिए जलाए थे जिसकी वजह से पूरी अयोध्या जगमगाने लगी थी इसलिए इस दिन को सभी लोग दीपावली के रूप में मनाते हैं।

लक्ष्मी पूजन : दीपावली आने की खुशी में लोग अपने घरों, कार्यालयों, दुकानों और कारखानों में अच्छी तरह से साफ-सफाई करते हैं जिससे उनके जीवन के हर अँधेरे को दूर करने के लिए लक्ष्मी जी उनके जीवन में प्रवेश करें। रात के समय लोग नहा-धोकर नए कपड़े पहनते हैं जिसके बाद समय के साथ लक्ष्मी पूजन करके गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती जी को याद किया जाता है।

दीपावली के दिन सभी लोग बहुत से मजेदार खेल खेलते हैं, स्वादिष्ट व्यंजन खाते हैं और पटाखे जलाकर इस दिन को बहुत ही खास बना देते हैं। इस दिन सभी जगहों चाहे वह सरकारी कार्यालय हो या सडक सभी को साफ करके अच्छी तरह से सजाया जाता है। इस दिन सभी लोग दिए, मोमबत्ती, लड़ी लगाकर अपने घरों को सजाते हैं। इस दिन लोग एक-दूसरे को उपहार देते हैं, मिठाईयां खिलाते हैं और दीपावली की बधाई देते हैं।

उपसंहार : कोई भी त्यौहार उस देश का इतिहास होता है ठीक उसी तरह से भारत का एक इतिहास को दीपावली त्यौहार के रूप में हर साल याद किया जाता है। इसे भारत में एकता के रूप में देखा जाता है। दीपों के त्यौहार को दीपावली को अलग-अलग नामों से जाना जाता है जो बहुत ही आनंद और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार इतना पवित्र और महत्व वाला होता है कि किसी भी व्यक्ति को न्य जीवन जीने के लिए उत्साह प्रदान करता है।

दीपावली निबंध 4 (400 शब्द) :

भूमिका : दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जिसे भारत के साथ-साथ बहुत से अन्य देशों में भी मनाया जाता है जहाँ पर भी भारतीय लोग रहते हैं। जब कोई व्यक्ति अपने अज्ञान रूपी अंधकार को हटाकर उसपर ज्ञान रूपी उजाले को प्रज्ज्वलित करता है तो उसे एक बहुत ही असीम और आलौकिक आनंद का अनुभव होता है।

दीपावली भी इसी तरह का त्यौहार है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम अथार्त ज्ञान ने रावण रूपी अज्ञान को पराजित किया था। राम जी के वनवास से वापसी के लिए लोगों ने पूरी अयोध्या नगरी को फूलों, दीपों और रंगों से बहुत ही अच्छी तरह से सजाया था। जिसकी वजह से इसे दीपावली नाम दे दिया गया और हर साल मनाया जाने लगा।

दीपावली का इतिहास : दीपावली त्यौहार को अक्तूबर या नवंबर के महीने में कार्तिक मांस की अमावस्या के दिन मनाया जाता है क्योंकि इस दिन का हमारे भगवान श्री राम से बहुत ही गहरा संबंध है। इस दिन भगवान श्री राम ने लंकापति रावण को मारकर सीता माता को पुनः प्राप्त किया था।

सीता माता के साथ वनवास काटकर वापस लौटने की खुशी में उनकी प्रजा ने घी के दीए जलाकर अमावस्या की रात को पूर्णिमा में बदल दिया था। इस दिन लोगों ने पूरी अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया था और वहां के बाजारों में बहुत ही भीड़ थी क्योंकि श्री राम के वापस आने की खुशी में लोग मिठाईयां, कपड़े, खिलौने, पटाखे और उपहार खरीद रहे थे।

दीपावली का दिन : दीपावली का त्यौहार आने से कुछ दिनों पहले से ही लोग उत्साहित होने लगते हैं और अपने घरों और आसपास की साफ-सफाई करें ताकि उनके घर में किसी तरह की अशुद्धि न रह सके। इस दिन लोग बहुत ही खुश रहते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं।

इस दिन लोग अपने बच्चों के लिए खिलौने, मिठाईयां, बर्तन, कपड़े और पटाखे खरीदते हैं। इस दिन लोग अपने-अपने घरों और काम की जगहों को सजाते हैं। रात के समय लोग अपने-अपने घर में लक्ष्मी पूजन करते हैं जिसके बाद वे अपनी कला का भी प्रदर्शन करते हैं। इस दिन सभी लोग अपने आपसी द्वेष और क्लेश मिटाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और मिठाईयां खिलाते हैं।

उपसंहार : दीपावली भारत में सभी धर्मों के द्वारा मनाया जाने वाला एक त्यौहार है क्योंकि यह सभी के लिए खुशी और आशीर्वाद लेकर आता है। इस त्यौहार की वजह से हर साल लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत का एक नया सत्र सीखने को मिलता है।

किसी भी तरह का पर्व हमें उसके भूत में ले जाता है और हम फिर से एक बार उसके पीछे के कारणों को याद कर पाते हैं। यह एक बहुत ही अच्छा तरीका होता है अपने पुराने समय या अपने देश के अतीत को स्मरण करने का।

दीपावली निबंध 5 (500 शब्द) :

भूमिका : भारत एक त्यौहारों का देश है जिसमें हर महीने कोई-न-कोई त्यौहार या जयंती मनायी जाती है लेकिन इन्हीं में से एक त्यौहार दीपावली होता है जो एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। दीपावली त्यौहार के पीछे बहुत सी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं हैं। इस त्यौहार को मनाने के पीछे एक बहुत ही खास कारण है जो भगवान श्री राम से संबंधित है।

इस दिन भगवान श्री राम ने असुर रावण का वध किया था और अपनी पत्नी सीता को रावण की कैद अथार्त लंका से आजाद कराया था। यह पर्व वर्षा ऋतू के जाने के बाद शीत ऋतू के शुरू होने की ओर संकेत करता है। इस त्यौहार को पांच दिनों तक मनाया जाता है जिसमें धनतेरस, छोटी दीपावली, बड़ी दीपावली, गौधन, भाई दूज आदि त्यौहार एक के बाद एक मनाए जाते हैं।

दीपावली का अर्थ : दीपावली दो शब्दों से मिलकर बना है जो संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ होता है दीपों की पंक्ति या दीपों से सजी हुई पंक्ति। इस दिन बहुत सारे दीप और मोमबत्तियां जलाई जाती हैं जिसकी वजह से इस दिन को रौशनी का त्यौहार और दीपोत्सव भी कहा जाता है।

Also Read : दिवाली पर निबंध , दिवाली से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातें

इस दिन को मनाने के पीछे वैसे तो बहुत सारी कथाएं होती हैं लेकिन सबसे प्रमुख श्री राम चंद्र जी की असुर रावण पर जीत की कथा है। अमावस्या के दिन बहुत अधिक अँधेरा होता है जिसे दूर करने के लिए दीपों से घरों को सजाया जाता है और अँधेरे को दूर भगाया जाता है। दीपावली के दिन गणेश और लक्ष्मी पूजन किया जाता है जिससे घर में सुख-शांति का प्रवेश हो सके। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने महारस लीला का आयोजन किया था जिसकी वजह से भी इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया था।

दीपावली का महत्व : दीपावली को पूरे भारत में बहुत ही खुशी और धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन को अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, अज्ञान पर ज्ञान की जीत के रूप में मनाया जाता है।

इस दिन को सभी लोगों के द्वारा बहुत ही सुंदर और पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है जिसका भारत की आर्थिक दृष्टि से बहुत महत्व होता है क्योंकि दीपावली के त्यौहार पर लोग खिलौने, बर्तन, सोना, आभूषण, मिठाईयां, कपड़े आदि की खरीददारी करते हैं और पैसा खर्च करते हैं जिसकी वजह से भारत को भी बहुत लाभ होता है।

इस दिन का महत्व राम, पांडव आदि की वजह से बढ़ जाता है। आज के दिन गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती जी की पूजा की जाती है क्योंकि आज के ही दिन समुद्र मंथन हुआ था जिसमें लक्ष्मी जी का जन्म हुआ था जिसकी वजह से आज के दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है।

बच्चों की दीपावली : दीपावली त्यौहार का नाम सुनते ही बच्चों के चेहरे खुशी से झूमने लगते हैं। सभी बच्चे इस त्यौहार में होने वाली सभी गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। दीपावली के दिन स्कूलों में अध्यापकों के द्वारा बच्चों के लिए सजावट, रंगोली प्रतियोगिता, खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैं जिसमें बच्चे बहुत ही उत्साह के साथ भाग लेते हैं।

स्कूलों में दीपावली त्यौहार के कार्यक्रम बहुत दिनों पहले से ही शुरू होने लगते हैं। दीपावली के दिन का बच्चों के लिए बहुत अधिक महत्व होता है क्योंकि इस दिन घर के बड़े बच्चों के लिए मिठाईयां, खिलौने, पटाखे, कपड़े और उपहार खरीदते हैं जिसकी वजह से बच्चों को बहुत अधिक प्रसन्नता होती है।

उपसंहार : दीपावली के दिन का धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्व होता है क्योंकि हमारे इतिहास की वजह से आज हम खुश और संपन्न रहते हैं। इस दिन को और अधिक उत्साहित और सुरक्षित बनाने के लिए जितना हो सके बच्चों को ऐसी चीजों से दूर रखना चाहिए जो प्रदूषण या स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हों।

आजकल हम देखते हैं कि लोग पटाखे छोड़कर प्रदूषण फैलाते हैं और कभी-कभी तो बड़े-बड़े पटाखों को छोड़ते समय बच्चों को चोट लग जाती है। कभी-कभी तो बच्चे जल भी जाते हैं और बच्चों की मृत्यु भी हो जाती है। हम सभी को अधिक-से-अधिक कोशिश करनी चाहिए कि हम कम शोर, प्रदूषण और जोखिम लेकर इस दिन को और अधिक महत्व दें।

दीपावली निबंध 6 (600 शब्द) :

भूमिका : भारत देश में बहुत से त्यौहार मनाए जाते हैं जो अलग-अलग धर्मों द्वारा मनाए जाते हैं। इन सभी त्यौहारों में से सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार होता है दीपावली जिसे प्रकाश का पर्व, जश्न-ए-चिराग, रौशनी का पर्व आदि नामों से जाना जाता है। इस त्यौहार को दीपों या रौशनी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है क्योंकि यह पर्व सभी के लिए भरोसा और उन्नति लेकर आता है।

दीपावली के त्यौहार को बहुत अधिक महत्व इसलिए दिया जाता है क्योंकि इस त्यौहार को श्री राम चंद्र जी के घर लौटने की खुशी में लोगों ने तरह-तरह की मिठाईयां बांटी और आतिशबाजी करके अपनी खुशी को प्रकट किया था जिसके बाद इस दिन को दीपावली त्यौहार के नाम से प्रति वर्ष मनाया जाने लगा।

दीपावली की परंपरा : दीपावली के त्यौहार को बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक मन जाता है क्योंकि यह पर्व लोगों में प्रेम और एक-दूसरे के लिए स्नेह की भावना का विकास करता है। दीपावली के त्यौहार को व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

दीपावली के त्यौहार को भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। सभी लोगों में दीपावली की बहुत ही उमंग होती है क्योंकि इसमें वे अपने मन की चीजें जैसे – खाना, मिठाईयां, कपड़े, खिलौने, आदि सभी खरीदते हैं। इस दिन सभी लोग अपने घर के साथ-साथ अपने मनों की भी सफाई करते हैं ताकि उनके घर के साथ-साथ उनके मन में किसी भी तरह की कोई गंदगी या हीन भावना न रह सके।

दीपावली का वर्णन : दीपावली के त्यौहार को अक्तूबर या नवंबर यानि कार्तिक मांस की अमावस्या के दिन मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम चंद्र 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या नगरी वापस लौटे थे। दीपावली के त्यौहार को पांच दिनों तक मनाया जाता है जिसमें पहले दिन को धनतेरस कहते हैं जिसमें धन के देव कुबेर जी की और अहोई माता की पूजा की जाती है।

धनतेरस के दिन सभी जगह पर बर्तनों की दुकानों को देखा जा सकता है क्योंकि लोग अपने घर में नए बर्तनों को खरीदकर उनकी पूजा करते हैं। दूसरे दिन को छोटी दीपावली कहते हैं क्योंकि इस दिन लोग अपने घर की सारी गंदगी को बाहर निकालकर उसे पवित्र करते हैं।

तीसरे दिन को दीपावली कहा जाता है जिसे लोग बड़े ही उत्साह और धूम-धाम से मनाते हैं। चौथे दिन को गोवर्धन के नाम से जाना जाता है जिसमें भगवान कृष्ण और गोबर की पूजा की जाती है। पांचवे दिन को भाई दूज कहते हैं जिसमें बहनें अपने भाईयों की आरती करती हैं और मिठाईयां खिलाती हैं।

दीपावली की बुराईयाँ : किसी अच्छे और खास उद्देश्य को लेकर बने त्यौहार में भी कालांतर में विकार पैदा हो जाते हैं। जो लोग लक्ष्मी जी की पूजा धन की प्राप्ति करने के लिए करते हैं वहीं पर कुछ लोग इनकी पूजा जूआ खेलकर भी करते हैं। जूआ खेलना एक प्रथा मानी जाती है जिसे पुराने समय से ही खेला जाता रहा है।

इससे समाज व पावन पर्वों के लिए एक कलंक के समान होता है। आज के समय में लोग बहुत अधिक बंब और पटाखे फोड़ते हैं जिसकी वजह से वायु प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण बहुत अधिक मात्रा में बढ़ जाता है। प्रदूषण होने की वजह से व्यक्ति को जीवन जीने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

लक्ष्मी पूजा का इतिहास : रामायण से पहले इस पर्व या त्यौहार को महालक्ष्मी पूजा के नाम से मनाया जाता था क्योंकि इस दिन जब समुद्र मंथन हुआ था तो देवी लक्ष्मी का जन्म हुआ था जिसकी वजह से इस दिन को महालक्ष्मी पूजा के नाम से मनाया जाता था।

इस दिन जो भी व्यक्ति अपने घर की साफ-सफाई रखते हैं और मन से देवी लक्ष्मी जी की आराधना करते हैं तो देवी लक्ष्मी उससे प्रसन्न होकर उस पर अपनी कृपा बरसाती हैं इसलिए इस दिन घर को साफ व स्वच्छ किया जाता है।

इस दिन लोग लक्ष्मी जी के गीत, आरती, मंत्र उच्चारण करते हैं जिससे वे लक्ष्मी जी को प्रसन्न कर सकें। लक्ष्मी जी धन की अधिष्ठात्री देवी होती हैं जिसकी वजह से उन्हें धन का प्रतिक माना जाता है।

उपसंहार : दीपावली के दिन भगवान गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती जी की पूजा की जाती है क्योंकि कोई भी शुभ कार्य या त्यौहार मनाने में सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है क्योंकि उन्हें शुभ शुरुआत के देवता, लक्ष्मी जी को धन की देवी और सरस्वती जी को ज्ञान की देवी माना जाता है। दीपावली की रात के समय सभी लोग अपने घरों के दरवाजे खोलकर सोते हैं क्योंकि उन्हें यह उम्मीद रहती है कि आज के दिन उनके घर में लक्ष्मी जी का वास होगा।

दीपावली निबंध 7 (700 शब्द) :

भूमिका : भारत एक ऐसा देश है जहाँ पर अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं जिसकी वजह से उनमें अनेकता में भी एकता दिखाई देती है। भारत में चाहे कितने भी धर्म हों या त्यौहार हों उन्हें पूरा भारत मिलकर मनाता है उसी तरह से हिंदुओं का त्यौहार दीपावली भी बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है जिसे सभी जगह पर अलग-अलग त्रिकोण से मनाया जाता है क्योंकि सभी लोगों के नजरिए अलग-अलग होते हैं वे अपने नजरिए के हिसाब से ही अपने पर्व को मनाने में खुशी महसूस करते हैं।

दीपावली क्यों मनायी जाती है : दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जिसका नाम सुनते ही लोगों में खुशी और उत्साह का संचार होता है क्योंकि इसे एक ऐसा त्यौहार माना जाता है जो हर व्यक्ति को एक शुद्ध और नया जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।

दीपावली पर्व को कार्तिक मांस की अमावस्या को मनाया जाता है क्योंकि इस दिन को भगवान श्री राम के वनवास से वापस आने की खुशी में उनकी प्रजा ने अमावस्या के दिन को पूर्णिमा में बदल दिया था इसी वजह से इस दिन को याद रखने के लिए इसे हर साल दीपावली के नाम से मनाया जाने लगा।

स्वच्छता का प्रतीक : जहाँ पर दीपावली के त्यौहार को खुशी और उत्साह का त्यौहार माना जाता है वहीं पर इसे रौनक, ज्ञान, अंतःकरण के साथ-साथ स्वच्छता का भी प्रतीक माना जाता है।

जब घर की सफाई अच्छी तरह से नहीं की जाती है तब घरों में मच्छर, खटमल, पिस्सू, कीड़े, आदि अपना घर बना लेते हैं लेकिन दीपावली के दिन सभी लोग अपने-अपने घरों में साफ-सफाई करके अपनी घर को पूरी तरह से पवित्र कर लेते हैं जिसकी वजह से इस त्यौहार पर चारों तरफ स्वच्छता दिखाई देती है इसीलिए इसे स्वच्छता का प्रतीक माना जाता है।

दीपावली की तैयारी : दीपावली त्यौहार की तैयारियां बहुत से लोग दीपावली से नौ या दस दिन पहले ही करना शुरू कर देते हैं। दीपावली से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई के साथ-साथ अपने घरों की लिपाई-पुताई करवाते हैं।

लोग अपने घर की साज सज्जा के लिए सभी प्रकार के सामान खरीदते हैं। दीपावली के त्यौहार पर लोग नए बर्तन, कपड़े, खिलौने, मिठाईयां, पटाखे, रंगोली के रंग आदि खरीदते हैं। दीपावली के दिन लोग अलग-अलग तरह की मिठाईयां और पकवान बनाते हैं, अपने घरों पर दीए और मोमबत्ती लगाकर घर को सजाते हैं।

महापुरुषों का निर्वास दिवस : दीपावली के त्यौहार को मनाने के पीछे बहुत सी पौराणिक कथाएं हैं। दीपावली के दिन जैनियों के तीर्थकर महावीर स्वामी जी ने निर्वाण प्राप्त किया था जिसकी वजह से जैनों के लिए इस दिन का बहुत अधिक महत्व है।

स्वामी दयानंद और स्वामी रामतीर्थ जी भी आज के ही दिन निर्वाह को प्राप्त हुए थे। आज का दिन आर्य समाज और सिक्खों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है। हिंदुओं के लिए दीपावली का बहुत अधिक महत्व होता है क्योंकि इसी दिन श्री राम चंद्र जी अपना 14 वर्ष का वनवास काटकर वापस आए थे।

पूजा की विधि : दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है क्योंकि आज के दिन लक्ष्मी जी का जन्म हुआ था इसलिए अगर कोई लक्ष्मी जी को प्रसन्न कर देता है तो उस पर उम्र भर लक्ष्मी देवी की कृपा बरसती है। आज के दिन पूजा के लिए लक्ष्मी माँ की तस्वीर बनाई जाती है जिसपर चांदी का या किसी भी तरह का सिक्का लगाया या चिपकाया जाता है।

आरती की थाली में कुछ पैसे, सोने, रोली, चावल, हल्दी, घी, प्रसाद, शक्कर, मोली, खील, बतासे, आदि रखे जाते हैं जिसके बाद पूरी विधि के साथ लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है जिसमें लोग मुख्य रूप से गीत, आरती, भजन आदि गाते हैं। पूजा के बाद सभी लोगों को प्रसाद बांटा जाता है और एक-दूसरे को दीपावली की बधाई दी जाती है।

उपसंहार : आप सभी लोग दीपावली तो मनाते हैं लेकिन उसके अंदर जो अर्थ छुपा होता है उस अर्थ को समझना भूल जाते हैं। दीपावली पर्व के अंदर एक अर्थ छिपा हुआ है जो हमें अपने अंदर के अंधकार को मिटाकर उसकी जगह पर प्रकाश करना होता है।

दीपावली के त्यौहार पर कभी-कभी ऐसा होता है कि लोग अपने आपसी लड़ाई-झगड़े की वजह से अपने बच्चों को दूसरे बच्चों के साथ खेलने और बधाई देने से रोकते हैं जिसकी वजह से रिश्तों में और इंसानियत में भी कोसों की दूरी हो जाती हिया जिसके बाद किसी को कुछ भी प्राप्त नहीं होता है।

दीपावली निबंध 10 (1000 शब्द) :

भूमिका : हम सभी लोग भारत के वासी है जिसने अनेक महापुरुषों को जन्म दिया है। भारत के अतीत ने बहुत से त्यौहारों और धर्मों में एकता का रूप स्पष्ट किया है। भारत में बहुत से त्यौहार मनाए जाते हैं लेकिन हिंदुओं का पर्व दीपावली बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह पर्व हमें उसके आदिकाल में ले जाता है।

इस पर्व को मनाने के पीछे बहुत से धार्मिक और आर्थिक महत्व छुपे हुए हैं। दीपावली त्यौहार को मनाने के पीछे का उद्देश्य है भारत में सामाजिक एकता को बढ़ावा देना क्योंकि इसमें सभी लोग आपसी भेदभाव भूलकर एक-दूसरे के गले लगकर दीपावली की बधाई देते हैं।

दीपावली का अर्थ : प्राचीन काल में संस्कृत भाषा अधिक बोली जाती थी जिसकी वजह से उस समय इस दिन को संस्कृत भाषा में दीपावली का नाम दिया गया था क्योंकि इसका अर्थ दीपों की पंक्ति है जो अयोध्यावासियों ने दीपों को पंक्तियों में जलाकर सिद्ध किया था इसी वजह से इस दिन को दीपावली के नाम से जाना जाता है।

इस शब्द के पीछे एक अर्थ छुपा हुआ है जो हमें बुराई पर अच्छाई की, अज्ञान पर ज्ञान की, अस्वच्छता पर स्वच्छता की, अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है। इस दिन लोग दीपों को पंक्ति में जलाकर अँधेरे को मिटाने की कोशिश करते हैं क्योंकि वे अँधेरे को चीरकर सभी को प्रकाशमय बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

दीपावली का इतिहास : लंकापति रावण एक असुर था जिसने सीता माता का अपहरण किया था। श्री राम ने उस लंकापति रावण को मारकर सीता माता को पुनः प्राप्त किया था जिसे दशहरे के नाम से मनाया जाता है जो दीपावली से 21 दिन पहले आता है।

दशहरे के अगले दिन श्री राम ने अपने भाई भरत से मिल्न किया था और उसे गले लगाया था जिसकी वजह से इस दिन को भरत मिलाव का नाम दिया गया था। इसके बाद दीपावली के दिन भगवान श्री राम, सीता माता और भाई लक्षमण अपना चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे जिसकी खुशी में लोगों ने घी के दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था।

दीपावली पर साफ-सफाई : दीपावली के दिन से कुछ दिनों पहले से ही लोग साफ-सफाई करने लगते हैं लेकिन बहुत से लोग तो ऐसे होते हैं कि वे दशहरा आने के पश्चात घर की साफ-सफाई, लिपाई पुताई करवाने लग जाते हैं ताकि उनका घर साफ और स्वच्छ दिखे।

ठीक प्रकार और अधिक दिनों में सफाई करने की वजह से घर में कई तरह के कीट, मच्छर, पक्षी अपना स्थान बना लेते हैं जिन्हें दूर करने के लिए ठीक प्रकार से साफ-सफाई की जरुरत होती है। इस दिन लोग अपने घर की साफ-सफाई करने के साथ-साथ अपने घर की साज-सज्जा की भी अच्छी तरह से व्यवस्था करते हैं।

दीपावली की तैयारियां : दीपावली के दिन से पहले लोग अपने घर की साफ-सफाई करके उसे स्वच्छ और पवित्र कर लेते हैं ताकि उनके घर में शं की देवी लक्ष्मी जी का वास हो सके। दीपावली के दिन के उपलक्ष में बाजारों में बहुत भीड़ पाई जाती है क्योंकि ऐसे समय में लोग नए कपड़े, मोमबत्तियां, खिलौने, पटाखे, बम्ब, मिठाईयां, रंगोली बनाने के रंग, बर्तन और घर को सजाने के लिए बहुत से सामान खरीदते हैं जिसकी वजह से लोगों को बहुत से लाभ होते हैं। दीपावली के दिन लोग अपने घर पर लक्ष्मी पूजन, मिस्ठानों, व्यंजनों आदि की संपूर्ण रूप से तैयारियां करते हैं।

बच्चों की दीपावली : दीपावली का त्यौहार बच्चों के लिए अधिक महत्व रखता है क्योंकि दीपावली का नाम सुनते ही बच्चों के मन में मिठाई, खिलौने, कपड़े, पटाखे आदि के बारे में विचार आने शुरू हो जाते हैं।

दीपावली के लिए स्कूलों में बच्चों के लिए बहुत सी प्रतियोगिताएं जैसे – दौड़, साज-सजावट की प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, खेल प्रतियोगिता, कहानी प्रतियोगिता आदि की व्यवस्था की जाती है जिसमें बच्चे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और विजेता को बहुत ही सम्मान के साथ उपहार दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए आतिशबाजी और पटाखों को लेकर उन्हें सावधानी बरतनी भी बताई जाती है।

दीपावली का आर्थिक महत्व : दीपावली के त्यौहार का जितना धार्मिक महत्व होता है उतना ही इसका आर्थिक महत्व भी होता है क्योंकि दीपावली के त्यौहार पर लोग बहुत सी चीजें खरीदते हैं जिससे बाजारों में बहुत अधिक भीड़ होती है।

दीपावली के दिन लोग नए कपड़े, घर का सामान, उपहार, आभूषण आदि खरीदते हैं क्योंकि आज के दिन खरीददारी और खर्च करने को बहुत अधिक शुभ माना जाता है जो धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी जी के आगमन का संकेत होता है। इस दिन को भारत में सोना और आभूषण खरीदने का दिन माना जाता है क्योंकि आज के ही दिन सभी लोग अपने खर्च की चरम सीमा पर होते हैं।

लक्ष्मी पूजन : आज के दिन जब देवों और राक्षसों के द्वारा समुद्र मंथन किया गया था तो उस समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी जी का जन्म हुआ था जिसकी वजह से आज के दिन को महालक्ष्मी पूजा के नाम से जाना जाता था और इसी वजह से आज के दिन धन की देवी लक्ष्मी जी की भी पूजा की जाती है।

कार्तिक मांस की अमावस्या को रात के समय देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है उनकी आरती, गीत और भजन गाकर उन्हें प्रसन्न किया जाता है। पूजा होने के बाद सभी लोगों में प्रसाद बांटा जाता है और एक-दूसरे को दीपावली के पर्व की शुभकामनाएं और बधाईयाँ दी जाती हैं।

दीपावली की बुराईयाँ : दीपावली के त्यौहार का एक दूसरा पहलू भी होता है जिसे हम जाने-अनजाने हर साल बढ़ावा देते रहते हैं। इस दूसरे पहलू में आतिशबाजी और पटाखे फोड़ना आता है। इन सभी चीजों का दीपावली के त्यौहार से कोई लेना देना नहीं है लेकिन फिर भी लोग इसे बढ़-चढकर प्रयोग करते हैं।

इन सभी का कोई ऐतिहासिक या पौराणिक वर्णन नहीं है कि प्राचीन काल में भी पटाखे और आतिशबाजी की जाती थी लेकिन इन सभी की वजह से हर साल प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है। इस दिन लोग पैसे को धूल समझकर उससे जूआ खेलते हैं जो ठीक नहीं होता है। आज के लोग अपने कुछ क्षणों के मजे के लिए पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने से पीछे नहीं हटते हैं और अपने जीवन को भी खतरे में डाल लेते हैं।

Related posts:

  • परीक्षाओं में बढती नकल की प्रवृत्ति पर निबंध-Hindi Nibandh
  • प्रातःकाल का भ्रमण पर निबंध-Paragraph On Morning Walk In Hindi
  • ई-कॉमर्स व्यवसाय पर निबंध
  • भारत के गाँव पर निबंध-Essay On Indian Village In Hindi
  • डॉ मनमोहन सिंह पर निबंध-Dr. Manmohan Singh in Hindi
  • मानव और विज्ञान पर निबंध-Science and Human Entertainment Essay In Hindi
  • पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं पर निबंध-Hindi Essay on Paradhi Supnehu Sukh Nahi
  • दूरदर्शन के लाभ, हानि और महत्व पर निबंध-Television Essay in Hindi
  • झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई पर निबंध-Rani Laxmi Bai In Hindi
  • वायु प्रदूषण पर निबंध-Essay On Air Pollution In Hindi (100, 200, 300, 400, 500, 700, 1000 Words)
  • हिंदी दिवस के महत्व पर निबंध-Hindi Diwas Essay In Hindi
  • रबिन्द्रनाथ टैगोर पर निबंध-Essay On Rabindranath Tagore In Hindi
  • महिला सशक्तिकरण पर निबंध-Women Empowerment Essay In Hindi
  • इंटरनेट पर निबंध-Essay On Internet In Hindi
  • गाय पर निबंध-Essay On Cow In Hindi
  • पुस्तकालय पर निबंध-Essay On Library In Hindi
  • पर्यावरण पर निबंध-Essay On Environment In Hindi
  • Hindi Nibandh For Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 And 8
  • Beti Bachao Beti Padhao In Hindi-बेटी बचाओ बेटी पढाओ से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातें
  • Swachh Bharat Abhiyan In Hindi-स्वच्छ भारत अभियान से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातें

Diwali Essay in Hindi- दीपावली | दिवाली पर निबंध हिंदी में

In this article, we are providing Diwali Par Nibandh | Diwali Essay in Hindi दीपावली | दिवाली पर निबंध हिंदी | Nibandh in 100, 200, 250, 300, 500 words For Students & Children.

दोस्तों हमने Deepawali Par Nibandh | Essay on Diwali in Hindi लिखा है दीपावली | दिवाली पर निबंध हिंदी में कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, और 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए है। 8 Simple Essay on Diwali in Hindi language.

Diwali Essay in Hindi- दिवाली पर निबंध हिंदी में

दीपावली पर निबंध हिंदी में 10 लाइन- Diwali Essay in Hindi 10 lines for Child & Kids ( 100 words )

1. दीपावली हिंदुओं का पावन त्योहार है।

2. यह अक्टूबर-नवंबर के महीने में आता है।

3. दीपावली के दिन ही श्री राम चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे।

4. उनके आने पर पूरी अयोध्या नगरी को दीपों से सजाया गया था।

5. दीपावली के आने की तैयारी घर और दुकानों की साफ़-सफ़ाई और रंग-रोगन से होती है।

6. दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस के अवसर पर लोग अपने घरों के लिए नया सामान खरीदते हैं।

7. सभी मित्र-संबंधी आपस में मुँह मीठा करवाते हैं।

8. दीपावली के दिन गणेश-लक्ष्मी का पूजन होता है।

9. सभी रात में अपने घर को दीपों से सजाते हैं और पटाखे चलाते हैं।

10. दीपावली की रात रोशनी की रात होती है।

10 lines दीपावली पर निबंध कक्षा 3

जरूर पढ़े- 10 Lines on Diwali in Hindi

दीपावली पर निबंध 150 शब्द- Diwali Par Nibandh | Diwali Essay in Hindi 150 words

परिचय : दीपावली हिन्दू जाति का प्रधान पर्व है। इसकी प्रतीक्षा लोग बड़ी उत्सुकता से करते हैं।

वर्णन : यह कार्तिक की अमावस्या को खूब धूम-धाम से मनायी जाती है। सबलोग इस दिन संध्या को अपने-अपने घरों को रंग-बिरंगी बत्तियों से सजाते हैं। आज के दिन व्यापारी लोग अपना कार्य शुरू करना शुभ मानते हैं।

लाभ : दीपावली सफाई का त्योहार है। दीपावली के पहले ही घरों एवं दुकानों की लिपाई-पुताई की जाती है। दुकानदारों के पुरान बकाए वसूल हो जाते हैं। लोग मित्रों और संबंधियों से मिलते-जुलते हैं। इससे प्रेम और भाई-चारा बढ़ता है।

हानि : कुछ लोग दीपावली के दिन जुआ खेलना अच्छा समझते हैं लेकिन यह गन्दी आदत है। वे लोग जुआ खेलकर अपना सब कुछ गँवा बैठते हैं। आतिशबाजी के कारण लड़के जल जाते हैं एवं कहीं-कहीं आग लगने की दुर्घटना घट जाती है।

उपसंहार : दीपावली हमारे जीवन में नवीन प्रकाश लाती है। यह हमें भाई-चारा, सहयोग, सुख और शान्ति का सन्देश देती है।

जरूर पढ़े- Hindi Essay Topics

Short Essay on Diwali in Hindi – दीपावली पर निबंध हिंदी में ( 180 words )

दीपावली हिन्दुओं का एक मुख्य त्योहार है। यह कार्तिक मास की अमावास्या के दिन मनाया जाता है।

भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे। अयोध्या के लोगों ने खुशी में घी के दीपक जलाए। तब से दीपावली मनाते हैं।

दीपावली आते ही खुशी की लहर दौड़ जाती है। घरों और दुकानों की साफ सफाई की जाती है। उन्हें सुन्दर तरीके से सजाया जाता है। घर में अनेक तरह के पकवान और मिठाईयाँ बनती हैं। नए कपड़े खरीदे जाते हैं। इस दिन गाँव एवं नगर दीयों और रंगीन बल्बों के प्रकाश से जगमग करते हैं।

बच्चों को दीपावली बहुत पसंद है। परिक्षाएँ खत्म हो चुकी रहती है और पाठशालाओं में छुट्टियाँ हो जाती है। बच्चे पटाखे खरीदते हैं जैसे -अनार, रॉकेट, फुलझड़ी, चरखी आदि। दीपावली के दो-चार दिन पहले से ही वे पटाखे जलाने लगते हैं । कुछ पटाखे खतरनाक होते हैं। पटाखे सदा बड़ों के संरक्षण में जलाने चाहिए।

दीपावली खुशियों और प्रेम का त्योहार है। इसे हिलमिलकर मनाना चाहिए।

Deepawali Essay in Hindi

Diwali Essay in Hindi

दिवाली पर निबंध हिंदी में- Hindi Essay on Diwali in 200 words

दीपावली या दीवाली हिन्दुओं का एक बहुत पवित्र तथा महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह सारे भारत में बड़े धूमधाम और उत्साह से मनाया जाता है। कार्तिक माह की अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है।

दीपों, मिठाइयों, लक्ष्मीपूजन और पटाखों का यह दिन सचमुच अद्भुत है। इस दिन के लिए बहुत पहले से ही तैयारियाँ प्रारंभ हो जाती हैं। घर-द्वार की सफाई, रंग-रोगन, दूकानों की सजावट, नये वस्त्रों, बरतनों, गहनों आदि की खरीद इस अवसर पर की जाती है। लोग-बाग उदारता से धन खर्च करते हैं और आनन्द मनाते हैं।

इसी दिन भगवान राम अपने 14 वर्ष के वनवास के पश्चात सीता के साथ अयोध्या लौटे थे। राम ने दुष्ट रावण का वध किया था। उन्होंने संतों, सज्जनों और दूसरे सभी अच्छे लोगों को रावण के भय से मुक्त किया था। इसी याद में सारी रात दीपक मालायें जलाई जाती हैं, सजावट की जाती है, मिलन मनाया जाता है और पकवान पकाये जाते हैं।

धनी और व्यापारी वर्ग इस दिन धन की देवी लक्ष्मी तथा विद्या के देवता गणेश का पूजन करते हैं। कुछ लोग इस दिन जुआ खेलते हैं। यह एक बड़ी सामाजिक बुराई है। हमें इससे बचना चाहिये। जैन धर्म के महान प्रवर्तक वर्धमान महावीर का देहावसान इसी दिन हुआ था।

इसी दिन आर्य समाज के प्रवर्तक स्वामी दयानन्द सरस्वती ने देह त्याग किया था।

जरूर पढ़े-

Independence Day Essay in Hindi

Republic Day Essay in Hindi

दिवाली पर निबंध हिंदी में- Essay on Diwali in Hindi Language ( 250 words )

दिवाली या दीपावली एक मुख्य त्योहार है। यह केवल भारत में ही नहीं, विदेशों में भी मनायी जाती है। लोग’ आश्वयुज अमावास्या के दिन यह पर्व मनाते हैं। दिवाली का अर्थ दीपों की पंक्ति है।

उत्तर भारत में यह पर्व पाँच दिनों का है। आन्ध्र प्रदेश में यह तीन दिन मनाया जाता है। दिवाली के एक दिन पूर्व नरक चतुर्दशी पर्व और दिवाली के बाद दूसरे दिन भैया-दूज पर्व मनाया जाता है। नरक चतुर्दशी पर्व मनाने के सम्बन्ध में एक कथा प्रचलित है। श्रीकृष्ण की पत्नी सत्यभामा ने नरक नामक राक्षस का वध किया था। उस घटना की स्मृति में नरक चतुर्दशी पर्व मनाया जाता है।

दिवाली पर्व के सम्बन्ध में यह कथा प्रचलित है। रावण-वध के बाद जब राम अयोध्या लौटे तब पुरजनों ने उनके स्वागत में दीपों का आयोजन किया था। तब से दिवाली प्रचलित हुई। यह पर्व बूढ़े-बच्चे, स्त्री-पुरुष सब बड़े आनंद से मनाते हैं। इस दिन सब स्नान करके नये कपड़े पहनते हैं। वे मीठे पकवान खाते हैं। वे पटाखे जलाते हैं। रात को दीप जलाते हैं और लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

भैया-दूज भाई-बहन का त्योहार है। भाई बहन के घर जाकर खाना खाता है। बहन भाई को कपड़े देती है। भाई बहन को उपहार देता है। इस प्रकार यह पर्व भाई-बहन के प्रेम को बढ़ाने वाला है।

संक्षेप में दिवाली प्रकाश का पर्व है। यह आनंद का त्यौहार है। यह पर्व हमें यह सन्देश देता है कि ज्ञान रुपी प्रकाश अज्ञान रुपी अन्धकार कि दूर करता है।

Meri Pathshala Nibandh

Satsangati Essay in Hindi

दिवाली पर निबंध- Diwali Essay in Hindi for Class 10 ( 300 to 350 words )

दीपावली हिन्दुओं का अत्यन्त प्रमुख पर्व है। यह त्यौहार कार्तिक मास। के कष्ण पक्ष की अमावस्या को समारोह पूर्वक समस्त भारत में मनाया जाता है। यह धन-धान्य की देवी लक्ष्मी की पूजा का पर्व है, इस कारण भी इसका अधिक महत्त्व है।

यह त्यौहार कब से और क्यों मनाया जाता है ? इस सम्बन्ध में एक विचार यह है कि श्रीराम चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात् इसी दिन अयोध या लौटे थे। नगर निवासियों ने उनके स्वागत में दीप जलाए थे, तभी से यह पर्व मनाया जाता है। वैसे यह एक ऋतु पर्व है। वर्षा ऋतु में जो अन्न बोए जाते हैं, वे इस समय तक पक कर तैयार हो जाते हैं। किसानों के घर नए अन्न से भर जाते हैं, उन्हें इसकी प्रसन्नता होती है। किसान के साथ ही व्यापारी और जनता को भी इसकी प्रसन्नता होती है। अतः अन्न और धन-लक्ष्मी के स्वागत का ही यह त्यौहार है।

इसी दिन भगवान् श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था और समुद्र मंथन से लक्ष्मी की उत्पत्ति भी इसी दिन हुई थी। दीपावली अपने साथ कई त्यौहार लेकर आती है। दीपावली से दो दिन पूर्व धन त्रयोदशी होती है। इसके पश्चात् नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली) आती है। अमावस्या को दीपावली का मुख्य उत्सव होता है। अगले दिन अन्नकूट या गोवर्धन पूजा का उत्सव होता है और उससे अगले दिन द्वितीया को भैया दूज का उत्सव मनाया जाता है।

दीपावली से पूर्व लोग घरों की सफाई करवाते हैं। इस दिन प्रातः काल से ही घरों में बड़ी चहल-पहल होती है। लोग बाजार से मिठाइयाँ, फल, खील-बताशे और दीवे लाते हैं। बच्चे फुलझड़ियाँ और पटाखे खरीदते हैं।

सायं होते ही लोग घर की मुंडेरों पर सरसों के तेल के दीपकों की पंक्तियाँ जलाते हैं। बिजली के लटू या मोमबत्ती भी जलाये जाते हैं। दीपकों के प्रकाश से अन्धेरी राम भी पूर्णिमा की राम की तरह चमक उठती है। रात को लोग घरों और दुकानों पर लक्ष्मी पूजन करते हैं। लक्ष्मी पूजन के पश्चात् प्रसाद वितरण होता है। बच्चे फुलझड़ी और पटाखे चलाते हैं। इस अवसर पर मित्रों और सम्बन्धियों को भी मिठाई दी जाती है।

वास्तव में यह आनन्द और उत्साह का अनुपम पर्व है।

दिवाली पर निबंध- Deepawali par Nibandh Hindi mein ( 350 to 400 words )

भारत वास्तव में त्यौहारों तथा मेलों का देश है। यहाँ विभिन्न धर्म, जाति तथा सम्प्रदाय के लोग निवास करते हैं। ये लोग समय-समय पर अपने त्यौहार तथा पर्व मनाते हैं। ये पर्व ही भारत की संस्कृति की असली तस्वीर हैं। दीपावली भारतीय त्यौहारों में अपना प्रमुख स्थान रखता है। यह हिन्दुओं का मुख्य त्यौहार है। पूरे भारत वर्ष में यह अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार श्रीरामचन्द्रजी के चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस लौटने की खुशी में मनाया जाता है। ऐसा विश्वास है कि जब श्रीराम ने लंका के राक्षसपति रावण को हरा दिया तथा सीता माता को उसके चंगुल से मुक्त करा लिया तब वह अपने भाई लक्ष्मण तथा सेवक हनुमान के साथ अयोध्या लौटे थे। तब जनता ने खुशी में घी के दिये जलाकर प्रकाश किया तथा उनका अयोध्या में स्वागत किया। श्री राम के आने से अयोध्या की जनता अत्यंत प्रसन्न थी।

दीपावली आने से पहले लोग अपने घरों में साफ-सफाई तथा पुताई करते हैं। दीपावली से दो दिन पूर्व का दिन धनतेरस माना जाता है। इस दिन बर्तन खरीदना, जेवर या अन्य कोई नयी चीज खरीदना शुभ माना जाता है। दीपावली की रात को लोग लक्ष्मी देवी तथा गणेश की पूजा करते हैं। घरों में दिये, लैम्प आदि जलाये जाते हैं। पकवान बनते हैं तथा मिठाईयाँ पड़ोसियों व रिश्तेदारों में बाँटी जाती हैं। दीपावली की रात को बच्चों की तो मौज होती है। वे मिठाई, पकवान खाते घूमते हैं तथा पटाखे, अनार, फुलझड़ियाँ चलाते हैं। अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। उसके बाद भाई दौज आता है। इस दिन बहनें भाइयों के तिलक लगाती हैं। भाई बहनों को कुछ रुपये उपहार स्वरूप देते हैं।

दीपावली एक पावन पर्व है। लेकिन कुछ लोग जुआ और शराब में अपना पूरा त्यौहार निकाल देते हैं। वे इस दिन डटकर शराब पीते हैं तथा जुआ खेलते हैं। जुए में बहुत सी रकम हार जाते हैं। क्रोध में बीवी, बच्चों को मारते-पीटते हैं। इस पवित्र दिन यह अपिवत्र बातें नहीं करनी चाहिये। मर्यादा और गरिमा की सीमा में रहकर त्यौहार का आनन्द उठाना चाहिये। अत्यधिक धन खर्च करके पटाखे फोड़ना भी गलत है। इसमें से कुछ धन बचाकर दान दे देना चाहिये। ताकि निर्धन लोग भी खुशी के साथ त्यौहार का आनन्द उठा सकें।

दीपों का त्यौहार दिवाली पर निबंध- Essay on Diwali in Hindi with Headings (500 words )

प्रस्तावना

भारतवर्ष त्यौहारों-पर्वो तथा उत्सवों का देश है। भारतीय त्यौहारों में दीपावली का विशेष महत्त्व है। यह इस देश का सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय त्यौहार है। दीपावली दीपों का त्यौहार है। दीपावली का बिगड़ा हुआ रूप है ‘दीवाली’। इसका अर्थ है दीपों की अवली अर्थात् दीपों की कतार (पंक्ति)। इस दिन हिन्दू लोग अपने घरों में दीये, मोमबत्तियाँ तथा बिजली के बल्बों को जलाकर, उनकी पंक्तियाँ अर्थात् कतार लगा देते हैं।

दीपावली कब मनाई जाती है? Diwali ka tyohar kab manaya jata hai

यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को सारे भारतवर्ष में बहुत धूमधाम तथा उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन सभी ओर इतनी अधिक रोशनी की जाती है जिससे अमावस्या की काली रात भी पूर्णमासी की तरह जगमगाने लगती है। दीपावली से पूर्व ‘धनतेरस’ तथा इसके बाद ‘गोवर्धन पूजा’ और ‘भैया दूज’ के त्यौहार मनाए जाते हैं।

दीपावली क्यों मनाई जाती है? Diwali kyon manai jati hai

इस दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्षों का वनवास काटकर तथा लंका पर विजय प्राप्त करके सीता तथा लक्ष्मण सहित अयोध्या लौटे थे। इस तिथि को श्रीरामचन्द्र जी का राजतिलक किया गया था। अतः इस दिन सारे अयोध्यावासियों ने इसी खुशी में आनन्दोत्सव मनाया था तथा अपने हर्षोल्लास को प्रकट करने के लिए दीप जलाए थे और मिठाइयाँ बाँटी थीं। जैन धर्म के महावीर स्वामी तथा आर्य समाज के स्वामी दयानन्द सरस्वती जी को भी इसी दिन मुक्ति मिली थी। इसीलिए जैनी तथा आर्य समाज के लोग भी इस त्यौहार को बहुत धूमधाम से मनाते हैं। यह भी कहा जाता है कि महाराज युधिष्ठिर का राजसूय यज्ञ भी इसी तिथि को सम्पन्न हुआ था।

दीपावली कैसे मनाई जाता हैं? Diwali Kaise manai jaati hai

इस दिन लोग अपने घरों व दुकानों को सजाते हैं। गलियों तथा बाजारों को भी सजाया जाता है बाजारों में हलवाइयों की दुकानें खूब सजी होती हैं और सभी लोग मिठाइयाँ खरीदते हैं। इस दिन बाजारों से सुन्दर-सुन्दर खिलौने व बर्तन आदि भी खरीद कर लाए जाते हैं। इस दिन स्त्रियाँ अपने घरों में पकवान भी बनाती हैं। बच्चे व युवक आतिशबाजी चलाते हैं। घरों में आस्थावान लोग गणेश और लक्ष्मी की पूजा करते हैं। लोग दीवाली पूजन के बाद अपने इष्ट मित्रों व सम्बन्धियों के घर मिठाइयाँ भेजते हैं। व्यापारी बन्धु इस दिन अपना नए वर्ष का नया बहीखाता बनाते हैं।

उपसंहार

दीपावली के दिन कुछ लोग जुआ खेलना व शराब पीना अच्छा मानते हैं। यद्यपि इस कारण से अनेक घर बर्बाद हो जाते हैं। एक ओर लक्ष्मी की पूजा करके लोग उससे धन-प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं तो दूसरी ओर बहुत से लोग जुआ खेल कर धन हार जाते हैं। फिर भी यह पर्व धनी-निर्धन, राजा-रंक एवं शिक्षित-अशिक्षित सभी के लिए हर्षोल्लास प्रदान करने वाला त्यौहार है।

दिवाली पर निबंध- Long Essay on Diwali in Hindi with Headings (650 words )

भूमिका

भारत वर्ष में अनेक धर्मो, विश्वासों और आस्थावाले लोग रहते हैं। इसलिए यहाँ अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं। भारत में पर्वो की गौरवशाली परंपरा है। सभी लोग अपने-अपने त्यौहार उल्लास और आनंद से मनाते हैं। हिन्दू बहुसंख्यक हैं, इसलिए उनके त्यौहार भी अधिक हैं। कुछ त्यौहार क्षेत्रीय हैं और कुछ राष्ट्रीय। हिन्दुओं के प्रमुख त्यौहार हैं— दीपावली, विजयदशमी (दुर्गापूजा) रक्षा बन्धन और होली। दीपावली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। यह कहना असंगत न होगा कि दीपावली भारत का राष्ट्रीय पर्व है।

परिचय | Dipawali ka arth 

दीपावली मनाने के बारे में एक कहानी प्रचलित है। कहते हैं कि इसी दिन श्री रामचन्द्र जी लंका पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटे थे। इस खुशी में अयोध्या-वासियों ने घर-घर दीप जलाए थे और आनंद मनाया था। तभी से यह त्यौहार पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

Dipawali ka Itihas

दीपावली पर्वो का समूह है। यह शरद ऋतु में मनाई जाती है। दीपावली का त्यौहार कार्तिक कृष्ण पक्ष 13 से लेकर कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तक अर्थात 5 दिनों तक मनाया जाता है। इस त्यौहार का पहला दिन ‘धन तेरस’ कहलाता है। इस दिन लोग नए-नए बर्तन खरीदते हैं। घर-घर में यमराज की पूजा होती हैं और दीप जलाकर घर के द्वार पर रखा जाता है। चतुर्दशी का दिन ‘नरक चौदस’ कहलाता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर अत्याचारी राजा हिरण्य कश्यप का वध किया था और भक्त प्रहलाद की रक्षा की थी। एक अन्य घटना के अनुसार इसी दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर को मारा था। इस दिन घरों की सफाई की जाती है। मुख्य पर्व कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। उस दिन शाम को लक्ष्मी जी का पूजन किया जाता है और घर-घर दीप जलाये जाते हैं। बच्चे फुलझड़ियाँ और पटाखे छोड़ते हैं। लोग स्वादिष्ट भोजन करते हैं। बच्चे प्रेम से मिठाइयाँ खाते हैं। चौथा दिन ‘गोवर्द्धन पूजन’ का होता है। इसी दिन श्रीकृष्ण ने गोवर्द्धन पर्वत उठाकर इन्द्र के कोप से गोकुल के लोगों की रक्षा की थी। दीपावली का पाँचवाँ दिन ‘भैया दूज’ या ‘यम द्वितीया’ के नाम से प्रसिद्ध है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाती हैं और मिठाइयाँ खिलाती हैं। कहा जाता है कि इस दिन यमुना नदी में स्नान करने से यमराज के चक्कर से बचा जा सकता है।

पर्व की विशेषता | Dipawali parv ka mahatva 

यह पर्व वर्षा समाप्त होने के बाद आता है। बरसात के कारण अनेक मकान टूट-फूट जाते हैं इनकी लोग मरम्मत करते हैं। महीनों पहले से घरों की लिपाई-पुताई और सफाई होने लगती है। सभी घर तरह-तरह से सजाए जाते हैं। बाजारों को साफ-सुथरा करके सजाया जाता है। रंग-बिरंगे फूल-पत्तियों और बल्बों से शहर वाले अपने मकानों, दुकानों और गलियों को सुसज्जित करते हैं। हर ओर प्रसन्नता और आपसी वैर-भाव भूलकर प्रेमपूर्वक लोग एक दूसरे से मिलते हैं और शुभकामनाएँ देते हैं। सभी के मन और हृदय शुद्ध और स्वच्छ हो जाते हैं। सफाई से रोग फैलाने वाले कीड़ों-पतंगों का नाश हो जाता है। आतिशबाजी और पटाखों की गंध और धुएँ से कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।

पर्व के दुरुपयोग से हानियाँ

वह लोग जो जोश में आकर अपनी हैसियत से अधिक खर्च कर देते हैं, वे कर्ज से लद जाते हैं। वे वर्ष भर कष्ट पाते हैं। कई लोग दीपावली पर जुआ खेलना आवश्यक समझते हैं। जुआ खेलने से धन-दौलत हार जाते हैं। इससे उन्हें बहुत आर्थिक हानि हो जाती है, जिससे उनका जीवन दुःखी हो जाता है। कतिपय लोग इस अवसर पर नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, जो उनके लिए हानिप्रद होता है। लापरवाही से आतिशबाजी छोड़ने से कभी-कभी आग लग जाती है, जिससे जन-धन का बहुत नुकसान होता है।

दीपावली आनंद का पर्व है। इसे प्रेम पूर्वक और सावधानी से मनाना चाहिए। साज-सज्जा, आतिशबाजी आदि पर व्यर्थ पैसे खर्च करना बुरा है। जुआ खेलने तथा दूसरे दुर्व्यसनों से बचना चाहिए। आतिशबाजी छोड़ते समय सावधानी बरतनी चाहिए जिससे दुर्घटनाएँ न हों। यह त्यौहार हमें अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है। इसलिए हमें ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जो हमारे लिए हानिप्रद हो।

———————————–

इस लेख के माध्यम से हमने Diwali Par Nibandh | Diwali Essay in Hindi का वर्णन किया है और आप यह निबंध नीचे दिए गए विषयों पर भी इस्तेमाल कर सकते है।

diwali in hindi essay diwali ka nibandh दीपावली पर निबंध हिंदी में Class 1 से 12 तक Dipawali ka varn diwali essay in hindi for class 2,3,4,5,6,7,8,9,10 दिवाली पर निबंध class 2,3,4,5,6,7,8,9,10 दीपावली पर निबंध चाहिए हिंदी में diwali per nibandh

Leave a Comment Cancel Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nibandh

दिवाली पर निबंध

ADVERTISEMENT

रूपरेखा : प्रस्तावना - दिवाली से संबंधित पौराणिक कथाएँ - दिवाली से पूर्व तैयारी - दीपावली का महत्व - उपसंहार।

दीवाली हमारे देश का प्रसिद्ध त्योहार है। भारतवर्ष में त्योहारों की गौरवमयी परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। घर-घर में अंधकार दूर कर दीपकों का प्रकाश फैलाने वाली दीपावली या दीवाली तो सचमुच भारतीय त्योहारों की महारानी है। दिवाली को दीपावली भी कहते हैं।

जब श्रीरामचंद्रजी लंका-विजय के बाद अयोध्या लौटे तब अयोध्यानिवासियों ने दीपमालाएँ जलाकर उनका स्वागत किया था। तभी से यह त्योहार प्रचलित हुआ है। यह भी मान्यता है कि महाराज युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ की पूर्णाहुति इसी दिन हुई थी, तब से यह पर्व मनाया जाता है। कुछ लोग दीपावली को ही भगवान महावीर का निर्वाण दिन मानते हैं। इस प्रकार प्रत्येक भारतीय दीपावली के पर्व में आत्मीयता का अनुभव करता है।

दीपावली सफाई और सजावट का सुनहरा संदेश लेकर आती है। इसके आने से कुछ दिन पहले ही लोग अपने-अपने घरों की सफाई करने में लग जाते हैं। लोग नए कपड़े सिलवाते हैं और गहने खरीदते हैं। घर-घर मिष्टान्न और पकवान बनाए जाते हैं। इस प्रकार दीवाली के आगमन के पूर्व सभी जगह उत्साह और उल्लास की लहर दौड़ जाती है।

आश्विन मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया ( भैयादूज) तक दीपावली धूमधाम से मनाई जाती है। घर-घर दीपक, मोमबत्तियाँ और बिजली के बल्ब जलाए जाते हैं। पटाखे और आतिशबाजी से वातावरण गूंज उठता है। त्रयोदशी (धनतेरस) के दिन लोग धन की पूजा करते हैं। चतुर्दशी को 'नरक चतुर्दशी' भी कहते हैं। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का संहार किया था।

अमावस का दिन ही दीवाली है। इस दिन व्यापारी लोग हिसाब-किताब की नई बहियों की पूजा करते हैं। दीपावली के दूसरे दिन नया विक्रम वर्ष शुरू होता है। इस दिन लोग अपने सगे-संबंधियों से मिलते-जुलते हैं और नए वर्ष की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। फिर भैयादूज के दिन बहन भाई को टीका लगाती है और मिष्टान्न खिलाती है। भाई बहन को कुछ उपहार देता है।

दीपावली के दिन कुछ लोग जुआ खेलते और मदिरा का सेवन करते हैं। दीपावली में बेहद पटाखेबाजी होती है। इससे वायु दूषित होती है और कभी-कभी भयंकर अग्निकांड भी होते हैं। इन बुराइयों से हमें बचना चाहिए।

दीपावली के प्रकाश से हमारा घर-आँगन और तन-मन दोनों ही आलोकित उठते हैं। हमारे दिल से मनमुटाव दूर हो जाते हैं। हमारे ह्रदय स्नेह और सदभाव से भर जाते हैं। इससे सामाजिक जीवन को नई चेतना मिलती है और लोगों को नूतन वर्ष के कर्तव्यों को पूरा करने का बल मिलता है।

Nibandh Category

दिवाली पर निबंध | Diwali Essay in Hindi : दीपावली का निबंध हिंदी में यहां से पढ़ें

write an essay on diwali in hindi for class 8

दिवाली हमारे भारत देश का सबसे बड़ा त्यौहार है। इसे हम दीपावली के नाम से भी जानते हैं। इस दिन हर तरफ ख़ुशी का माहौल होता है, लोग रंग-बिरंगी लाइटों से अपने-अपने घरों को सजाते हैं और बच्चे-युवा लोग मिलकर घरों के बाहर पटाखे छुड़ाते हैं। दिवाली सिर्फ देश का ही नहीं अपितु भारत के बाहर रहने वाले भारतीय और अन्य लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। वे लोग भी दिवाली को बहुत धूम-धाम से मानते हैं। दीपावली के मौके पर स्कूलों-कॉलेजों में अवकाश रहता है। स्कूलों-कॉलेजों में निबंध लेखन किया जाता है तो कहीं-कहीं प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। अतः बहुत से छात्र-छात्राएं इंटरनेट पर दिवाली पर निबंध हिंदी में खोजते हैं। हम अपने ऐसे ही पाठकों के लिए यह आर्टिकल लेकर आये हैं जहाँ आप दिवाली के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जैसे कि दिवाली का त्यौहार कैसा होता है, दिवाली का महत्व क्या है, दीपावली क्यों मनाते है, दीपावली मनाने का कारण क्या है, दीपावली का अर्थ क्या है, दिवाली पर निबंध शार्ट में या 10 लाइन में आदि। स्कूलों के अलावा भी अन्य बहुत से क्षेत्रों के लोग भी दिवाली पर निबंध हिंदी में खोजते हैं अतः इसके बारे में और अधिक विस्तृत जानकारी के लिए यह अर्टिकल पूरा पढ़ें।

दिवाली पर निबंध | Diwali Essay in Hindi

दिवाली का त्यौहार हर किसी के लिए खुशियां लेकर आता है, फिर चाहे वो बड़ा हो या बच्चा। हर कोई इस त्यौहार को बड़ी ही धूम धाम से मनाता है। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों आदि में भी दीवाली का त्यौहार बहुत ही उल्लास के साथ मनाया है। ये त्यौहार साल में एक बार आता है जो कि अक्टूबर या नवम्बर की माह में होता है। दीवाली आते ही लोग अपने घर की साफ-सफाई भी करते है। नए कपड़े पहनते है, मिठाई खाते हैं, दीप जलाते है, पटाखे जलाते हैं, लक्ष्मी-गणेश भगवान की पूजा करते हैं। दीवाली के त्यौहार के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप नीचे दिए गए निबंध पढ़ सकते हैं।

दीपावली का निबंध (400-500 Words)

दिवाली के इस विशेष त्योहार के लिए हिंदू धर्म के लोग बहुत उत्सुकता से इंतजार करते हैं। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए हर किसी का सबसे महत्वपूर्ण और पसंदीदा त्यौहार है। दीवाली भारत का सबसे महत्वपूर्ण और मशहूर त्यौहार है। जो पूरे देश में साथ-साथ हर साल मनाया जाता है। रावण को पराजित करने के बाद, 14 साल के निर्वासन के लंबे समय के बाद भगवान राम अपने राज्य अयोध्या में लौटे थे। लोग आज भी इस दिन को बहुत उत्साहजनक तरीके से मनाते हैं। भगवान राम के लौटने वाले दिन, अयोध्या के लोगों ने अपने घरों और मार्गों को बड़े उत्साह के साथ अपने भगवान का स्वागत करने के लिए प्रकाशित किया था। यह एक पवित्र हिंदू त्यौहार है जो बुरेपन पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह सिखों द्वारा भी मुगल सम्राट जहांगीर द्वारा ग्वालियर जेल से अपने 6 वें गुरु, श्री हरगोबिंद जी की रिहाई मनाने के लिए मनाया जाता है।

इस दिन बाजारों को एक दुल्हन की तरह रोशनी से सजाया जाता है ताकि वह इससे एक अद्भुत त्यौहार दिख सके। इस दिन बाजार बड़ी भीड़ से भरा होता है, विशेष रूप से मीठाई की दुकानें। बच्चों को बाजार से नए कपड़े, पटाखे, मिठाई, उपहार, मोमबत्तियां और खिलौने मिलते हैं। लोग अपने घरों को साफ करते हैं और त्योहार के कुछ दिन पहले रोशनी से सजाते हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सूर्यास्त के बाद लोग देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं। वे अधिक आशीर्वाद, स्वास्थ्य, धन और उज्जवल भविष्य पाने के लिए भगवान और देवी से प्रार्थना करते हैं। वे दिवाली त्यौहार के सभी पांच दिनों में खाद्य पदार्थों और मिठाई के स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं। लोग इस दिन पासा, कार्ड गेम और कई अन्य प्रकार के खेल खेलते हैं। वे अच्छी गतिविधियों के करीब आते हैं और बुरी आदतों को दूर करते हैं।

पहले दिन धनतेरस या धन्त्ररावदाशी के रूप में जाना जाता है जिसे देवी लक्ष्मी की पूजा करके मनाया जाता है। लोग देवी को खुश करने के लिए आरती, भक्ति गीत और मंत्र गाते हैं। दूसरे दिन नरका चतुर्दशी या छोटी दिवाली के रूप में जाना जाता है जिसे भगवान कृष्ण की पूजा करके मनाया जाता है क्योंकि उन्होंने राक्षस राजा नारकसुर को मार डाला था।  तीसरे दिन मुख्य दिवाली दिवस के रूप में जाना जाता है जिसे शाम को रिश्तेदारों, दोस्तों, पड़ोसियों और जलती हुई फायर क्रैकर्स के बीच मिठाई और उपहार वितरित करते हुए देवी लक्ष्मी की पूजा करके मनाया जाता है। चौथे दिन भगवान कृष्ण की पूजा करके गोवर्धन पूजा के रूप में जाना जाता है। लोग अपने दरवाजे पर पूजा करकेगोबर के गोवर्धन बनाते हैं। पांचवें दिन यम द्वितिया या भाई दौज के रूप में जाना जाता है जिसे भाइयों और बहनों द्वारा मनाया जाता है। बहनों ने अपने भाइयों को भाई दौज के त्यौहार का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करती हैं।

Essay on Diwali for Students in English

  • Diwali Essay in 100 Words
  • Diwali Essay in 200 Words
  • Diwali Essay in 500 Words

दिपावली का निबंध (200-300 Words) शॉर्ट निबंध

दिपावली का त्यौहार भारत में और अन्य कई देशों में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। दीपावली को दीप का त्यौहार भी कहा जाता है। दिवाली का त्यौहार भारत के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। जिसे भारत में बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्री राम ने रावण को पराजित करके और अपना 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे। श्री राम भगवान की आने की खुशी वहां के सभी लोगों ने दिये जलाए थे। तब से लेकर अब तक हर वर्ष इस दिन को दीवाली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। लोग आज भी इस दिन को उतने की खुशी से मनाते हैं। ये त्यौहार बच्चा, बूढें, बड़े हर कोई बहुत ही अच्छे से मनाता है। यहां तक कि स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों में भी दीवाली को त्यौहार को बहुत धूम धाम से मनाया जाता है। इन दिन लोग एक दूसरे को दीवाली की बधाई देते हैं और बहुत से उपहार भी तोहफे के रूप में देते हैं।

दिवाली का त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवम्बर माह में मनाया जाता है। दीवाली आने से कुछ दिन पहले ही लोग इस त्यौहार को मनाने की तैयारी में लग जाते हैं। दीवाली के दिन लोग अपनी दुकानें, अपना घर, स्कूल, दफ्तर आदि को दुल्हन की तरह सजाते हैं। सभी लोग नए कपड़े खरीदते हैं, इस दिन घर और दुकानों की भी अच्छे से सफाई की जाती है। दीवाली की रात पूरा भारत जगमगाता है। रंग बिरंगी लाइटें, दिए, मोमबत्ती आदि से पूरे भारत को सजाया जाता है। दीवाली की शाम भगवान लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। पूजा करने के बाद सभी लोग अपने पड़ोसियों और अपने रिश्तेदारों को प्रसाद, मिठाई, गिफ्ट आदि देते हैं। इस दिन लोग पटाखे, बम, फुलजड़ी आदि भी जलाते हैं। दीवाली के त्यौहार को बुरे पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है। भारत की नहीं बल्कि और भी कई देशों में दीवाली का त्यौहार बहुत की धूम धाम से मनाया जाता है।

दिपावली पर 10 लाइनें

  • दिवाली का त्यौहार हिंदूओ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है।
  • दिपावली को दीप का त्यौहार भी कहा जाता है।
  • दिवाली इसलिए मनायी जाती है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे।
  • भगवान श्री राम के वापिस अयोध्या लौटने की खुशी में वहां के लोगों ने इस दिन को दीवाली के रूप में मनाया।
  • दिवाली का त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवम्बर माह में आता है।
  • इस दिन पूरे भारत को दुल्हन की तरह सजाया जाता है।
  • दीवाली की शाम भगवान लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
  • इन दिन सभी लोग अपने घरों, दुकानों, दफ्तरों आदि में दीप जलाते हैं।
  • दीवाली के दिन सभी लोग अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को मिठाई, गिफ्ट आदि देते हैं।
  • इन दिन बहुत से लोग पटाखे, फुलझड़ी, बम आदि भी जलाते हैं।

दिवाली लेखन हिंदी में

  • दिवाली – लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त, समय, तिथि, दिवाली का महत्व आदि
  • दिवाली महत्वपूर्ण क्यों है
  • दीपावली का निबंध हिंदी में यहां से पढ़ें
  • दिवाली की कविताएं और शुभ दीपावली शायरी
  • दिवाली स्लोगन और दिवाली कोट्स

दिवाली पर शुभकामनाएँ, बधाई, मैसेज

  • पटाखे बिना दिवाली मनाने के तरीके

Share this:

Similar posts.

दिवाली 2023 – लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त, समय, तिथि, दिवाली का महत्व आदि सब यहां से जानें

दिवाली 2023 – लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त, समय, तिथि, दिवाली का महत्व आदि सब यहां से जानें

दिवाली, ये एक ऐसा त्यौहार है जिसके बारे में सब जानना चाहते हैं। दिवाली को पूरे भारत में बहुत खुशी और उल्लास के साथ मनाया जाता है। दिवाली वाले दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। और सब ही अपने घर में लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं। और वे एक अच्छे मुहूर्त का…

शिक्षक दिवस 2023 | Teacher’s Day 2023: निबंध, शायरी, महत्व, भाषण आदि

शिक्षक दिवस 2023 | Teacher’s Day 2023: निबंध, शायरी, महत्व, भाषण आदि

“माता-पिता की मूरत है गुरू, इस कलयुग में भगवान की सूरत है गुरू” गुरु को समर्पित यह पंक्ति बहुत ही खूबसूरत है। वास्तव में गुरु का स्थान माता-पिता, भगवान सबसे ऊपर है। हमे जन्म माता-पिता से मिलता है लेकिन हमे जीवन में जीने की शिक्षा, कामयाब बनने की शिक्षा सिर्फ गुरु देता है। सही मायने…

दिवाली पर शुभकामनाएँ, बधाई, मैसेज

दिवाली का त्यौहार जिसे हम दीपों का पर्व या दीपावली का नाम से भी जाना जाता है प्रतिवर्ष पुरे देश में एवं विदेश में भी रह रह भारतीयों के द्वारा बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। यह भारत के एवं हिन्दू धर्म के प्रमुख एवं प्रसिद्ध त्यौहार के रूप में जाना जाता है। दीपावली…

रक्षाबंधन निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi

रक्षाबंधन निबंध | Raksha Bandhan Essay in Hindi

रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के रिश्ते का पवित्र त्यौहार है। इस दिन सभी बहनें अपनी भाई की कलाई में राखी बाँधती हैं। भाई और बहन एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हैं और सुख-दु:ख में एक-दूसरे के साथ रहने का वचन देते हैं। बहनें अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। स्कूलों में, कॉलेजों में…

होली पर भाषण 2023 : रंगों के त्योहार Holi Speech in Hindi

होली पर भाषण 2023 : रंगों के त्योहार Holi Speech in Hindi

होली का त्यौहार प्रतिवर्ष मार्च महीने (फाल्गुन) में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। होली का पर्व हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भारत के साथ ही विदेशों में भी रह रहे भरतवंशियो द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, प्रमुख…

मदर्स डे पर विशेज़, शुभकामनाएँ, बधाई संदेश

मदर्स डे पर विशेज़, शुभकामनाएँ, बधाई संदेश

दुनियाभर में मदर्स डे का दिन बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। मदर्स डे का दिन विश्व के विभिन्न देशों में वैसे तो अलग-अलग दिन मनाया जाता है लेकिन ज्यादातर देशों में मई के दूसरे रविवार को इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। भारत में भी मदर्स डे को मई के दूसरे…

Leave a Reply Cancel reply

Discover more from अगलासेम.

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Type your email…

Continue reading

दीपावली | Essay on Diwali in Hindi Language

write an essay on diwali in hindi for class 8

Here is a compilation of Essays on ‘Diwali’ for students of the class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12  as well as for teachers. Find paragraphs, long and short essays on ‘Diwali’ (Hindu Festival) especially written for Teachers and School Students in Hindi Language.

List of Essays on Diwali

Essay Contents:

  • दीपों का त्योहार ‘दीपावली’  | Essay on the Festival of Lights ‘Diwali’ for Teachers in Hindi Language (Hindu Festival)

1. दीपावली दीपों का त्यौहार । Essay on Diwali – Festival of Lights in Hindi Language (Hindu Festival)

भारत त्यौहारों का देश है, यहाँ समय-समय पर विभिन्न जातियों समुदायों द्वारा अपने-अपने त्यौहार मनाये जाते हैं सभी त्यौहारों में दीपावली सर्वाधिक प्रिय है । दीपों का त्यौहार दीपावली दीवाली जैसे अनेक नामों से पुकारा जाने वाला आनन्द और प्रकाश का त्यौहार है ।

यह त्यौहार भारतीय सभ्यता-संस्कृति का एक सर्वप्रमुख त्यौहार है । यह ऋतु परिवर्तन का सूचक है । इसके साथ अनेक धार्मिक मान्यताएँ भी जुड़ी हैं यह उत्साह, उल्लास, भाईचारे, साफ-सफाई तथा पूजा-अर्चना का त्यौहार है । यह त्यौहार प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है ।

दीपावली का त्यौहार मनाने की परंपरा कब और क्यों आरंभ हुई कहते हैं: इस दिन अयोध्या के राजा रामचंद्र लंका के अत्याचारी राजा रावण का नाश कर और चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयो ध्या वापस लोटे थे । उनकी विजय और आगमन की खुशी के प्रतीक रूप में अयोध्यावासियों ने नगर को घी के दीपों से प्रकाशित किया था ।

प्रसन्नता के सूचक पटाखे और आतिशबाजी का प्रदर्शन कर परस्पर मिठाईयां बांटी थी । उसी दिन का स्मरण करने तथा अज्ञान-अंधकार एवं अन्याय- अत्याचार के विरूद्ध हमेशा संघर्ष करते रहने की चेतना उजागर किए रहने के लिए ही उस दिन से प्रत्येक वर्ष भारतवासी इस दिन दीप जलाकर हार्दिक हर्षोउल्लास प्रकट करते और मिठाईया खिलाकर अपनी प्रसन्नता का आदान प्रदान करते हैं ।

इस दिन जैन तीर्थकर भगवान महावीर ने जैतन्य की प्राण प्रतिष्ठा करते हुए महानिर्वाण प्राप्त किया था । स्वामी दयानंद ने भी इस दिन निर्वाण प्राप्त किया था । सिख संप्रदाय के छठे गुरू हरगोविंदजी को बंदीग्रह से छोड़ा गया था इसलिए लोगों ने दीपमाला सजाई थी ।

दीपावली आने तक ऋतु के प्रभाव से वर्षा ऋतु प्राय: समाप्त हो चुकी होती है । मौसम में गुलाबी ठंडक घुलने लगती है आकाश पर खजन पक्षियों की पंक्तिबद्ध टोलिया उड़कर उसकी नील नीरवता को चार चाद लगा दिया करती हैं । राजहंस मानसरोवर में लोट आते हैं नदियों-सरोवरों का जल इस समय तक स्वच्छ और निर्मल हो चुका होता है ।

ADVERTISEMENTS:

प्रकृति में नया निखार और खुमार आने लगता है । इन सबसे प्रेरणा लेकर लोग-बाग भी अपने-अपने घर साफ बनाकर रंग-रोगन करवाने लगते हैं इस प्रकार प्रकृति उगैर मानव समाज दोनों ही जैसे गंदगी के अंधकार को दूर भगा प्रकाश का पर्व दीपावली मनाने की तैयारी करने लगते हैं यह तैयारी दुकानों-बाजारों की सजावट और रौनक दिखाई देने लगती है ।

दीपावली को धूम-धाम से मनाने के लिए हफ्तों पहले तैयारी आरंभ हो जाती है । पांच-छ: दिन पहले फल-मेवों और मिठाइयों की दुकाने सज-धज कर खरीददारों का आकर्षण बन जाती है । मिट्टी के खिलौने दीपक अन्य प्रकार की मूर्तियाँ चित्र बनाने वाले बाजारों में आ जाते हैं ।

पटाखे, आतिशबाजी के स्टालों पर खरीददारों की भीड़ लग जाती है । खील, बताशे खिलौने मिठाईयां बनाई व खरीदी जाती हैं इन्हें बेचने के लिए बाजारों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है । दीपावली की रात दीपकों और बिजली के छोटे-बड़े बच्चों से घरों-दुकानों का वातावरण पूरी तरह से जगमगा उठता है ।

दीपावली के लिए नए-नए कपड़े सिलाए जाते हैं मिठाई पकवान बनते हैं घर-घर में लक्ष्मी का पूजन शुभ कामनाओं का आदान-प्रदान और मुंह मीठा किया कराया जाता है । व्यापारी लक्ष्मी पूजन के साथ नए बही खाते आरम्भ करते हैं इस प्रकार दीपावली प्रसन्नता और प्रकाश का त्यौहार है । जुआ खेलना, शराब पीना जैसी कुछ कुरीतियाँ भी स्वार्थी लोगों ने इस पवित्र त्यौहार के साथ  जोड़ रखी हैं उनमें होने वाले दीवाले से सजग सावधान ही त्यौहार को आनंदपूर्ण बना सकते हैं ।

2. दीपावली-प्रकाश उत्सव । Essay on Diwali for Teachers in Hindi Language (Hindu Festival)

हिन्दू धर्म में यों तो रोजाना कोई न कोई पर्व होता है लेकिन इन पर्वों में मुख्य त्यौहार होली, दशहरा और दीपावली ही हैं । हमारे जीवन में प्रकाश फैलाने वाला दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है । इसे ज्योति पर्व या प्रकाश उत्सव भी कहा जाता है ।

इस दिन अमावस्या की अंधेरी रात दीपकों व मोमबत्तियों के प्रकाश से जगमगा उठती है । वर्षा ऋतु की समाप्ति के साथ-साथ खेतों में खड़ी धान की फसल भी तैयार हो जाती है । दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को आता है । इस पर्व की विशेषता यह है कि जिस सप्ताह में यह त्यौहार आता है उसमें पांच त्यौहार होते हैं ।

इसी वजह से सप्ताह भर लोगों में उल्लास व उत्साह बना रहता है । दीपावली से पहले धन तेरस पर्व आता है । मान्यता है कि इस दिन कोई-न-कोई नया बर्तन अवश्य खरीदना चाहिए । इस दिन नया बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है । इसके बाद आती है छोटी दीपावली, फिर आती है दीपावली । इसके अगले दिन गोवर्द्धन पूजा तथा अन्त में आता है भैयादूज का त्यौहार ।

अन्य त्यौहारों की तरह दीपावली के साथ भी कई धार्मिक तथा ऐतिहासिक घटनाएं जुड़ी हुई हैं । समुद्र-मंथन करने से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक लक्ष्मी भी इसी दिन प्रकट हुई थी । इसके अलावा जैन मत के अनुसार तीर्थंकर महावीर का महानिर्वाण भी इसी दिन हुआ था ।

भारतीय संस्कृति के आदर्श पुरुष श्री राम लंका नरेश रावण पर विजय प्राप्त कर सीता लक्ष्मण सहित अयोध्या लौटे थे उनके अयोध्या आगमन पर अयोध्यावासियों ने भगवान श्रीराम के स्वागत के लिए घरों को सजाया व रात्रि में दीपमालिका की ।

ऐतिहासिक दृष्टि से इस दिन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं में सिक्खों के छठे गुरु हरगोविन्दसिंह मुगल शासक औरंगजेब की कारागार से मुक्त हुए थे । राजा विक्रमादित्य इसी दिन सिंहासन पर बैठे थे । सर्वोदयी नेता आचार्य विनोबा भावे दीपावली के दिन ही स्वर्ग सिधारे थे । आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द तथा प्रसिद्ध वेदान्ती स्वामी रामतीर्थ जैसे महापुरुषों ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था ।

यह त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है । इस दिन लोगों द्वारा दीपों व मोमबत्तियाँ जलाने से हुए प्रकाश से कार्तिक मास की अमावस्या की रात पूर्णिमा की रात में बदल जाती है । इस त्यौहार के आगमन की प्रतीक्षा हर किसी को होती है ।

सामान्यजन जहां इस पर्व के आने से माह भर पहले ही घरों की साफ-सफाई, रंग-पुताई में जुट जाते हैं । वहीं व्यापारी तथा दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकानें सजाने लगते हैं । इसी त्यौहार से व्यापारी लोग अपने बही-खाते शुरू किया करते हैं । इस दिन बाजार में मेले जैसा माहौल होता है ।

बाजार तोरणद्वारों  तथा रंग-बिरंगी पताकाओं से सजाये जाते हैं । मिठाई तथा पटाखों की दुकानें खूब सजी होती हैं । इस दिन खील-बताशों तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती है । बच्चे अपनी इच्छानुसार बम, फुलझड़ियां तथा अन्य आतिशबाजी खरीदते हैं ।

इस दिन रात्रि के समय लक्ष्मी पूजन होता है । माना जाता है कि इस दिन रात को लक्ष्मी का आगमन होता है । लोग अपने इष्ट-मित्रों के यहां मिठाई का आदान-प्रदान करके दीपावली की शुभकानाएँ लेते-देते हैं । वैज्ञानिक दृष्टि से भी इस त्यौहार का अपना एक अलग महत्व है ।

इस दिन छोड़ी जाने वाली आतिशबाजी व घरों में की जाने वाली सफाई से वातावरण में व्याप्त कीटाणु समाप्त हो जाते हैं । मकान और दुकानों की सफाई करने से जहां वातावरण शुद्ध हो जाता है वहीं वह स्वास्थ्यवर्द्धक भी हो जाता है ।

कुछ लोग इस दिन जुआ खेलते हैं व शराब पीते हैं, जोकि मंगलकामना के इस पर्व पर एक तरह का कलंक है । इसके अलावा आतिशबाजी छोड़ने के दौरान हुए हादसों के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं जिससे धन-जन की हानि होती है । इन बुराइयों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है ।

3. दीपावली | Essay on Diwali for School Students in Hindi Language (Hindu Festival)

‘तमसो माँ ज्योतिर्गमय’ की वेदोक्ति हमें अन्धकार को छोड़ प्रकाश की ओर बढ़ने की विमल प्रेरणा देती है । अन्धकार अज्ञान तथा प्रकाश ज्ञान का प्रतीक होता है । जब हम अपने अज्ञान रूपी अन्धकार को हटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश को प्रज्जलित करते हैं, तो हमे एक असीम व अलौकिक आनन्द की अनुभूति होती है ।

दीपावली भी हमारे ज्ञान रूपी प्रकाश का प्रतीक है । अज्ञान रूपी अमावस्या में हम ज्ञान रूपी दीपक जलाकर ससार की सुख व शान्ति की कामना करते हैं । दीपावली का त्यौहार मनाने के पीछे यही आध्यात्मिक रहस्य निहित है ।

तात्पर्य व स्वरूप:

दीप+अवलि से दीपावली शब्द की व्यत्पत्ति होती है । इस त्यौहार के दिन दीपो की अवलि पक्ति बनाकर हम अन्धकार को मिटा देने में जुट जाते हैं । दीपावली का यह पावन पर्व कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है ।

गर्मी व वर्षा को विदा कर शरद के स्वागत में यह पर्व मनाया जाता है । उसके बाद शरद चन्द्र की कमनीय कलाएँ सबके चित्त-चकोर को हर्ष विभोर कर देती हैं । शरद पूर्णिमा को ही भगवान् कृष्ण ने महारास लीला का आयोजन किया था ।

महालक्ष्मी पूजा:

यह पर्व प्रारम्भ में महालक्ष्मी पूजा के नाम से मनाया जाता था । कार्तिक अमावस्या के दिन समुद्र मथन   में महालक्ष्मी का जन्म हुआ । लक्ष्मी धन की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण धन के प्रतीक स्वरूप इसको महालक्ष्मी पूजा के रूप में मनाते आये । आज भी इस दिन घर में महालक्ष्मी की पूजा होती है ।

ज्योति पर्व दीपावली के रूप में:

भगवान् राम ने अपने चौदह वर्ष का वनवास समाप्त कर, पापी राबण का वध करके महालक्ष्मी के पुण्य अवसर पर अयोध्या पहुंचने का निश्चय किया, जिसकी सूचना हनुमान द्वारा पहले ही पहुँचा दी गयी ।

इसी प्रसन्नता में अयोध्यावासियो ने राम के स्वागतार्थ घर-घर में दीप मालाएँ प्रज्ज्वलित कर दी । महालक्ष्मी की पूजा का यह पर्व तब से राम के अयोध्या आने की खुशी में दीप जलाकर मनाया जाने लगा और यह त्यौहार दीपावली के ही नाम से प्रख्यात हो गया ।

स्वच्छता का प्रतीक:

दीपावली जहाँ अन्त:  करण के ज्ञान का प्रतीक है वही बाह्य स्वच्छता का प्रतीक भी है । घरों में मच्छर, खटमल, पिम्स आदि विषैले किटाणु धीरे-धीरे अपना घर बना लेते हैं । मकड़ी के जाले लग जाते हैं, इसलिये दीपावली से कई दिन पहले से ही घरो की लिपाई-पोताई-सफेदी हो जाती है । सारे घर को चमका कर स्वच्छ किया जाता है । लोग अपनी परिस्थिति के अनुकूल घरों को विभिन्न प्रकारेण सजाते हैं ।

दीपावली को मनाने की परम्परा:

दीपावली जैसा कि उसके नाम से ही ज्ञात होता है, घरो  में दीपों की पंक्ति बना कर जलाने की परम्परा है । वास्तव में प्राचीन काल से इस त्यौहार को इसी तरह मनाते आये हैं । लोग अपने मकानों की मुण्डेरो में, प्रागण की दीवालों में, दीपो की पंक्ति बनाकर जलाते हैं । मिट्टी के छोटे-छोटे दीपो में तेल, बाती, रख कर उन्हें पहले से पंक्तिबद्ध रखा जाता है ।

आजकल मोमबत्तियाँ लाईन बनाकर जलाई जाती हैं । दीपावली के दिन नवीन व स्वच्छ वस्त्र पहनने की परम्परा भी है । लोग दिन भर बाजार से नवीन वस्त्र, बर्तन, मिठाई, फल आदि खरीदते हैं । दुकाने  बड़े आकर्षक ढंग से सजी रहती हैं ।

बाजारो, दुकानो की सजावट तो देखते ही बनती है । लोग घर पर मिठाई लाते हैं और उसे अपने मित्रो व सगे-सम्बन्धियों  में वितरित करते हैं । घर में भी विविध प्रकार के पकवान पकाये जाते हैं ।

त्यौहार में विकार:

किसी अच्छे उद्देश्य को लेकर बने त्यौहारो में भी कालान्तर में विकार पैदा हो जाते हैं । जिस लक्ष्मी की पूजा लोग धन-धान्य प्राप्ति हेतू बड़ी श्रद्धा से करते थे, उसकी पूजा कई लोग अज्ञानतावश रुपयों का खेल खेलने के लिये जुए के द्वारा भी करते हैं ।

जुआ खेलना एक प्रथा है जो समाज व पावन पर्सों के लिये  कलंक है । इसके अतिरिक्त आधुनिक युग में बम पटाखों के प्रयोग से भी कई दुष्परिणाम सामने आते हैं । निबन्ध ।

दीपावली का पर्व सभी पर्वो में एक विशिष्ट स्थान रखता है । हमे अपने पवाँ की परम्पराओ को हर स्थिति में सुरक्षित रखना चाहिए । परम्पराएँ हमे उसके प्रारम्भ व उद्देश्य की याद दिलाती हैं । परम्पराएँ  हमें उस पर्व के आदि काल में पहुँचा देती हैं, जहाँ हमे अपनी आदिकालीन सस्कृति का ज्ञान होता है ।

आज हम अपने  त्यौहारों को भी आधुनिक सभ्यता का रग देकर मनाते हैं, परन्तु इससे हमे उसके आदि स्वरूप को बिगाड़ना  नहीं चाहिए । हम सबका कर्त्तव्य है कि हम अपने पवाँ की पवित्रता को बनाये रखे ।

4.  दीपावली | Paragraph on Diwali for School Students in Hindi Language (Hindu Festival)

दीपावली हिन्दुओं का महत्वपूर्ण त्यौहार है । सम्पूर्ण भारत में यह अति उत्साह के साथ मनाया जाता है । इस त्यौहार के साथ बहुत-सी जनश्रुतियाँ एवं दंत कथायें जुड़ी हैं । यह भगवान राम की रावण पर विजय की प्रतीक है । वस्तुत: यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय को प्रमाणित करता है ।

दीपावली के दिन पूरे देश में उत्तेजना का वातावरण होता है । लोग अपने सगे सम्बन्धियों को आमन्त्रित करते है । इस त्यौहार पर मिठाइयाँ बनाई जाती हैं एवं मित्रों व रिश्तेदारों में उनका आदान-प्रदान किया जाता है । लोग दीपावली के दिन आमोद-प्रमोद में व्यस्त रहते  हैं ।

अमीर-गरीब बाल-वृद्ध सभी नये कपड़े पहनते हैं । बच्चे और वृद्ध अपनी सबसे अच्छी चमकीली पोशाक धारण करते हैं । इसी तरह रात को पटाखे और आतिशबाजी की जाती है । मधेरी रात में आतिशबाजी एक मनोहर दृश्य बनाती है ।

चारों ओर बहुत खूबसूरत नजारा होता है । सभी अच्छे कपड़ों में उल्लास में व्यस्त रहते हैं । कुछ लोग त्यौहार को बहुत उमग और उत्साह से मनाते हैं तो कुछ लोग जुआ खेलते हैं । जुआरियों के लिये जुआ दीपावली का एक हिस्सा है और उनके अनुसार जो भी इस दिन जुआ नहीं खेलता अगले जन्म में गधा बनता है ।

रात्रि में लोग अपने घरों को सजाते हैं । तरह-तरह से रोशनी करते हैं, मोमबत्तियाँ जलाते हैं, दिये जलाते हैं एवं लड़ियाँ लगाते हैं । वह खाते-पीते मौज मनाते हैं व पटाखे जलाते हैं । सारा शहर रोशनी और पटाखों की आवाज में डूब जाता है ।

घरों के अतिरिक्त सार्वजनिक इमारतें एवं सरकारी कार्यालयों पर भी रोशनी की जाती है । उस साय का दृश्य बहुत मनोहर होता है । बहुत से हिन्दु दीपावली मनाने से पूर्व गणपति सरस्वती व लक्ष्मी की पूजा करते हैं । हिन्दु इस दिन धन की देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं । वह धन की देवी से प्रार्थना करते हैं वह उनके घर पर कृपा करे ।

दीपावली सम्पूर्ण देश का त्यौहार है । यह देश के प्रत्येक हिस्से में मनाया जाता है । इस तरह यह लोगों में एकता की भावना को बलवती करता है । भारत में यह त्यौहार हजारों वर्षों से मनाया जा रहा है एवं आज भी उतने धूमधाम से मनाया जाता है । सभी भारतीयों का यह प्रिय त्यौहार है ।

5. दीपावली । Essay on Diwali for Students of Class-5 in Hindi Language (Hindu Festival)

दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक-पर्व है । यह हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है । इसे प्रतिवर्ष कार्तिक कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है । दीपावली एक ऐसा पर्व है जिसके आगे-पीछे कई पर्व मनाए जाते हैं । धनतेरस से इस पर्व का आरंभ होता है और लोग लक्ष्मी, गणेश, बरतन तथा पूजा की सामग्री खरीदते हैं ।

धनतेरस को धन्वन्तरि जयन्ती के रूप में भी मनाया जाता है । धन्वन्तरि वैद्यों के शिरोमणि थे ।  धनतेरस के दूसरे दिन नरक चतुर्दशी होती है । इस दिन व्यापक रूप से सफाई की जाती है तथा भगवती लक्ष्मी के आगमन के लिए घर-बाहर काफी सजावट की जाती है । इसे छोटी दीपावली कहने का भी गौरव प्राप्त है ।

इस दिन घर में आसपास सरसों के तेल के दीये जलाकर रखे जाते हैं तथा दूसरे दिन भगवती लक्ष्मी के आह्वान के लिए स्तुति व पूजन किया जाता है । धनतेरस, नरक चतुर्दशी के पश्चात् चिर प्रतीक्षित दीपावली का महापर्व आता है । प्रात: काल से ही दीपावली के पूजन तथा घरों को सजाने-संवारने का काम शुरू होता है । कुछ लोग दीपावली के दिन रात 12 बजे भी भगवती लक्ष्मी की पूजा करते हैं ।

दीपावली के पर्व की शुरुआत कब से हुई इसके विषय में अनेक कथाएं हैं जिनमें सबसे ज्यादा प्रचलित तथा मानने योग्य कथा यह है कि रावण का वध करने के उपरान्त जब भगवान राम अयोध्या वापस आए थे तो लोगों ने उनके स्वागत के लिए घर-बाहर सभी जगह दीपक जलाए थे ।

दीपक जलाने का रिवाज तभी से चला आ रहा है । इस अवसर पर श्रीराम की पूजा करने का विधान होना चाहिए था लेकिन आजकल लोग लक्ष्मी, गणेश की पूजा करते हैं । हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार लक्ष्मी समृद्धि तथा धन-सम्पत्ति की देवी हैं । भगवान गणेश की भी यही विशेषता है ।

दीपावली के त्योहार में जहां अनेक गुण हैं वहीं इस त्योहार के कुछ दुर्गुण भी हैं दीपावली खर्चीला त्योहार है । कुछ लोग कर्ज लेकर भी इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं । नए कपड़े पहनते हैं, कार्ड भेजते हैं तथा डटकर मिठाई छकते हैं । नतीजा यह होता है कि यदि त्योहार महीने के बीच या महीने के शुरू में पड़ता है तो आम नागरिक को पूरा महीना आर्थिक दिक्कतों से काटना पड़ता है ।

इस प्रकार यह त्योहार आम लोगों के लिए सुखकारी होने की जगह दु:ख (ऋण) कारी सिद्ध होता है । दीपावली पर्व के विषय में एक आम धारणा यह भी है कि इस त्योहार के लिए जुआ खेलने से लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं तथा वर्ष-भर धन आता रहता है ।

कितना बड़ा अंधविश्वास लागों के मन में समाया हुआ है । इस अंधविश्वास के कारण लक्ष्मी और गणेश पूजन का यह महापर्व लोगों के आकस्मिक संकट का कारण बन जाता है । कुछ लोग जुए में अपना सर्वस्व एक ही रात में गंवा बैठते हैं ।

समय तथा परिस्थितियों के कारण इस पर्व के मनाने में जो तमाम पैसा पटाखों, फुलझड़ियों में बरबाद किया जाता है, वह रोका जाना चाहिए । इससे हमारा पैसा तो आग के सुपुर्द होता ही है, इसके साथ-साथ

कभी-कभी ऐसी दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं जो जीवनभर के लिए व्यक्ति को अपंग बना देती हैं ।

6. दीपावली का त्योहार । Essay on the Festival of Diwali for Teachers in Hindi Language (Hindu Festival)

2. दीपावली का सन्देश ।

3. दीपावली का प्रतीकात्मक महत्त्व ।

4. दीपावली क्यों मनाई जाती है?

5. दीपावली का महत्त्व ।

कार्तिक अमावस्या की रात में जब हजारों लाखों दीपक एक साथ जल उठते हैं और एक ज्योति से सहस्त्रों को ज्योर्तिमय बना देने वाले ये दीपक मानो कह उठते हैं: जलो और प्रखरता से जलो, जलते रहो, स्नेह इसमें अभी भरा हुआ है । बाती बहुत लम्बी है ।

झरोखे, मुंडेरों और घर के प्रत्येक द्वार पर सजे ये दीपक प्रकाश माला से अभिनन्दन करते हैं, उन सभी स्नेहीजनों और शुभचिन्तकों का, जिनके प्रति हमारे हृदय में शुभकामनाएं हैं, जिनकी अभिव्यक्ति, अपने प्रकाश और उसके भाव तरंगों से करते हुए ये दीपक आलोक पर्व दीपावली की सार्थकता को सिद्ध करते हैं ।

2. दीपावली का सन्देश:

‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का सन्देश देता अमावस्या की रात्रि में जलता हुआ, टिमटिमाता हुआ दीपक अन्धकार से संघर्ष करता है । उसे यह ख्याल नहीं आता कि पृथ्वी पर इतना गहन अन्धकार है, मैं अकेला इसे कैसे दूर भगाऊंगा ।

वह जलता रहता है, इसी आत्मप्रेरणा से । जलना उसका जीवन है, जलकर प्रकाश देना, बड़ी उसका प्रयोजन है । उसका जीवन मूल्य भी । मानव मन को प्रेरणा देता वह दीपक अज्ञान तिमिर का नाश करके ज्ञान के ज्योतिर्मय प्रकाश को सर्वत्र आलोकित करने का सन्देश भरता है । काली कलूटी अमावस्या की रात प्रकाश में नहाकर शुचिता का सन्देश लाती है । ऐसी शुचिता या स्वच्छता, जो केवल वातावरण की नहीं, शरीर-मन और आचरण से भी जुड़ी हुई है ।

बरसात के चार महीनों में धीरे-धीरे जमी हुई गन्दगी, जो दीपावली के दिनों में ही साफ होती है, घरों के आसपास बरसाती पानी और कीचड़ से इकट्‌ठी हुई गन्दगी, जब लिपाई-पोताई से बाहर आ जाती है और जब सभी प्रकार की आन्तरिक कलुषताओं का निष्कासन होता है, तो उस साफ, सुन्दर, स्वच्छ स्थान पर विराजमान होती हैं लक्ष्मी देवी ।

3. दीपावली का प्रतीकात्मक महत्त्व:

कहा भी जाता रहा है कि लक्ष्मी देवी इस दिन भ्रमण करते हुए जिस भी स्थान को स्वच्छ, सुन्दर व आकर्षक देखती हैं, वहीं निवास करती हैं । गन्दे, मलिन स्थानों की ओर वह ताकती भी नहीं । यह सत्य है कि समृद्धि और सम्पन्नता का वास स्वच्छ स्थानों पर होता है । प्रतीकात्मक रूप से हमारे देश में समाज में व्याप्त दरिद्रता का कारण बाहरी वातावरण में व्याप्त वह गन्दगी है, जो घुस आयी है हमारे शरीर में ।

मानस में विकृतियों के रूप में, असत्य कपटाचरण, भ्रष्टाचार की वह गन्दगी, जो हमें श्रीहीनअकर्मण्य बना रही है । यदि हमारा शरीर स्वच्छ नहीं, तो स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ेगा ही, रोग उत्पन्न होंगे, शरीर आलस्य व प्रमाद से भरा होगा, क्रियाशीलता का अभाव होगा, कुछ मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी होंगे । दीपावली में की जाने वाली स्वच्छता का महत्त्व आन्तरिक एवं बाह्य दोनों प्रकार से है । नरकासुर के मारे जाने का अर्थ गन्दगी के असुर के मारे जाने से है ।

4. दीपावली क्यों मनाई जाती है:

दीपावली पर्व का सम्बन्ध कई पौराणिक, ऐतिहासिक गाथाओं से है । पौराणिक कथा के अनुसार जब राजा बलि ने अन्य देवताओं के साथ-साथ लक्ष्मीजी को भी बंदी बना लिया था, तब भगवान् विष्णु ने वामन का रूप धारण कर इसी दिन लक्ष्मीजी को छुड़वाया था । नरकासुर इसी दिन मारा गया था ।

लंकापति रावण को मारकर जब भगवान् राम 14 वर्षों के वनवास की अवधि पूरी कर लक्ष्मणजी, सीताजी सहित अयोध्यापुरी पहुंचे थे, तब अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था । इसी दिन राज्याभिषेक होने पर अयोध्यावासियों ने दीपकोत्सव मनाकर रामजी का अभिनन्दन किया था ।

सरस्वती और स्वामी रामतीर्थ ने अपने पवित्र शरीर का त्याग किया और सहस्त्रों मनुष्यों को ज्ञान का प्रकाश दिया । आज से लगभग ढाई हजार पूर्व में पावापुरी कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को महावीर ने निर्वाण प्राप्त किया था ।

उस अंधेरी रात में सुर, मनुष्य, नाग, गन्धर्व ने रत्नों के दीपक जलाये । इस दिन ब्रह्ममुहूर्त में बुद्ध के प्रमुख शिष्य इन्द्राभूति गौतम ने ज्ञान लक्ष्मी प्राप्त की थी । दीपावली पर्व वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है; क्योंकि दीपक के प्रकाश से वातावरण की वायु शुद्ध हो जाती है, वर्षा के प्रभाव से बीमारी फैलाने वाले कीटाणु कीट-पतंगे जलकर मर जाते हैं ।

5. दीपावली का महत्त्व:

दीपावली हमारे लिए कर्मठता और जागरूकता का सन्देश भी लाती है । शास्त्रों के अनुसार-जो व्यक्ति लक्ष्मीजी का पूजन नहीं करता, आलस्य व प्रमाद में रमा रहता है, उसके घर लक्ष्मी नहीं आतीं । लक्ष्मी के वास के लिए जहां आन्तरिक, बाह्य शुद्धता का महत्त्व है. वहीं लक्ष्मी प्राप्त करने के लिए न्याय एवं श्रमपूर्वक उसकी उपासना भी करनी होती है ।

पूजा-पाठ की स्वच्छता के साथ नित्यापयोगी वस्तुओं की शुद्धता का ध्यान रखना, मन को छल-कपट, द्वेष-दम्भ, मिथ्या एवं घूर्णित प्रवृतियों से दूर रखना, यह सब आवश्यक है । जब समुद्र मन्धन से लक्ष्मीजी प्रकट हुई थीं, तब उनके साथ कुछ बुराइयों का समावेश भी था ।

जैसे-चन्द्रमा के साथ टेढ़ापन, उच्चैश्रवा: घोड़े के साथ चंचलता, कालकूट के साथ मोहनी शक्ति । मदिरा से मद और कौस्तुभ मणि के साथ निघूरता थी । अत: लक्ष्मी के आगमन के साथ-साथ मानव चित्त में यह बुराइयां समाविष्ट हो सकती हैं, अत: ऋषियों ने लक्ष्मीजी के साथ शुद्धता का दृष्टिकोण रखा ।

हमें अपने घर के साथ-साथ गली, मुहल्ले और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए, जो समाज व राष्ट्र के लिए भी उपयोगी होगी; क्योंकि समृद्धि और सम्पन्नता शुचिपूर्ण, स्निग्ध वातावरण में ही फैलती है ।

हमारे देश में दीनता, दरिद्रता का जो वास है, उसका कारण पूर्णरूपेण आन्तरिक एवं बाह्य अस्वच्छता से है, गन्दगी से है । जनमानस में फैली हुई अनैतिकता व धूल-कचरे क्ते हटाना होगा । दीपावली का त्योहार आर्थिक उत्थान का सामूहिक प्रयत्न भी है । इस दिन सभी व्यापारी साल-भर में होने वाले लाभ-हानि का विचार करते हैं । लाभकारी योजनाएं बनाते हैं । धन समाज व राष्ट्र का मेरुदण्ड है ।

अत: इसे प्राप्त करने के लिए कर्मठता, विवेक, ईमानदारी का होना आवश्यक है । जुआखोरी, रिश्वतखोरी के तरीके अपनाकर धन का दुरूपयोग सामाजिक अशान्ति का कारण बन सकता है । अत: हम इसके सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, व्यावहारिक पहलू को समझें, देश के लिए स्वस्थ आर्थिक पुनरूत्थान का रास्ता ढूंढें ।

दीपावली पर्व है भीतर और बाहर के अन्धकार को नष्ट कर समूचे वातावरण को प्रकाशमय बनाने का । आर्थिक वैभव और मानसिक उल्लास का, गन्दगी और समृद्धि में परस्पर विरोध का, भीतर और बाहर की स्वच्छता का, ज्योत से ज्योत जलाकर नवप्रकाश से ज्ञानालोक को आलोकित करने का, सदगुणों एवं समृद्धि का, निराशा को ज्ञान के आलोक से आशा में परिवर्तित करने का, सबके प्रति स्नेही शुभकामनाओं का ।

7. दीपावली । Essay on Diwali for Students of Classes: 8, 9 and 10 in Hindi Language (Hindu Festival)

दीपावली हिंदुओं का प्रमुख पर्व है । यह पर्व समूचे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है । वर्षा और शरद् ऋतू के संधिकाल का यह मंगलमय पर्व है । यह कृषि से भी संबंधित है । ज्वार, बाजरा, मक्का, धान, कपास आदि इसी ऋतु की देन हैं । इन फसलों को ‘खरीफ’ की फसल कहते हैं ।

इस त्योहार के पीछे भी अनेक कथाएँ हैं । कहा जाता है कि जब श्रीरामचंद्र रावण का वध करके अयोध्या लौटे, तब उस खुशी में उस दिन घर-घर एवं नगर-नगर में दीप जलाकर यह उत्सव मनाया गया । उसी समय से दीपावली की शुरुआत हुई ।

यह भी कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने नरकासुर का इसी दिन संहार किया था । यह भी कहा जाता है कि वामन का रूप धारण कर भगवान् विष्णु ने दैत्यराज बलि की दानशीलता की परीक्षा लेकर उसके अहंकार को मिटाया था । तभी तो विष्णु भगवान् की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है ।

जैन धर्म के अनुसार, चौबीसवें तीर्थंकर भगवान् महावीर ने इसी दिन पृथ्वी पर अपनी अंतिम ज्योति फैलाई थी और वे मृत्यु को प्राप्त हो गए थे । आर्यसमाज के प्रवर्तक स्वामी दयानंद सरस्वती की मृत्यु भी इसी अवसर पर हुई थी । इस प्रकार इन महापुरुषों की स्मृतियों को अमर बनाने के लिए भी यह त्योहार बहुत उल्लास के साथ मनाया जाता है ।

यह त्योहार पाँच दिनों तक चलता रहता है । त्रयोदशी के दिन ‘धनतेरस’ मनाया जाता है । उस दिन नए-नए बरतन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है । एक कथा प्रचलित है कि समुद्र-मंथन से इसी दिन देवताओं के वैद्य ‘धन्वंतरि’ निकले थे ।  इस कारण इस दिन ‘धन्वंतरि जयंती’ भी मनाई जाती है ।

दूसरे दिन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को ‘नरक चतुर्दशी’ अथवा ‘छोटी दीपावली’ का उत्सव मनाया जाता है । श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर के वध के कारण यह दिवस ‘नरक चतुर्दशी’ के नाम से जाना जाता है । अपने-अपने घरों से गंदगी दूर कर देना ही एक प्रकार से नरकासुर के वध को प्रतीक रूप में मान लिया जाता है ।

तीसरे दिन अमावस्या होती है । दीपावली उत्सव का यह प्रधान दिन है । रात्रि के समय लक्ष्मी-पूजन होता है । उसके बाद लोग अपने घरों को दीप-मालाओं से सजाते हैं । बच्चे-बूढ़े फुलझड़ी और पटाखे छोड़ते हैं । सारा वातावरण धूम-धड़ाके से गुंजायमान हो जाता है । इस प्रकार अमावस्या की रात रोशनी की रात में बदल जाती है ।

चौथे दिन ‘गोवर्द्धन-पूजा’ होती है । यह पूजा श्रीकृष्ण के गोवर्द्धन धारण करने की स्मृति में की जाती है । स्त्रियाँ गोबर से गोवर्द्धन की प्रतिमा बनाती हैं । रात्रि को उनकी पूजा होती है । किसान अपने-अपने बैलों को नहलाते हैं और उनके शरीर पर मेहँदी एवं रंग लगाते हैं ।

इस दिन ‘अन्नकूट’ भी मनाया जाता है । पाँचवें दिन ‘भैयादूज’ का त्योहार होता है । इस दिन बहनें अपने-अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनके लिए मंगल-कामना करती हैं । कहा जाता है कि इसी दिन यमुना ने अपने भाई यमराज के लिए कामना की थी ।

तभी से यह पूजा चली आ रही है । इसीलिए इस पर्व को ‘यम द्वितीया’ भी कहते हैं । दरअसल दीपावली का पर्व कई रूपों में उपयोगी है । इसी बहाने टूटे-फूटे घरों, दूकान, फैक्टरी आदि की सफाई-पुताई हो जाती    है । वर्षा ऋतु में जितने कीट-पतंगे उत्पन्न हो जाते हैं, सबके सब मिट्‌टी के दीये पर मँडराकर नष्ट हो जाते हैं ।

जहाँ दीपावली का त्योहार हमारे लिए इतना लाभप्रद है, वहीं इस त्योहार के कुछ दोष भी हैं । कुछ लोग आज के दिन जुआ आदि खेलकर अपना धन बरबाद करते हैं । उनका विश्वास है कि यदि जुए में जीत गए तो लक्ष्मी वर्ष भर प्रसन्न रहेंगी । इस प्रकार से भाग्य आजमाना कई बुराइयों को जन्म देता है, एक बात और, दीपावली पर अधिक आतिशबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इसका धुआँ हमारे पर्यावरण के लिए हानिकारक है ।

8.  दीपों का त्योहार ‘ दीपावली ‘   | Essay on the Festival of Lights ‘Diwali’ for Teachers in Hindi Language (Hindu Festival)

हिन्दुओं के मुख्य त्योहार होली, दशहरा और दीपावली ही हैं । दीपावली का त्योहार प्रति वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है । वैसे इस त्योहार की धूम-धाम कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से कार्तिक शुक्ल द्वितीय अर्थात् पाँच दिनों तक रहती है ।

दीपावली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को आता है । दीवाली के पर्व की यह विशेषता है कि इसके साथ चार त्योहार और मनाये जाते हैं । दीपावली का उत्साह एक दिन नहीं, अपितु पूरे सप्ताह भर रहता है । दीपावली से पहले धन तेरस का पर्व आता है ।

सभी हिन्दू इस दिन कोई-न-कोई नया बर्तन अवश्य खरीदते हैं । धन तरस के बाद छोटी दीपावली; आगे दिन दीपावली, उसके अगले दिन गोवर्द्धन-पूजा तथा इस कड़ी में अंतिम त्योहार भैयादूज का होता है । प्रत्येक त्योहार किसी-न-किसी महत्त्वपूर्ण घटना से जुड़ा रहता है ।

दीपावली के साथ भी कई धार्मिक तथा ऐतिहासिक घटनाएँ जुड़ी हुई हैं । इसी दिन विष्णु ने नृसिंह का अवतार लेकर प्रह्लाद की रक्षा की थी । समुद्र-मंथन करने से लक्ष्मी भी इसी दिन प्रकट हुई थीं । जैन मत के अनुसार तीर्थकर महावीर का महानिर्वाण इसी दिन हुआ था ।

रामाश्रयी सम्प्रदाय वालों के अनुसार चौदह वर्ष का वनवास व्यतीत कर राम इसी दिन अयोध्या लौटे थे । उनके आगमन की प्रसन्नता में नगरवासियों ने दीपमालाएँ सजाई थीं । इसे प्रत्येक वर्ष इसी उत्सव के रूप में मनाया जाता है । इसी दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोविन्दसिंह औरंगजेब जेल से मुक्त हुए थे ।

आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द तथा प्रसिद्ध वेदान्ती स्वामी रामतीर्थ ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था । इस त्योहार का संबंध ऋतु परिवर्तन से भी है । इसी समय शरद ऋतु का आगमन लगभग हो जाता है । इससे लोगों के खान-पान, पहनावे और सोने आदि की आदतों में भी परिवर्तन आने लगता है ।

नवीन कामनाओं से भरपूर यह त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है । कार्तिक मास की अमावस्या की रात पूर्णिमा की रात बन जाती है । इस त्योहार की प्रतीक्षा बहुत पहले से की जाती है । लोग अपने-अपने घरों की सफाई करते हैं । व्यापारी तथा दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें सजाते हैं तथा लीपते-पोतते हैं । इसी त्योहार से दुकानदार लोग अपने बही-खाते शुरू करते हैं ।

दीपावली के दिन घरों में दिए, दुकानों तथा प्रतिष्ठानों पर सजावट तथा रोशनी की जाती है । बाजारों में खूब चहल-पहल होती है । मिठाई तथा पटाखों की दुकानें खूब सजी होती हैं । इस दिन खलि-बताशों तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती है । बच्चे अपनी इच्छानुसार बम, फुलझड़ियां तथा अन्य पटाखे खरीदते हैं ।

रात्रि के समय लक्ष्मी-गणेश का पूजन होता है । ऐसी किंवदन्ती है कि दीवाली की रात को लक्ष्मी का आगमन होता है । लोग अपने इष्ट-मित्रों के यहाँ मिठाई का आदान-प्रदान करके दीपावली की शुभकामनाएं लेते-देते हैं । दीपावली त्योहार का बड़ा महत्त्व है ।

इस त्योहार के गौरवशाली अतीत पुन: जाग्रत हो उठता है । पारस्परिक सम्पर्क, सौहार्द तथा हेल-मेल बढ़ाने में यह त्योहार बड़ा महत्त्वपूर्ण है । वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह त्योहार कीटाणुनाशक है । मकान और दुकानों की सफाई करने से तरह-तरह के कीटाणु मर जाते हैं ।

वातावरण शुद्ध तथा स्वास्थ्यवर्द्धक हो जरता है । दीपावली के दिन कुछ लोग जुआ खेलते हैं, शराब पीते हैं तथा पटाखों में धन की अनावश्यक बरबादी करते हैं । इससे हर वर्ष अनेक दुर्घटनाएँ हो जाती हैं तथा धन-जन की हानि होती है । इन बुराइयों को रोकने की चेष्टा की जानी चाहिए ।

दीपावली प्रकाश का त्योहार है । इस दिन हमें अपने दिलों से भी अन्धविश्वासों तथा संकीर्णताओं के अँधेरे को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए । हमें दीपक जलाते समय कवि की इन पंक्तियों पर ध्यान देना चाहिए: ” जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना , अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए । ”

Related Articles:

  • दीपावली पर निबन्ध | Essay for Kids on Diwali in Hindi
  • मेरा प्रिय पर्व: दीपावली पर निबंध | Essay on My Favorite Festival : Diwali in Hindi
  • दीपावली | Diwali in Hindi
  • दीपावली पर अनुच्छेद | Article on Diwali in Hindi
  • Privacy Policy
  • Happy Diwali 2023
  • Happy Diwali
  • Diwali 2023
  • Deepawali 2023
  • Happy Diwali: 2023

दीपावली पर निबंध (300 शब्दों में): जानिए दीपावली का महत्व और मनाने के अनुसरणीय तरीके

DiwaliShare

Essay on Diwali in Hindi 300 Words

  • दीपावली पर निबंध 300 शब्दों में

इस पोस्ट मे शुभ दिवाली के शुभ अवसर पर  Happy Diwali   के लिए Essay on Diwali in Hindi 300 Words शेयर कर रहे है ,  जिस निबंध को C lass 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखी गई है। जिसे इन कक्षा के छात्र अपनों के साथ शेयर  कर सकते है ,   तो चलिये अब 300 Words On Diwali In Hindi Essay  –  दीपावली पर निबंध 300 शब्दों में को जानते है।

  • दिवाली पर निबंध 300 शब्दों में

Essay on Diwali In Hindi 300 Words

दिवाली जो की हमारे भारत देश में मनाया जाने वाला सबसे बडा़ त्यौहार है। यह त्योहार भगवान श्रीराम के 14 वर्षो के वनवास के पश्चात अयोध्या मे वापस लौटने की खुशी मे पूरे अयोध्या मे घर घर, गली मुहल्ले, हर जगह दीये जलाए गए थे, जिससे पूरा अयोध्या स्वर्ग के समान जगमगाने लगा था, इस तरह हर साल दीये इस शुभ दिन दीये जलाया जाने लगा, जिसे हम सभी दिवाली के त्योहार के रूप मे मनाते है।

दिवाली का त्यौहार हर किसी के लिए खुशियां लेकर आता है, फिर चाहे वो बड़ा हो या बच्चा। हर कोई इस त्यौहार को बड़ी ही धूम धाम से मनाता है। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों आदि में भी दीवाली का त्यौहार बहुत ही उल्लास के साथ मनाया है, दीपावली का ये त्यौहार साल में एक बार आता है जो कि अक्टूबर या नवम्बर की माह में होता है, दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है,

Table of Contents

दीवाली के कुछ हफ्ते पहले से ही लोग आते ही लोग अपने घर की साफ-सफाई भी करते है। फिर दिवाली के दिन नए कपड़े पहनते है, मिठाई खाते हैं, दीप जलाते है, पटाखे जलाते हैं, लक्ष्मी-गणेश भगवान की पूजा करते हैं, और एक दूसरे को दिवाली की मिठाई बांटते है, और एक दूसरे को दिवाली की शुभकामना देते है, और मिलजुलकर इस तरह दिवाली का त्योहार मनाते है,

दिवाली के एक माह पूर्व से ही लोग घरों की साफ़ सफाई तथा पर्व की तैयारी में लग जाते हैं. लोग अपने घरों दुकानों तथा ऑफिस आदि को सजाते संवारते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी सबसे स्वच्छ स्थल में वास करती हैं. रात में लोग माँ के स्वागत के लिए घरों के द्वार भी खुले छोड देते हैं.

ऐसा भी कहा जाता है कि दीपावली के दिन साफ सफाई रखने से लक्ष्मी का वास होता है। इसीलिए दीपावली के दिन धन की देवी लक्ष्मी माँ और गणेश जी की पूजा होती है. और माँ लक्ष्मी जी के आशीर्वाद से घर मे सुख शांति और वैभव प्राप्त होते है, इसलिए दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी और गणेश जी विशेष अर्चना किया जाता है।

दिवाली को पूरे भारत में खूब धूमधाम से मनाया जाता है, यहा तक कि दिवाली  सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि भारत के बाहर रहने वाले विदेशो मे भी भारतीय और अन्य धर्म के लोग भी बहुत धूम धाम से मनाते हैं…

उसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए हम हर साल दिवाली का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन धन की देवी माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना की जाती हैं. इस तरह यह एक खुशियों का पर्व है जो हमारे जीवन में आनन्द बिखेर जाता हैं.

हर त्योहार का अपना महत्व हैं. जिस प्रकार ईद मुसलमानों में भाईचारे का त्यौहार माना जाता हैं. उसी प्रकार दीपावली भी स्नेह का त्योहार हैं. इस दिन सभी व्यक्ति अपने इष्ट मित्रों से मिलते हैं. और उन्हें शुभकामनाओं सहित मिठाई आदि भेट करते हैं. सांस्कृतिक पर्व की दृष्टि से यह त्योहार पौराणिक परम्पराओं को बनाए रखने वाला हैं.

तो आप सभी को यह  दिवाली के लिए निबंध – Essay on Diwali in Hindi 300 Words  खूब पसंद आया होगा, तो आप अपने विचार कमेंट मे जरूर बताए और  दिवाली पर निबंध 300 शब्दों में –  Diwali Essay In Hindi 300 Words  को शेयर भी लोगो के साथ जरूर करे। और अंत मे आप सभी को  हैप्पी दिवाली…

दिवाली 2023 के लिए अन्य पोस्ट :- 

  • दिवाली पर 50 लाइन निबंध
  •  दिवाली पर 30 लाइन निबंध
  • दिवाली पर 25 लाइन निबंध
  • दिवाली पर 15 लाइन निबंध
  • दीपावली पर निबंध 20 लाइन
  • दिवाली पर 10 लाइन निबंध
  • दिवाली 2023 पर निबंध
  • 10 Lines On Diwali In Hindi
  • Diwali Essay
  • Diwali Essay Hindi
  • Diwali Essay In English
  • Diwali Essay In Hindi
  • Diwali Essay In Hindi 300 Words
  • Diwali Essay In Hindi Class 3
  • Diwali Essay In Hindi Class 4
  • Diwali Essay In Hindi In 300 Words
  • Diwali Hindi Essay
  • Diwali Par Nibandh
  • Essay On Diwali
  • Essay On Diwali Festival
  • Essay On Diwali In English
  • Essay On Diwali In Hindi
  • Few Lines on Diwali in Hindi
  • Hindi Essay
  • Hindi Essay Diwali
  • Hindi Essay On Diwali
  • Short Essay On Deepawali In Hindi
  • Write Essay On Diwali
  • गणतंत्र दिवस पर निबंध 300 शब्द In Hindi
  • दिपावली पर निबंध
  • दिवाली निबंध
  • दिवाली पर निबंध
  • दिवाली पर निबंध 300 शब्द
  • दिवाली पर निबंध कैसे लिखें
  • दिवाली पर निबंध हिंदी में
  • दीपावली पर निबंध
  • दीवाली पर निबंध
  • मेरा प्रिय त्योहार दिवाली पर निबंध हिंदी

Diwali FAQs: दिवाली से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर: दिवाली के बारे में सब कुछ जानें

दिवाली क्यों और कैसे मनाई जाती है पूरी जानकारी और रोचक तथ्य, 2023 में दिवाली कब है जानिए तारीख और महत्वपूर्ण तिथियाँ.

Sir Ji bahut hi Mast essay . Thanks to you . Happy Diwali

Thank you Isha. aapko bhi Happy Diwali

LEAVE A REPLY Cancel reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

InfinityLearn logo

Diwali Essay in Hindi – दिवाली पर निबंध हिंदी में

jee neet foundation microcourses

Table of Contents

दिवाली पर निबंध (Diwali Essay in Hindi) – दिवाली एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जिसे ‘बुराई पर अच्छाई की विजय’ का प्रतीक माना जाता है। इस त्योहार की खूबी और महत्व को छात्रों को परिचित कराने के लिए छोटी कक्षाओं में ‘दिवाली पर निबंध (Diwali Essay in Hindi)’ का प्रश्न पूछा जाता है, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होता है।

Fill Out the Form for Expert Academic Guidance!

Please indicate your interest Live Classes Books Test Series Self Learning

Verify OTP Code (required)

I agree to the terms and conditions and privacy policy .

Fill complete details

Target Exam ---

इस हिंदी दिवाली निबंध (Diwali Essay in Hindi) से वे युवा छात्र जो दीवाली त्योहार पर हिंदी में निबंध लिखना चाहते हैं, सिख सकते हैं। निम्नलिखित निबंध में हमने ‘दीपावली’ के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में संक्षेप में जानकारी प्रदान की है। बच्चे इस निबंध से सीख सकते हैं कि वे कैसे अपने लेखन कौशल को बेहतर बना सकते हैं, और कैसे उन्हें दीपावली निबंध में किन-किन बिंदुओं का महत्व है।”

दिवाली पर निबंध 100 शब्दों में (Diwali Essay in Hindi)

दिवाली हिंदू त्योहार है, जिसको भारत में खुशी-खुशी मनाया जाता है। यह त्योहार हमें यह सिखाता है कि अच्छाई हमेशा बुराइयों पर विजय प्राप्त करेगी। इससे कई हफ्ते पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोग अपने घर और काम के स्थान की सफाई करने लगते हैं। फिर वे अपने घरों और काम के स्थानों को रोशनी, लैंप, फूल, और अन्य सजावटी चीजों से सजाते हैं।

इस उत्सव के मौके पर, लोग अपने प्रियजनों के लिए नए कपड़े, घर के सामान, और उपहार खरीदते हैं। इस मौसम में बाजार में विभिन्न प्रकार के उपहार और खाने-पीने की चीजें खरीदी जाती हैं। दिवाली भी प्रियजनों के साथ संबंधों को मजबूत करने का अच्छा मौका प्रदान करती है।

Essay on Diwali in Hindi

दिवाली पर निबंध 200 शब्दों में (Diwali Essay in Hindi)

हम भारत में रहते हैं, जो विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों, परंपराओं, और विभिन्न त्योहारों के संगठन के लिए प्रसिद्ध है। भारत में, सभी धर्मों के त्योहारों को महत्व दिया जाता है, जैसे कि हिन्दुओं के लिए दीपावली का महत्व है। दीपावली त्योहार को कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अपने देश अयोध्या लौटे थे।

श्री राम के आगमन के मौके पर, लोगों ने दीपकों की पंक्ति जलाकर अयोध्या नगर को चमक दिया। दीपावली शब्द का अर्थ होता है ‘दीपों की पंक्ति’, जिसमें दीपकों को एक पंक्ति में जलाने का रितुअल होता है। इस दिन को और भी खास बनाने के लिए, लोग नए कपड़े, पटाखे, बर्तन, और सजावटी वस्त्र खरीदते हैं। दीपावली के दिन, लोग पहले लक्ष्मी पूजा करते हैं, फिर आपसी मिलनसर मनाते हैं, और मिठाईयों का साझा करते हैं। बच्चे पटाखे जलाकर अपनी खुशी व्यक्त करते हैं। इस तरह, लोग भगवान श्री राम के आगमन के इस पवित्र दिन को खुशी और आनंद के साथ मनाते हैं।

Take free test

दिवाली पर निबंध 300 शब्दों में (Diwali Essay in Hindi)

दिवाली हिंदुओं के सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिसे बहुत उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। बच्चे दिवाली पर निबंध लिखकर इस त्योहार के बारे में अपने खुशी के पलों को साझा करने का मौका पाते हैं। युवा लोग इस त्योहार को आमतौर पर बहुत पसंद करते हैं, क्योंकि यह सबके लिए खुशियों और आनंद के पल लेकर आता है। वे अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं और अपने प्रियजनों के साथ शुभकामनाएं और उपहार साझा करते हैं। साल 2023 में दिवाली पर्व 12 नवंबर, 2023 को मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

दीपावली पूजा शुभ मुहूर्त

दिवाली के अवसर पर, धन की देवी माँ लक्ष्मी, विघ्नहर्ता गणेश जी, और कुबेर जी की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। लक्ष्मी पूजा को प्रदोष काल में करने का विशेष महत्व है, इससे बड़े पुण्य की प्राप्ति होती है। प्रदोष काल में स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करना भी बहुत शुभ माना जाता है। यह कहा जाता है कि स्थिर लग्न में पूजा करने से माता लक्ष्मी आपके घर में आने के लिए प्रसन्न हो जाती हैं।

साल 2023 में, दिवाली के अवसर पर, 12 नवंबर को लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त सायं 05:41 मिनट से रात 07:37 मिनट तक होगा। लक्ष्मी पूजन मुहूर्त की कुल अवधि लगभग 01 घंटे 55 मिनट होगी। बताया जा रहा है कि साल 2022 में, देश भर में दिवाली का त्योहार 24 अक्टूबर को मनाया गया था।

दिवाली का इतिहास

हिंदू धर्म के अनुसार, दिवाली का महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम, जिन्होंने 14 साल के वनवास के बाद अपनी पत्नी सीता, भाई लक्ष्मण, और हनुमान जैसे उनके भक्तों के साथ अयोध्या लौटने का समय चुना, वे इसी दिन लौटे थे। इस दिन का विशेषत: बहुत अंधेरा होता है क्योंकि यह अमावस्या का दिन होता है, और इसलिए अयोध्या के लोगों ने अपने नगर को दीपों और फूलों से सजाया ताकि भगवान श्री राम का स्वागत कर सकें। इसके बाद से, दिवाली को दीपों का त्योहार और अंधेरे के खिलाफ प्रकाश की जीत के रूप में मनाया जाता है।

इस शुभ अवसर पर, बाजारों में भगवान गणेश जी, लक्ष्मी जी, और भगवान श्री राम की मूर्तियों की खरीददारी की जाती है। इस समय बाजार में बहुत चहल-पहल होती है। लोग इस मौके पर नए कपड़े, बर्तन, मिठाइयाँ, और अन्य चीजें खरीदते हैं। हिंदू लोग दिवाली के पर्व के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं, क्योंकि व्यापारी वर्ग इस दिन नए खाता बही की शुरुआत करते हैं। इसके साथ ही, लोग मानते हैं कि दिवाली सभी के लिए धन, समृद्धि, और सफलता का प्रतीक है। लोग दिवाली के इस खास मौके पर अपने परिवार, दोस्त, और रिश्तेदारों के साथ उपहारों का आदान-प्रदान करने के लिए तैयार रहते हैं।

Take free test

दीपवाली से जुड़ी सामाजिक कुरीतियां

जैसे ही दीपावाली जैसे धार्मिक महत्व वाले पर्व के पावन अवसर के पास आते हैं, कुछ लोग इसके महत्वपूर्ण दिनों पर असामाजिक कार्यों में लिपट जाते हैं, जैसे कि शराब पीना, जुआ खेलना, टोना-टोटका करना, और पटाखों का गलत तरीके से उपयोग करना। इससे दीपावाली का महत्व बिगाड़ दिया जाता है। अगर हम समाज में इन गलतियों को दीपावाली के दिनों पर नहीं करें, तो वास्तव में दीपावाली का पर्व खुशियों और पौराणिक महत्व के साथ मनाया जा सकता है।

दिवाली पर निबंध 10 लाइन

  • दीपावली को दीपों का त्योहार या दीपोत्सव भी कहा जाता है।
  • दिवाली भारत के सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है।
  • यह त्यौहार भगवान राम की याद में मनाया जाता है जो चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे।
  • इस अवसर पर हिंदू अनुयायी मिट्टी के दीपक जलाते हैं और अपने घरों को रंगोली से सजाते हैं।
  • बच्चे इस त्योहार पर पटाखे जलाकर बहुत खुश होते हैं।
  • हिंदूओं में इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
  • बच्चे, बूढ़े और जवान, सभी इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा करते हैं।
  • इस दिन सभी लोग अपने दोस्तों और पड़ोसियों को मिठाइयाँ और उपहार देते हैं।
  • भारत में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है और लोग इस त्योहार को बड़े धूम-धाम के साथ मनाते हैं।
  • यह हिंदूओं के सबसे प्रिय और आनंददायक त्योहारों में से एक है, जिसे अन्य धर्म और संप्रदाय के लोग भी आपस में मिलजुल कर मनाते हैं।
Also Check

दिवाली पर निबंध FAQs

दीपावली पर निबंध दीपावली क्यों मनाई जाती है.

दीपावली पर्व हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में मनाया जाता है, जो विजय का प्रतीक है।

What time is Diwali Puja in 2023?

Diwali Puja time in 2023 varies but generally falls in the evening.

What are the 5 days of Diwali?

The 5 days of Diwali are known as Dhanteras, Choti Diwali, Diwali, Govardhan Puja, and Bhai Dooj.

Why is Diwali famous for?

Diwali is famous for celebrating the victory of light over darkness and good over evil.

दिवाली क्यों प्रसिद्ध है?

दिवाली पुनर्मिलित नियमों के हिस्से के रूप में प्रसिद्ध है, और इसके साथ ही हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार है।

In which year Diwali will be on 17 October?

Diwali will be on 17 October in the year 2030.

What is the real date of Diwali in 2025?

The real date of Diwali in 2025 is November 14th.

What is day 3 of Diwali called?

Day 3 of Diwali is called Diwali or the main Diwali day.

Can we drink on Dhanteras?

Drinking on Dhanteras is a matter of personal choice and cultural beliefs.

How many diyas are lit on Dhanteras?

Typically, 13 diyas are lit on Dhanteras.

Why do we light 13 diyas on Diwali?

The tradition of lighting 14 diyas on Diwali varies, but it can symbolize various aspects, including celebrating the 14th day of Kartik, a lunar month.

Why do we light 14 diyas on Diwali?

There are 14 diyas for Diwali, often representing the 14th day of Kartik or various aspects of the festival's significance.

Related content

Call Infinity Learn

Talk to our academic expert!

Language --- English Hindi Marathi Tamil Telugu Malayalam

Get access to free Mock Test and Master Class

Register to Get Free Mock Test and Study Material

Offer Ends in 5:00

Please select class

  • क्वेश्चन पेपर
  • सामान्य ज्ञान
  • यूपीएससी नोट्स

write an essay on diwali in hindi for class 8

  • Click on the Menu icon of the browser, it opens up a list of options.
  • Click on the “Options ”, it opens up the settings page,
  • Here click on the “Privacy & Security” options listed on the left hand side of the page.
  • Scroll down the page to the “Permission” section .
  • Here click on the “Settings” tab of the Notification option.
  • A pop up will open with all listed sites, select the option “ALLOW“, for the respective site under the status head to allow the notification.
  • Once the changes is done, click on the “Save Changes” option to save the changes.

दिवाली पर निबंध (Essay On Diwali 2023 In Hindi)

Essay On Diwali 2023: दिवाली 2023 में 12 नवंबर रविवार को मनाई जाएगी। दिवाली को दीपावली भी कहा जाता है। दिवाली पर हर घर को फूल-माला, मोमबत्तियों, दीयों, लालटेन और लाइट से सजाय जाता है। दिवाली का पर्व सभी लोग बड़े हर्षोउल्लास के साथ मानते हैं। दिवाली के अवसर पर सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

जो लोग दिवाली के लिए निबंध लिखना चाहते हैं, उनके लिए दिवाली पर निबंध लिखने के कुछ टिप्स दिए गए हैं। इसके साथ ही दिवाली पर निबंध का एक ड्राफ्ट भी दिया गया है, जिसकी मदद से आप आसानी से दिवाली पर निबंध लिख सकते हैं।

दिवाली पर निबंध (Essay On Diwali 2023 In Hindi)

दिवाली पर निबंध कैसे लिखें (How to write Essay On Diwali)

दिवाली निबंध के संबंध में ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण हिस्सा निबंध का विषय और सामग्री है। सबसे पहले याद रखें कि निबंध में एक परिचय, एक निकाय और एक निष्कर्ष होता है। दिवाली के लिए निबंध की शुरुआत आकर्षक और सरल होनी चाहिए। पाठक हमेशा थोड़ा और रोचक चीजें पढ़ते हैं। निबंध के लिए तैयार किए गए वाक्य सरल होने चाहिए। इसलिए निबंध के वाक्य और निष्कर्ष का अंत सोच-समझकर लिखना चाहिए।

दिवाली निबंध विषय (Diwali Essay Idea)

  • बुराई पर अच्छाई
  • दिवाली क्या है
  • दिवाली क्यों मनाई जाती है
  • दिवाली का महत्व
  • दिवाली का आपका सबसे यादगार अनुभव
  • दिवाली पर उद्धरण
  • दिवाली उत्सव
  • दिवाली का ग्रह पर प्रभाव

दीपावली पर निबंध (Essay On Diwali 2023)

कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दीपावली मनाई जाती है। वास्तव में दीपावली पांच दिनों का त्योहार है इसलिए इसे पंच-महोत्सव पर्व भी कहते हैं। समय के साथ इसमें अनेक परंपराएं जुड़ती गयीं जिन्हें भारत के बाहर जावा, बाली सुमात्रा आदि देशों में भी महत्व दिया गया। जावा के प्रसिद्ध ग्रंथ पररतोन के अनुसार वहां आज भी यह परम्परा जीवित है। यह पर्व कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (धनतेरस) से कार्तिक शुक्ल द्वितीया (भाईदूज) तक मनाया जाता है। हमारे देश में इस पर्व के बारे में बहुत-सी मान्यताएं हैं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम राम जब चैदह वर्ष का वनवास पूराकर अयोध्या लौटे थे तब अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत की खुशी में सारे नगर को पुष्पों, मालाओं, गंध और दीपों से सजाया था। इसी दिन की स्मृति में तब से आज तक 'दीपावली पर्व' बड़े हर्षोंल्लास के साथ मनाया जाता रहा है।

दूसरी कथा वामन पुराण के अनुसार जब विष्णु ने वामन अवतार के रुप में दैत्यों के राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी थी। दो पगों में समस्त पृथ्वी और आकाश नाप लिया और तीसरा पग राजा बलि के सिर पर रख दिया और उसे पाताल भेज दिया था। वामन भगवान की कृपा से उसे स्वर्ग प्राप्त हुआ इसी के स्मरणार्थ यह पर्व आश्विन बदी द्वाद्वश के दिन प्रतिवर्ष मनाया जाता है। द्वापर युग में भी इसके बारे में अनेक कथाएं प्रचलित हैं। प्राग्ज्योतिषपुर के राजा नरकासुर ने अपनी शक्ति के अहंकार में इन्द्र का घोड़ा चुरा लिया एवं 16000 कन्याओं को बंदी बना लिया। योगीराज श्रीकृष्ण ने उसका वध करके उन 16000 कन्याओं का उद्धार किया, इस दिन चतुर्दशी थी।

श्रीमद्भागवत में भी श्रीकृष्ण द्वारा वृंदावन में बकासुर-बध इसी दिन किया गया था, जिसके कारण ब्रजवासियों ने आनंद मनाया था। दीपावली के पहले धन त्रयोदशी (धनतेरस) मनायी जाती है। इस दिन रात्रि को यमदीप जलाकर मुख्य द्वार पर रखकर यम की पूजा की जाती है। इस दिन दीप जलाने का अधिक महत्व है। इसके विषय में प्राचीन काल की एक कथा है कि राजा हेमंत का एक ही पुत्र था और उसे शाप मिला था कि विवाह होते ही उसकी मृत्यु हो जायेगी। राजकुमारी से विवाह कराया गया, परंतु विवाह होते ही उसकी मृत्यु हो गई। राजकुमारी ने रो-रोकर यमराज से अपने पति के प्राण मांग लिए। जीवन दान के साथ यम ने कहा कि, जो व्यक्ति इस दिन अखण्ड दीप जलाकर यम का पूजन करेगा वह कभी अकाल मृत्यु को प्राप्त नहीं होगा। इसलिए आज भी यम द्वितीया के दिन दीपक जलाकर मुख्य द्वार पर रखा जाता है। इससे यमराज प्रसन्न होते हैं।

वैदिक धर्म के समान जैन धर्म में भी दीपावली का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि, दीपावली के ही दिन चैबीसवें तीर्थंकर महावीरजी को निर्वाण प्राप्त हुआ था। आचार्यों ने उनके प्रथम शिष्य गौतम स्वामी के निर्देशानुसार दीपों के प्रकाश में इस आध्यात्मिक दीपक का आह्वान किया। महावीर स्वामी चाहते थे कि, दीपावली के पवित्र प्रकाश से हम अपनी अन्तःआत्मा में आध्यात्मिक ज्योति जगाएं। अतः जैनियों में यह पर्व बड़े ही हर्षोंल्लास से मनाया जाता है। सरस्वती पुराण के अनुसार जयसिंह सिद्धराज एवं सिलाहट राजा लक्ष्मी के अनन्य भक्त थे। दीपावली के दिन प्रजा के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के खेल-तमाशे दिखाएं जाते थे और राजा दान दिया करते थे।

कवि सोमदेव ने राष्ट्रकूट सम्राट कृष्ण तृतीय के समय मनाई जाने वाली दीवाली का बहुत सुंदर वर्णन किया है। सारा नगर सफेद रंग से रंगा जाता है और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जाता, रात्रि को दीप मालिकाएं सजायी जाती थीं। महर्षि वात्स्यायन ने अपने ग्रंथ कामसूत्र में इसे यक्ष रात्रि कहा है। आचार्य हेमंत ने इसे ही दीपावली की रात्रि कहा है। इसके व्याख्याकार यशोधर ने भी दीपावली की रात्रि को सुख रात्रि कहा है। विजयनगर सम्राट के इटली यात्रा निकोली काउण्टी भारत आया था। उसने अपने यात्रा-वृतांत्त में यहां मनाई जाने वाली दीपावली का विस्तृत वर्णन किया था। दीपावली के अवसर पर यहां दिन-रात निरंतर दीपक जलते थे। धनी वर्ग द्रव्य दान दिया करते थे। वहां पर पर्व आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता था। समस्त राज परिवार प्रातः पवित्र जल से स्नान कर साम्राज्य लक्ष्मी की पूजा करते थे।

इतिहासकार अलबरुनी ने महमूद गजनबी जैसे लुटेरे के आक्रमण के समय मनाई जाने वाली दीपावली का वर्णन किया है। ऐसे समय भी लोग अपने पर्व-त्योहार भूले नहीं थे। 1200 ईसवी को अब्दुल रहमान ने दीपावली का वर्णन करते हुए लिखा है कि, बड़े-बड़े भवनों को दीपों के द्वारा चंद्रकिरणों से सजाया जाता था जिन्हें देखने के लिए सुंदर स्त्रियां अपने घरों से बाहर आती थीं। संत ज्ञानेश्वर ने इसे ऐसा आध्यात्मिक पर्व बताया जो मन के अज्ञान को दूर करता है, क्योंकि दीपक ज्ञान की ज्योति के प्रतीक हैं।

मुगल सम्राट अकबर ने दीपावली को राष्ट्रीय पर्व कहा है। 'आइने अकबरी' में अबुल फजल ने इसे वैश्यों का त्योहार बताया है। महाराष्ट्र और गुजरात में भी दीपावली मनाई जाने के वर्णन प्राप्त होते हैं। गुजरात के व्यापारी अपने भवनों को सुरुचि पूर्ण सजाया करते थे। गुर्जर स्त्रियां अपनी संुदरता और कला प्रियता के लिए प्रसिद्ध थीं। सन् 1119 में चालुक्य वंश के कन्नड़ शिला लेखों में भी दीवाली मनाने के प्रमाण मिलते हैं। मराठा शासनकाल में दीपावली चार दिन तक मनाई जाती थीं। इस अवसर पर आतिशबाजी के द्वारा रावण की लंका का दृश्य निर्मित किया जाता था, फिर हनुमान जी के द्वारा उसमें आग लगा दी जाती थी। दीवाली के समय चणकेश्वर मंदिर को अरनीपुर और कुमार जोवन्न और बल्लान ने दान दिया था।

इस प्रकार इतिहास पर विहंगम दृष्टि डालने पर हम पाते हैं कि दीपावली का पर्व हमारे देश का पावन पर्व है जिसकी परम्परा ऐतिहासिक दृष्टि से लगभग 3000 वर्ष से अधिक है। इसका वर्णन हमारे ग्रंथों में ही नहीं वरना विदेशी ग्रंथों में भी मिलता है। यह पर्व केवल श्रृंगार-विलास एवं रमणीयता का ही प्रतीक नहीं है, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक सामाजिक पर्व हैं। देश में कैसी भी स्थिति रही हो प्राचीन काल से वर्तमान काल तक भारतीय अपने इस अस्मिता के प्रतीक पर्व को हर्षोंल्लास और उत्साह से मनाते आ रहे हैं, क्योंकि यह अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व है, अधर्म पर धर्म की विजय का पर्व है, बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है।

write an essay on diwali in hindi for class 8

More ESSAY News  

Essay on Yoga Day 2024: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लिखें 800 शब्दों में निबंध

NBEMS ने जारी की GPAT उत्तर कुंजी 2024, डाउनलोड लिंक यहां

Bihar DElEd Result 2024 OUT: बिहार बीएसईबी डीएलएड रिजल्ट घोषित, मार्कशीट कैसे करें डाउनलोड? लिंक यहां

Bihar DElEd Result 2024 OUT: बिहार बीएसईबी डीएलएड रिजल्ट घोषित, मार्कशीट कैसे करें डाउनलोड? लिंक यहां

G7 क्या है, कौन-कौन से देश हैं G7 के सदस्य, क्या है  G7 का उद्देश्य? जानिए सब कुछ

G7 क्या है, कौन-कौन से देश हैं G7 के सदस्य, क्या है G7 का उद्देश्य? जानिए सब कुछ

  • Don't Block
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Dont send alerts during 1 am 2 am 3 am 4 am 5 am 6 am 7 am 8 am 9 am 10 am 11 am 12 pm 1 pm 2 pm 3 pm 4 pm 5 pm 6 pm 7 pm 8 pm 9 pm 10 pm 11 pm 12 am to 1 am 2 am 3 am 4 am 5 am 6 am 7 am 8 am 9 am 10 am 11 am 12 pm 1 pm 2 pm 3 pm 4 pm 5 pm 6 pm 7 pm 8 pm 9 pm 10 pm 11 pm 12 am

facebookview

HiHindi.Com

HiHindi Evolution of media

दिवाली पर निबंध 2023 Diwali Essay In Hindi And English Language

नमस्कार दोस्तों दिवाली पर निबंध 2023 Diwali Essay In Hindi And English Language आर्टिकल में आपका हार्दिक स्वागत हैं. आज का निबंध दिवाली अथवा दीपावली पर दिया गया हैं.

स्कूल स्टूडेंट्स इस निबंध की मदद से इस पर्व पर आसान भाषा में छोटा बड़ा निबंध लिख सकेगे.

दिवाली पर निबंध 2023 Diwali Essay In Hindi And English Language

Lines On Diwali 2022 Essay In Hindi And English Language India is religious loving people country here celebrate festivals every day. but my the favorite festival is Deepawali (mera Priya tyohar Diwali).

this  essay on Diwali in Hindi for class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10. why we celebrate Diwali 10 lines and long length paragraph of the importance of Diwali festival.

at start you will read here Diwali essay in English 100, 150, 200, 250, 300, 400, 500 words. this Diwali essay can translate Marathi and English language also.

Diwali Essay In English

the Hindus celebrate many festivals. dewali is most important to them. it is a festival of light. it comes off in October or November. it is celebrated in honor of Lord Rama’s return to Ayodhya after foutreen years of exile.

for many days preparations are made. people clean their houses. they get them whitewashed. shopkeepers decorate their shop.

the old and the young celebrate the festival alike. they are gay and cheerful. at night there are rows of lights. the candle is lighted. people worship Laxmi, the goddess of wealth.

some people gamble on this day. it is a bad habit. it has ruined many people. it should be stopped. we should enjoy the festival in a good way.

Diwali Essay In Hindi

हिंदू कई त्यौहार मनाते हैं। उनके लिए दीवाली सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। यह प्रकाश का त्यौहार भी कहलाता है। यह अक्टूबर या नवंबर में आता है। यह निर्वासन के उत्तरार्ध भगवान राम के अयोध्या लौटने के सम्मान में मनाया जाता है।

इस त्यौहार के आने से पूर्व कई दिनों के लिए लोग तैयारी में जुट जाते हैं। लोग अपने घर साफ करते हैं। वे उन्हें रंग रोगन करते  है। दुकानदार अपनी दुकान को दिवाली के अवसर पर दुल्हन की तरह सजाते है।

बड़े बूढ़े और युवा दिवाली के इस त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन सभी के चेहरे खिले होते है तथा एक दूसरें को इस पर्व की बधाई देते हैं।

रात में रोशनी की लाइनों से सारा शहर/गाँव सज जाता हैं। दीपक व पूजा सामग्री के साथ धन व एश्वर्य की देवी माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना की जाती है.

कुछ लोग इस दिन खेलते हैं। यह एक बुरी आदत है। इसने कई लोगों को बर्बाद कर दिया है। इसे रोका जाना चाहिए। तथा हमें दिवाली के त्योहार का आनंद लेना चाहिए।

मेरा प्रिय त्योहार दिवाली 2023 पर निबंध इन हिंदी

भारत में समय समय पर अनेक त्योहार मनाएं जाते है. इन त्योहारों में दिवाली या दीपावली एक प्रमुख त्योहार है. यह त्योहार कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाया जाता है. ऐसा माना जाता है, कि इस दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे.

इस ख़ुशी में अयोध्या के लोगो ने घी के दिए जलाए थे. उसी स्मृति में यह त्योहार ख़ुशी के पर्व के रूप में हर साल मनाया जाता है. दीवाली से दस पन्द्रह दिन पहले घरों की साफ़ सफाई और रंग रोगन का कार्य हो जाता है.

धनतेरस के दिन लोग नए बर्तन खरीदते है. चतुर्दशी को छोटी दीपावली होती है. अमावस्या की रात को सभी घरों में दीपक जलाए जाते है, तथा लक्ष्मीजी की पूजा होती है. घरों में अच्छे अच्छे व्यंजन बनते है, मिठाई खायी जाती है, बच्चें फटाखें व फुलझड़ियाँ जलाते है.

लोग आपस में मिलते है, तथा एक दुसरे के प्रति प्रेम प्रकट करते है. व्यापारी लोग इस दिन अपना बही खाता बदलते है. दीपावली या दीवाली का त्योहार खुशियों का त्योहार है.

दिवाली निबंध Essay On Diwali In Hindi Language

प्रस्तावना- हमारे देश में वर्ष भर अनेक पर्व और त्योहार मनाए जाते है. दीपावली भारतीय संस्कृति और धर्म की द्रष्टि से यह मनाया जाता है. दीपों के इस त्यौहार को देश भर के सभी लोग बड़े हर्ष और उल्लाश के दिन मनाया जाता है.

इस पर्व से कुछ दिन पूर्व तक सरकार द्वारा दीपावली का राजकीय अवकाश घोषित कर दिया जाता है. जिससे लोग इसकी तैयारियों में जुट जाते है.

मनाने का समय- दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास में मनाया जाता है. धनतेरस से भाईदूज तक यह त्यौहार मनाया जाता है.

अमावस्या की रात को लक्ष्मी पूजन के साथ दीपावली का पर्व मनाया जाता है. इस दिन लोग अपने घरों में दीपों व् दीपमालाओ की कतारे लगाकर घर को पूर्ण रूप से सजाते है.

मनाने का कारण- दीपावली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है. इस सवाल का उत्तर अलग-अलग तरीकों से दिया जाता है. हिन्दू धर्मावलम्बी इस दिन को भगवान राम से जोड़कर मनाते है.

कहते है दिवाली के दिन ही श्रीराम जी रावण को मारकर पिता दशरथ जी द्वारा दिए गये 14 वर्ष के वनवास को पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे.

वनवास पूर्ण पर जब वे अयोध्या लौटे तो लोगों ने घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया. इससे दिवाली मनाने की शुरुआत मानी जाती है. एक अन्य कथा के अनुसार इस त्यौहार को मनाने के पीछे भगवान श्री कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध की कथा को भी मानते है.

जैन धर्म को मानने वाले इस दिन भगवान् महावीर से जुड़ा प्रंसग इसके पीछे बताते है. तो कुछ लोग इन्हे हनुमान जयंती मानते है, चाहे मनाने के पीछे जो भी सर्वमान्य कारण हो हर्ष और उल्लास से मनाए जाने वाले त्यौहार में दीपावली का हमारे त्योहारों में महत्वपूर्ण स्थान है.

इस त्यौहार से कुछ दिन पूर्व से ही पटाखों की गुज शुरू हो जाती है. दीपावली की रात पटाखों की गुज, आतिशबाजी व शौर शराबा आम तौर पर देखा जाता है. 

दीपावली के दिन सभी लोग सांयकाल से ही अपने घरों में दीपक जलाकर रोशन करते है. शहरों में लोग अपने घरों को बिजली के बल्बों, गुब्बारों व रंग बिरंगी लाइट्स से अपने-अपने घर को सजाते है.

दीपावली के एक दिन पूर्व धनतेरस पर गहने आभूषण व् बर्तन खरीद्ना गृहणिया शुभ मानती है. अगले दिन शाम को मुहूर्त पर माँ लक्ष्मी का पूजन घर-घर किया जाता है. दिवाली के दुसरे दिन गोवर्धन पूजा और भाई दूज का पर्व मनाया जाता है.

इस दिन बहिने अपने भाई के ललाट पर तिलक लगाती है. इस तरह दीपावली का पर्व धनतेरस से लेकर भाई दूज तक चार दिनों में धूम धाम से मनाया जाता है.

उपसंहार -हिंदुओ के सभी त्योहारों में दीपावली का महत्वपूर्ण स्थान है. जो उत्साह का पर्व होने के साथ साथ लोगों में मंगल कामना की भावना को प्र्जल्वित करता है. इस दिन माँ लक्ष्मी का पूजन कर सबकी उन्नति और सम्रद्धि की मंगलकामना की जाती है.

Essay on Diwali 2023- Short Essay on Diwali in English for Kids

Deepawali also called Diwali, is celebrated in India And many Other countries of the world. Although Diwali is a festival of Hindus, people of all religions have been celebrating it for centuries.

Diwali literally means the line of lamps. On this festival, people decorate the lights in and out of their houses. This festival is celebrated for five days.

Which starts with Dhanteras. Dhanteras is celebrated on the day of Triadshi of the Krishna side of the Kartik month. On the next day, the festival of fourteen and followed by Diwali is celebrated.

The importance

each festival has its social, religious, economic and scientific significance. In this way, Diwali also has its economic importance. From this day the traders start their new book accounts and try to complete the account of the last financial year.

Economic importance

Shopkeepers decorate their shops, and sellers are especially looking forward to this festival. Many companies offer big tempting offers to lure customers on the occasion of Diwali. In the same way before the Festival of Deepawali, there is a lot of initiative in the market.

Scientific importance

Along with social, Diwali has its own scientific significance. Due to the rainy season, our environment is filled with insect kites. And many types of small plants and shrubs grow. Cleanliness is done on the occasion of Deepawali once the whole environment is cleaned.

How to celebrate

In today’s time, Diwali is used more in the use of flowers than the lamp. People in the cities illuminate their homes with various types of electric bulbs.

On the other hand, in the villages, conventional soil diets are still burnt, and on this day people greet each other with sweets.

Diwali is of great importance in the lives of children, from the beginning of the Diwali season, children are prepared to prepare for bursting crackers.

Durga Puja in Bengal

Diwali is celebrated in different ways throughout the country. Durga Puja is celebrated in West Bengal on this day. After the grand panda logo and the idol establishment, there is a program of Durga Puja.

In these states, after celebrating Durga Puja, the festival is celebrated after worshiping Lakshmi. It is believed that Kali Puja of this day, after the release of Mother Kali, all the misery, Laxmiji Ji will give money to all.

Essay epilogue

In this way, the festival and festivities fill new colors of happiness in our lives. It is our tradition to celebrate different festivals, which is an important part of our Indian culture.

This festival is celebrated as a symbol of the end of all evils. To avoid any untoward event on this occasion, we need to take some precautions, because many times we hear listening to many unpleasant incidents of fireworks.

दीपावली पर निबंध Essay on Deepawali in Hindi

दीपावली दो शब्दों दीप और अवली से मिलकर बना हे. दीप का मतलब होता है दीपक और अवली का मतलब होता हे पंक्ति अर्थात दीपों की पंक्तियाँ. हमारे देश में प्रति वर्ष अनेक त्यौहार मनाये जाते है.

हिन्दुओं के त्यौहारों में रक्षाबंधन, होली, दशहरा और दीपावली प्रमुख त्यौहार है. इस त्यौहार पर लोग दीपक को पंक्तियो में रखकर रौशनी करते है. दीपक का त्यौहार होने के कारण इसे दीपावली या दिवाली कहा जाता है.

यह दो शब्दों दीप और अवली से मिलकर बना है. दीप का मतलब होता है दीपक और अवली का मतलब होता हे पंक्ति अर्थात दीपों की पंक्तियाँ.

यह त्यौहार कार्तिक मॉस की अमावस्या को मनाया जाता है. यह त्यौहार अमावस्या के दो दिन पूर्व त्रयोदशी से लेकर इसके दो दिन बाद दूज तक चलता है. इस तरह दीपावली का त्यौहार पांच दिन तक मनाया जाता है.

दीपावली मनाने का कारण (Reason Of Celebration)

इस त्यौहार के साथ हमारी अनेक पौराणिक और धार्मिक कथाएं है. हिन्दुओं की मान्यता है की इस दिन भगवान श्री राम चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे. उनके आने की ख़ुशी में अयोध्यावासियों ने अपने घरों में दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था.

पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन समुंद्रमंथन से धन की देवी लक्ष्मी प्रकट हुयी थी. जैन धर्म वाले भगवान महावीर स्वामी से सम्बधित कथा कहते है.

कुछ लोग इस दिन हनुमान जी की जयंती मनाते है. मत चाहे कुछ भी हो लेकिन आनंद-उल्लास की दृष्टि से मनाये जाने वाले त्यौहारों में यह प्रमुख त्यौहार है.

दीपावली मनाने की विधि (Method Of Celebration)

दीपावली से पहले गृहणियां धन तेरस के दिन बर्तन खरीदना शुभ मानती है. रूपचौदस के दिन घरों की सफाई करके छोटी दीपावली मनाई जाती है. अमावस्या के दिन दीपावली का त्यौहार पुरे हर्षो-उल्लास से मनाया जाता है.

इस दिन प्रत्येक घर में लक्ष्मी पूजन होता है. दुसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. लोग गोबर का गोवर्धन बनाकर उसे पूजते है.

कहते है इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊँगली पर उठाकर मुसलाधार वर्षा से ब्रज की रक्षा की थी. इसके बाद भाई दूज का त्यौहार मनाते है.

बहनें अपने भाइयों के ललाट पर तिलक लगाती है और उन्हें मिठाइयां खिलाती है. दीपावली के दिन लोग ‘दवात पूजन’  भी करते है और अपने बहीखाते भी बदलते है. इस प्रकार यह त्यौहार पांच दिन तक बड़ी-ख़ुशी के साथ मनाया जाता है.

दीपावली का महत्व (Importance Of Deepavali)

हर त्यौहार का अपने विशेष महत्व होता है. जिस प्रकार ईद मुसलमानों में भाईचारे का त्यौहार माना जाता है, उसी प्रकार दीपावली भी स्नेह का त्यौहार है.

इस दिन सभी व्यक्ति अपने मित्रों और रिश्तेदारों से मिलते है तथा उन्हें शुभकामनाओं सहित मिठाइयाँ भेंट करते है. सांस्कृतिक पर्व की दृष्टि से यह त्यौहार पौराणिक परम्पराओं को बनाये रखने वाला है.

हिन्दुओं में मनाये जाने वाले त्योहारों में दीपावली का विशेष महत्व है. यह हमारी सामूहिक स्नेह भावना का प्रतीक है. खुद गरीबी को झेलते हुए भी भारतवासी उल्लास के साथ इस पर्व को मनाते है, लक्ष्मी पूजन करते है और करते रहेंगे.

इस त्यौहार का लोग बेसर्बी से इन्तजार करते है. बच्चे पटाखें जलाते हे, सारा परिवार एक जगह साथ होता है, लोग साथ में खाना खाते है और अपने सारे गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलते है.

इसी लिए तो हमारा देश अनेकता में एकता का सिद्दांत लिए चलता है. पूरा बाज़ार इस दिन चकाचौंध से भरा रहता है.

दिवाली मेरा प्रिय त्योहार दीपों का त्योहार : दीपावली निबंध

भारत कृषि प्रधान देश है हमारे यहाँ त्योहारों एवं उत्सवों का विशेष महत्व हैं जैसे ही ऋतू परिवर्तन होता हैं, खेत में नई फसल पक जाती हैं. तब मानव मन अपनी ख़ुशी को उत्सवों और त्योहारों के रूप में प्रकट करता हैं, दिवाली भी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार हैं यह सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व से भी मनाया जाता हैं.

दिवाली मनाने का कारण

इस त्योहार को मनाने का एक कारण यह है कि इसी दिन भगवान राम लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त करके और चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे.

उनके आने की ख़ुशी में घर घर में दीपक जलाए गये थे. उसी पुण्य दिवस की ख़ुशी में यह त्योहार मनाया जाता हैं. इसके साथ ही इस त्योहार को मनाने के पीछे अन्य कारण भी माने जाते हैं. जैसे भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर राक्षस का वध किसानों की धान की फसल पकना आदि.

उत्सव की शोभा-  दिवाली का त्योहार कार्तिक मॉस की अमावस्या को प्रतिवर्ष मनाया जाता हैं. इस त्योहार को मनाने के लिए घरों की सफाई रंगाई पुताई की जाती हैं.

दिवाली के दिन गाँवों शहरों और कस्बों में दीपक जलाये जाते हैं. बिजली की रंग बिरंगी रोशनी से घर बाजार और दुकाने सजाई जाती हैं. सभी लोग लक्ष्मी पूजन करते हैं. मिठाइयाँ खाते हैं. और बच्चे पटाखे छुड़ाकर मन की ख़ुशी को प्रकट करते हैं.

अमावस्या के दो दिन पहले धनतेरस को लोग नयें बर्तन खरीदना शुभ मानते हैं. चतुर्दशी को छोटी दिवाली मनाई जाती हैं और अमावस्या के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है

उसके दूसरे दिन भैया दूज का त्योहार मनाया जाता हैं. इस दिन बहिने अपने भाइयों को तिलक करती हैं और मिठाइयाँ खिलाती हैं.

लाभ हानि-  इस त्योहार से सबसे बड़ा लाभ यह है कि घरों की सफाई हो जाती हैं लोगों के घर घर जाकर उनसे मिलने से प्रेम सहयोग की भावना का विकास होता हैं. इस त्योहार पर कुछ लोग जुआ खेलते हैं यह सबसे बड़ी हानि हैं.

उपसंहार-  यह हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार हैं यह समाज की सामूहिक मंगलेच्चा का प्रतीक हैं. इस अवसर पर लोग सबकी खुशहाली और सम्रद्धि की मंगल कामना करते हैं, यह भारतीय जनजीवन के आनन्द और उल्लास का त्योहार हैं.

बच्चों के लिए दिवाली का निबंध Diwali Essay In Hindi For Child

इस साल 4 नवम्बर को दिवाली आ रही है. हमने इससे पूर्व के कई आर्टिकल में हैप्पी दिवाली sms, संदेश, शायरी, धनतेरस और लक्ष्मी पूजा के बारे में भी काफी लेख लिखे है.

आज के लेख में हम बात करेगे यह त्यौहार कब क्यों और कैसे मनाया जाता है. इसका इतिहास और महत्व से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बाते आपसे साँझा कर रहा हु.

दीपावली का अर्थ

दीपावली और दिवाली का एक ही अर्थ होता है. कुछ लोग इन्हें दियाली और दिपाबली भी कहते है. मुख्यत ये संस्कृत भाषा का शब्द है.

जिसका अर्थ होता है दीपों की लाइन. अवली को पक्ति श्रेणी या लाइन भी कहा जाता है. इस तरह दीपक की माला या पक्ति को दीपावली कहा जाता है. इसी कारण इसे दीपोत्सव भी कहा जाता है.

जिस तरह मुस्लिम सम्प्रदाय के लिए ईद, ईसाईयों के लिए क्रिसमस और सिख सम्प्रदाय के लिए बैशाखी और लाहोड़ी का महत्व है. ठीक उसी प्रकार यह दीपों का त्यौहार हिन्दू वर्ग के अनुनायियों के लिए बड़ा उत्सव है.

हिन्दू पंचाग के अनुसार इसे कार्तिक अमावस्या को दिवाली जिसे लक्ष्मी पूजा भी कहा जाता है पर्व मनाया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह नवम्बर माह में पड़ता है.

वैसे दीपावली का उत्सव पांच दिनों तक चलता है, जिनमे धनतेरस और लक्ष्मी पूजन का बड़ा महत्व माना जाता है.

इस पंचदिवसीय पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है इसके बाद नरक चतुदर्शी और अगले दिन दिवाली इसके बाद के उत्सव गौवर्धन पूजा एवं भाई दूज के रूप में जाने जाते है.

देशभर में धूमधाम से मनाए जाने वाले यह पर्व अन्धकार पर उजाले का प्रतीक माना जाता है.

दीपावली क्यों मनाते हैं कहानी/कथा

पुरा काल में राजा दशरथ जी के घर जन्मे श्रीराम से Diwali Story जुड़ी मानी जाती है. राम जी के पिता दशरथ अयोध्या के शासक थे, जो वर्तमान में उत्तरप्रदेश का बड़ा शहर है.

वृद्धावस्था में दशरथ जी ने अपने उतराधिकारी राम को बनाया, मगर पूर्व वर्षो में किसी घटना में कैकेयी (दशरथ की रानी) को उनके प्राण बचाने के कारण एक वर दिया था.

कैकेयी ने पुत्र मोह में आकर राम की जगह अपने बेटे भरत को अयोध्या का शासक बनाना चाहा, तथा उन्हें वर के उपयोग की तकरीब सूझी.

तभी कैकेयी ने अपने वर के रूप में राम को चौदह साल का वनवास और भरत को राजगद्दी दिलाने का आग्रह किया. अपने पिता के वचन के चलते राम ने वनवास जाना उचित समझा तथा भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन को गये.

वनवास के 14 वें साल में लंका के शासक रावण की बहिन सूर्पनखा के लक्ष्मण द्वारा नाक काट दिए जाने पर राक्षसराज ने प्रतिशोध के रूप में सीता का अपहरण कर लिया.

सीता हरण की जब राम को खबर मिली तो उन्होंने सीता का पता लगाने के लिए वानर राज सुग्रीव की मदद ली तथा लंका पर चढ़ाई की.

कई महीनों के यत्न के बाद राम और रावण का युद्ध भूमि में सामना हुआ, फलस्वरूप रावण मारा गया तथा राम सीता सहित अपना वनवास पूरा कर अयोध्या आए.

अयोध्या के लोगों ने जब राम के आने की खबर पता चली तो उन्होंने घी के दिए जलाकर पुरुषोतम राम का स्वागत किया. इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए आज भी घी के दिए जलाकर दिवाली का उत्सव मनाया जाता है.

दीपावली पर्व का महत्व

दीपावली के उत्सव पर लोग अपने घरों की मरम्मत, सफ़ेदी आदि का कार्य करवाते हैं| लोग धर्म और आस्था के साथ माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना करते है. तथा लक्ष्मी के स्वागत के लिए अपने घर और दूकान को दुल्हन की तरह सजाते है.

व्यापारियों के लिए इन पांच दिनों में सबसे अधिक खरीददारी होती है. दीपावली से नये वर्ष की शुरुआत होती है तथा नए बही खाते बनाए जाते है.

सरकारी कर्मचारियों को लम्बी छुट्टिया मिलती है जिससे वे अपने स्वजनों के साथ इस पर्व को मना पाते है. चारो ओर घी के दियों की रोशनी से वर्षा ऋतू में पनपे जीवाणु और कीट भी समाप्त होते है. जिससे पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिलती है.

कई दिनों तक घरों की साफ़ सफाई और रंग रोगन से स्वच्छता का माहौल बनता है. जैन धर्म के लोग इसे महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस के रूप में मनाते है. सिख सम्प्रदाय में इसे मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है, इस दिन हरगोबिन्द जी को जेल से मुक्ति मिली थी.

दीपावली पर निबंध Short Essay On Diwali In Hindi

दीपावली भारत में मनाया जाने वाला एक ऐसा त्यौहार है जिसका धार्मिक ही नही बल्कि बड़ा सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व भी है. कहने को तो यह हिन्दू धर्म का त्यौहार माना जाता है, मगर भारत में सभी धर्मो सम्प्रदायों के लोग इसे बड़े उत्साह के साथ मनाते है.

दीपावली का शाब्दिक अर्थ होता है दीपों की पक्ति . इस दिन लोग दीपों को अपने घर व् बाहर पक्तिबद्ध रुप से सजाते है. इस तरह यह प्रकाश यानि रोशनी का पर्व है.

इसे कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन मनाया जाता है. धन और एश्वर्य की देवी कही जाने वाली देवी माँ लक्ष्मी की इस दिन विशिष्ट पूजा अराधना की जाती है.

दीपावली मनाने का तरीका

आज के समय में लोग इस पर्व पर दियो की बजाय मोमबत्ती का अधिक उपयोग करते है. साथ ही शहरी व नगरीय क्षेत्र में विभिन्न रंगो की रोशनी के बिजली के बल्बों का उपयोग भी बेहद लोकप्रिय है.

इस दिन पूरा देश दियों व लाइट्स से जगमगा उठता है. शहरों में भले ही दिवाली की चकाचौध अधिक हो मगर भारत के गाँवों में आज भी घी के दियों के साथ यह उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है . जो हमारी ग्रामीण संस्कृति की सुन्दरता का परिचायक है.

इस दिन लोग अपने परिवार जनों व रिश्तेदारों को मिठाइयाँ और उपहार भेट करते है, घर घर में सुंदर रंगोलियाँ बनाई जाती है. अन्य उत्सवो भी भांति दीपावली का त्योंहार भी बच्चों के लिए विशेष महत्व का है.

दिवाली के कुछ दिन पूर्व से ही बच्चें पटाखों और फुलझड़ियो कों चलाने में मग्न रहते है तथा इस उत्सव का पूरा लुफ्त उठाते है.

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा के पूर्व का एक दिन नर्क चतुर्दशी कहलाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान् श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था. इस दिन को नर्क चतुदर्शी मनाई जाती है.

इससे पूर्व का एक दिन धनतेरस के रूप में मनाया जाता है. जिन्हें धन त्रयोदशी भी कहा जाता है. इस दिन सोना चांदी और धातु के बर्तनों की खरीददारी करना शुभ माना जाता है.

लक्ष्मी पूजा यानि दीपावली के दुसरे दिन गौवर्धन पूजा होती है. कहते है इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने इसी दिन देवराज इंद्र को पराजित किया था तथा गौवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाया था.

दीपावली मनाने के पीछे कई कारण जुड़े हुए है रामायण की धार्मिक कथा के अनुसार भगवान श्री राम आज ही दिन चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे.

लम्बे समय बाद राम सीता लक्ष्मण के दर्शन और आगमन की ख़ुशी में अपने घर और पुरे अयोध्या नगर को दीपमालाओं से सजा दिया था. उस दिन से लेकर आज तक हिन्दू धर्मावलम्बी कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन को दीपावली के पर्व के रूप में मनाते आ रहे है.

दीपावली की कथा

लक्ष्मी पूजा और धन तेरस के सम्बन्ध में भी कहा जाता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से लक्ष्मी जी की उत्पति हुई थी. इसी धारणा के चलते दीपावली के दिन धन और एश्वर्य की देवी माँ लक्ष्मी की विधिवत पूजा अर्चना की जाती है.

माना जाता है भारतीय चिकित्सा पद्दति के जनक और आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वन्तरी भी इस दिन जन्मे थे. इसलिए भी त्रयोदशी को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है.

दीपावली मनाने का अपना सामाजिक महत्व भी है. कार्तिक कृष्ण अमावस्या तक किसान वर्ग खरीफ की फसल ले चुके होते है. अच्छी फसल के उत्पादन की ख़ुशी का इजहार करने का समय माना जाता है.

दीपावली के आगमन से पूर्व लोग स्वच्छ कपड़े खरीदते है, बर्तनों व आभूषणों की खरीददारी भी की जाती है. दिवाली से कुछ दिन पूर्व लोग अपने घरों को साफ़ सुथरा बनाकर सजाते है.

Short Essay On Diwali In Hindi In 600 Words For Students

पश्चिम बंगाल में लोग दीपावली को दुर्गा पूजा (काली पूजा) के रूप में मनाते है. वहां बड़े बड़े पंडालो और मन्दिरों में काली की मूर्ति की स्थापना की जाती है.

इसके पश्चात वहां पर लक्ष्मी की पूजा आराधना होती है. काली पूजा इसलिए की जाती है ताकि वह हमारे जीवन में व्याप्त सम्पूर्ण दुखो का नाश करे व् इसके बाद लक्ष्मी जी हमारे जीवन को सुख सम्रद्धि से परिपूर्ण कर दे.

दीपावली के दिन कई स्थानों पर मेलो का भी आयोजन होता है. दीपावली सामाजिक और धार्मिक महत्व होने के साथ साथ आर्थिक महत्व भी है. इस दिन से पूर्व खासकर व्यापारी वर्ग वर्ष भर के सम्पूर्ण खातों को पूरा कर दीपावली के दिन से नये बही खाते की शुरुआत करते है.

बड़ी संख्या में बाजार में लोगों द्वारा खरीददारी किये जाने के कारण व्यापारी लोग अपनी दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाते है. साथ ही कई कम्पनियों द्वारा दीपावली के अवसर पर विभिन्न उत्पादों पर बड़ी छुट और बेस्ट ऑफर प्रदान किये जाते है.

दीपावली का अपना वैज्ञानिक महत्व भी है, वर्षा ऋतू की समाप्ति पर हमारे वातावरण में असंख्य संख्या में कीट पतंग उत्पन्न हो जाते है. जो व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते है.

दीपावली से पूर्व घरों में और कृषिजन्य कचरे की सफाई से वातावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिलती है. लिपाई पुताई व दीपावली के दिन दियो की रौशनी से इस प्रकार के कीट पतंग मर जाते है. इस तरह एक उत्सव के रूप में दिवाली प्रत्यक्ष रूप से हमारे वातावरण को स्वच्छ बनाने में मदद करती है.

प्रतीक के रुप में दीपावली का पर्व अँधेरे पर प्रकाश की विजय का त्यौहार है. जो सभी को भाईचारे व प्रेम का संदेश देता है. भले ही दिवाली अमावस्या की अन्धकार भरी रात को मनाई जाती है.

मगर हर घर गली से दीपकों की रोशनी से पूरा विश्व नहला जाता है साथ ही दीपावली का पर्व हमे यह सीख भी देता है कि चाहे कितनी बड़ी विपति हो सामूहिक रूप से उसका सामना कर पार पाया जा सकता है.

दीपों का यह त्यौहार हमे जीवन से अज्ञानता रूपी अँधेरे को भगाकर ज्ञान रूपी प्रकाश की ज्योति जलाने की सीख देता है. विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक त्यौहार हमारे दिलों में ख़ुशी और उत्साह का संचार करते है. हमारे देश में त्यौहार मनाने की एक विशेष परम्परा रही है.

जिनमे विभिन्न तिथियों और महीनों में उत्सव मनाए जाते है. दीपावली जैसे त्यौहार हमारे देश की अनेकता में एकता की विशेषता को बढ़ाने में योगदान देते है. हमे आवश्यकता है इस प्रकार के उत्सवो की परम्परा को निरंतर कायम रखने की.

अधिक मात्रा में खतरनाक और पर्यावरण प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों का दीपावली के अवसर पर उपयोग करना इसकी सुन्दरता को धब्बा लगाने जैसा है, हमे इस प्रकार की बुराइयों को समाप्त करने की पहल करनी चाहिए.

अत्यधिक मात्रा में विस्पोट पदार्थो का उपयोग व आतिशबाजी जैसी चीजों को इस पर्व से निकाल दिया जाए तो वाकई दीपावली अपने वास्तविक उद्देश्यों को पूर्ण करती नजर आती है.

दिवाली पर निबंध  Short Essay On Diwali In Hindi In 500 Words With Headings

दीपावली का इतिहास-   दीपावली हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है. दीपावली प्रकाश या दीपों का उत्सव हैं. ऐसी मान्यता है कि भगवान राम इसी दिन रावण पर विजय प्राप्त करके अयोध्या लौटे थे. अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत और उल्लास में सारे नगर में दीपमालाएँ सजाई थी.

जैन धर्मावलम्बियों, आर्यसमाजी, सिखों और कृष्णभक्तों के लिए भी यह उत्सव का दिन हैं. कुछ लोगों के अनुसार यह कृषि उत्सव हैं. नई फसल के आगमन का त्यौहार हैं. दीपावली के त्यौहार का इतिहास बहुत प्राचीन हैं.

इस त्यौहार को मनाना कब आरम्भ हुआ, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता. भारत में ऋतु परिवर्तन पर त्यौहार मनाने की परम्परा रही हैं. दीपावली भी उनमें से एक हैं.

मनाने का समय और स्वरूप-  दीपावली का उत्सव कार्तिक मास की अमावस्या की रात को मनाया जाता हैं. इस त्यौहार के पूर्व घरों की सफाई, लिपाई पुताई और सजावट हो जाती हैं. अमावस्या के दिन लक्ष्मी जी का पूजन करके रात में घर, दुकान, बाजार सभी स्थानों पर दीपक जगमगाएं जाते हैं.

आतिशबाजी चलाई जाती हैं. और मिठाई बाटी जाती हैं. व्यापारी लोग इस त्योहार को विशेष उत्सव के रूप में मनाते हैं. बही खाते बदले जाते हैं. उनका पूजन होता है. मित्रों, प्रियजनों और कर्मचारियों को मिठाई वितरित की जाती हैं.

अन्य त्यौहार-  दीपावली पांच त्यौहारों का सम्मिलित स्वरूप हैं. दीपावली का मुख्य त्यौहार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता हैं. पहले दिन धनतेरस मनाई जाती हैं.इस दिन स्वास्थ्य और आरोग्य के प्रवर्तक वैद्य धन्वन्तरि की पूजा की जाती हैं.

नयें बर्तन तथा सोने चांदी के गहने खरीदे जाते है. दूसरे दिन के रूप में चौदस का त्यौहार मनाया जाता हैं. इस दिन स्त्रियाँ सजती संवरती हैं. और रूप सज्जा करती हैं. तीसरे दिन प्रमुख त्यौहार दीपावली मनाया जाता हैं.

चौथे दिन प्रतिपदा को गौवर्धन पूजा होती हैं. इस दिन कृष्ण ने देवताओं के राजा इंद्र का मानमर्दन किया था. इससे क्रोधित होकर इंद्र ने भीषण वर्षा की. ब्रजवासियों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने गोर्वधन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया था.

गोवर्धन पूजा के बाद भैया दौज का त्यौहार मनाया जाता हैं. बहनें अपने भाइयों के तिलक करती हैं. मिष्ठान भेट करती हैं. तथा उनके दीर्घ जीवन की कामना करती हैं. इसको यम द्वितीया भी कहा जाता हैं. भाई बहिन साथ साथ यमुना में स्नान करते हैं. इससे यमलोक की यातना से मुक्ति मिलती हैं.

महत्व-   दीपावली स्वच्छता और साज सज्जा का त्यौहार हैं. इस त्यौहार पर घरों की सफाई और पुताई होने से वर्षा ऋतु में उत्पन्न मच्छर कीट पतंगे नष्ट हो जाते हैं.

यह त्यौहार जीवन में धन के महत्व का स्मरण करवाता हैं. लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं प्रदान करते हैं. इससे सामजिक मेल मिलाप बढ़ता हैं. इस त्यौहार का सम्बन्ध स्वास्थ्य, स्वच्छता, धन की महत्ता, मानवीय सम्बन्धों और सामाजिकता की भावना से हैं.

दीपावली / दीवाली त्यौहार पर निबंध 2023 Essay on Diwali Festival in Hindi 

भारत त्योहारों का देश है, दीपावली हिन्दुओं का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार हैं. यह त्योहार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता हैं.

मनाने का कारण -दीपावली के समय हमारे यहाँ पर खरीफ की पैदावार तैयार हो जाती हैं. अतः पूर्वजों ने देवताओं को नया अन्न भेट करने के लिए उत्सव मनाने का प्रचलन किया था.

यह भी कहा जाता है कि भगवान श्रीराम चौदह वर्ष के वनवास के बाद इसी दिन अयोध्या लौटे थे. अतः अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत में घी के दीप जलाकर यह उत्सव मनाया था.

मनाने का तरीका -दीपावली का उत्सव कई दिन चलता हैं अर्थात कृष्ण पक्ष की तेरस से शुक्ल पक्ष की दूज तक. धनतेरस के दिन दीपक जलाकर सब लोग अपने द्वार पर रखते हैं. बर्तन खरीदना इस दिन शुभ माना जाता हैं.

दूसरे दिन को छोटी दिवाली कहते हैं. तीसरे दिन लो लक्ष्मीजी का पूजन होता हैं. लोग घरों दुकानों और कार्यालयों को दीपकों रंग बिरंगे बिजली के बल्बों की मालाओं से सजाते हैं. ऐसा विश्वास है कि लक्ष्मीजी इस दिन प्रत्येक घर आती हैं.

और जिस घर की स्वच्छता व सुन्दरता से प्रसन्न हो जाती हैं. उस दिन को अपने निवास के लिए चुन लेती हैं. इस दिन सब लोग नवीन वस्त्र धारण करते हैं तथा अपने इष्ट मित्रों को मिठाइयाँ देते हैं. चौथे दिन गोवर्धन पूजा होती हैं. पांचवा दिन भैया दूज या यम द्वितीया का होता हैं.

दीपावली का महत्व – दीपावली हिन्दुओं का महत्वपूर्ण त्योहार हैं. इस अवसर पर घरों की सफाई, लिपाई, पुताई हो जाती हैं. दीपक जलाने से वातावरण शुद्ध होता हैं. बीमारी फ़ैलाने वाले मच्छर, कीड़े और पतंग सब मर जाते हैं.

कुरीतियाँ – दीपावली एक अत्यंत पवित्र त्योहार हैं. परन्तु कुछ कुरीतियों ने इसके स्वरूप को बिगाड़ दिया हैं. कुछ लोग इस दिन जुआ खेलते हैं. हजारों रूपये हार जाते हैं, लाखों रूपये के पटाखे जला दिए जाते हैं, इससे प्रायः भयंकर दुर्घटनाएं हो जाती हैं.

उपसंहार – दीपावली हिन्दुओं का एक पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार हैं. यह हमे प्रसन्नता का संदेश देता हैं.

दीपावली पर निबंध कैसे लिखें?

दीपावली एक जाना माना त्यौहार है। इसलिए इस पर निबंध लिखना काफी आसान है परंतु फिर भी बता दें कि दीपावली पर निबंध लिखने के लिए पहले आपको यह पता करना है कि दीपावली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है। इसके बाद आपको यह पता करना है कि दीपावली का त्यौहार कब मनाया जाता है।

अब आप को इस बात की जानकारी इकट्ठा करनी है कि दीपावली के त्यौहार के मौके पर किसकी पूजा की जाती है और दीपावली त्यौहार को लेकर के क्या-क्या तैयारियां की जाती है तथा दीपावली के दिन क्या होता है और दीपावली का त्यौहार कैसे मनाया जाता है।

इन सभी बिंदुओं के बारे में जानकर आप दीपावली पर अच्छा निबंध लिख सकते हैं। इसके अलावा दीपावली का त्यौहार कितने दिनों तक चलता है। दीपावली पर क्या करें और क्या ना करें। इत्यादि बातों को भी आप अगर निबंध में शामिल करते हैं तो आप बेहतरीन निबंध तैयार कर सकते हैं।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Choose your language
  • मुख्य ख़बरें
  • अंतरराष्ट्रीय
  • उत्तर प्रदेश
  • मोबाइल मेनिया

टी-20 विश्वकप

  • बॉलीवुड न्यूज़
  • मूवी रिव्यू
  • खुल जा सिम सिम
  • आने वाली फिल्म
  • बॉलीवुड फोकस
  • श्री कृष्णा
  • व्रत-त्योहार
  • श्रीरामचरितमानस
  • दैनिक राशिफल
  • आज का जन्मदिन
  • आज का मुहूर्त
  • वास्तु-फेंगशुई
  • टैरो भविष्यवाणी
  • पत्रिका मिलान
  • रत्न विज्ञान

लाइफ स्‍टाइल

  • वीमेन कॉर्नर
  • नन्ही दुनिया
  • धर्म संग्रह

लोकसभा चुनाव

  • स्पेशल स्टोरीज
  • लोकसभा चुनाव इतिहास
  • चर्चित लोकसभा क्षेत्र
  • भारत के प्रधानमंत्री
  • Diwali essay in hindi
  • 104 शेयरà¥�स

सम्बंधित जानकारी

  • हिन्दी निबंध : दीपावली क्यों, कब और कैसे मनाई जाती है?
  • जानिए, दीपावली पर करीबी लोगों को कौन से तोहफे दिए जा सकते हैं?
  • 4 नवंबर को गोवत्स द्वादशी, जानिए कैसे करें गाय-बछड़ों का पूजन, पढ़ें मंत्र भी...
  • गाय और बछड़ों की सेवा का पर्व गोवत्स द्वादशी, होगा गाय-बछड़े का पूजन, पढ़ें कथा..
  • दीपों का त्योहार दीपावली : निबंध

Hindi Essay On Diwali : दीपावली पर निबंध हिंदी में

How To Celebrate Diwali

Diwali puja item list : दिवाली पूजन-सामग्री की संपूर्ण सूची

  • वेबदुनिया पर पढ़ें :
  • महाभारत के किस्से
  • रामायण की कहानियां
  • रोचक और रोमांचक

Hula Hoop से करें ये 5 मजेदार एक्सरसाइज, कमर की चर्बी चुटकियों में हो जाएगी दूर

Hula Hoop से करें ये 5 मजेदार एक्सरसाइज, कमर की चर्बी चुटकियों में हो जाएगी दूर

टॉयलेट में घंटो बैठे रहते हैं तो दही में मिलाकर खाएं ये 5 चीज़ें

टॉयलेट में घंटो बैठे रहते हैं तो दही में मिलाकर खाएं ये 5 चीज़ें

शरीर को रबर की तरह लचीला बना देंगे ये 7 योगासन, जानें ज़रूरी सुझाव

शरीर को रबर की तरह लचीला बना देंगे ये 7 योगासन, जानें ज़रूरी सुझाव

कपड़ों से भर गई है अलमारी? तो इन 5 क्रिएटिव तरीकों से पुराने कपड़ों का करें इस्तेमाल

कपड़ों से भर गई है अलमारी? तो इन 5 क्रिएटिव तरीकों से पुराने कपड़ों का करें इस्तेमाल

बॉडी पॉलिशिंग से आएगी बॉडी में चमक, स्किन रहेगी चमकदार और मुलायम

बॉडी पॉलिशिंग से आएगी बॉडी में चमक, स्किन रहेगी चमकदार और मुलायम

और भी वीडियो देखें

write an essay on diwali in hindi for class 8

21 june yoga day 2024: मात्र 60 दिनों में 6 आसन करके तोंद करें एकदम कम

21 june yoga day 2024: मात्र 60 दिनों में 6 आसन करके तोंद करें एकदम कम

चुंबक की मदद से पटरी को छुए बिना पटरियों पर दौड़ेगी ट्रेन

चुंबक की मदद से पटरी को छुए बिना पटरियों पर दौड़ेगी ट्रेन

International Picnic Day : विश्व पिकनिक दिवस आज, जानें इतिहास

International Picnic Day : विश्व पिकनिक दिवस आज, जानें इतिहास

21 june yoga day: विश्‍व योग दिवस जानिए योग की संपूर्ण जानकारी

21 june yoga day: विश्‍व योग दिवस जानिए योग की संपूर्ण जानकारी

21 june yoga day theme 2024: 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस, जानें इस बार की थीम क्या है?

21 june yoga day theme 2024: 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस, जानें इस बार की थीम क्या है?

  • हमारे बारे में
  • विज्ञापन दें
  • हमसे संपर्क करें
  • प्राइवेसी पालिसी

Copyright 2024, Webdunia.com

Essay on Diwali for School Students and Children

500+ words essay on diwali.

First of all, understand that India is the land of festivals. However, none of the festivals comes close to Diwali. It is certainly one of the biggest festivals in India. It is probably the brightest festival in the world. People of different religions celebrate Diwali. Most noteworthy, the festival signifies the victory of light over darkness. This also means the triumph of good over evil and knowledge over ignorance. It is known as the festival of lights. Consequently, there are bright lights all over the whole country during Diwali. In this essay on Diwali, we will see the religious and spiritual significance of Diwali.

Essay on Diwali

The Religious Significance of Diwali

The religious significance of this festival has differences. It varies from one region to another in India. There is an association of many deities, cultures, and traditions with Diwali. The reason for these differences is probably local harvest festivals. Hence, there was a fusion of these harvest festivals into one pan-Hindu festival.

According to the Ramayana, Diwali is the day of the return of Rama. This day Lord Rama returned to Ayodhya along with his wife Sita. This return was made after Rama defeated demon King Ravana. Furthermore, Rama’s brother Lakshmana and Hanuman also came back to Ayodhya victorious.

There is another popular tradition for the reason of Diwali. Here Lord Vishnu as an incarnation of Krishna killed Narakasura. Narakasura was certainly a demon. Above all, this victory brought the release of 16000 captive girls.

Furthermore, this victory shows the triumph of good over evil. This is due to Lord Krishna being good and Narakasura being evil.

Association of Diwali to Goddess Lakshmi is the belief of many Hindus. Lakshmi is the wife of Lord Vishnu. She also happens to be the Goddess of wealth and prosperity.

According to a legend, Diwali is the night of Lakshmi wedding. This night she chose and wed Vishnu. Eastern India Hindus associate Diwali with Goddess Durga or kali. Some Hindus believe Diwali to be the start of a new year.

Get the huge list of more than 500 Essay Topics and Ideas

The Spiritual Significance of Diwali

First of all, many people try to forgive people during Diwali. It is certainly an occasion where people forget disputes. Therefore, friendships and relationships get stronger during Diwali. People remove all feelings of hatred from their hearts.

write an essay on diwali in hindi for class 8

This light festival brings peace to people. It brings the light of peace to the heart. Diwali certainly brings spiritual calmness to people. Sharing joy and happiness is another spiritual benefit of Diwali. People visit each other’s houses during this festival of lights. They do happy communication, eat good meals, and enjoy fireworks.

Finally, to sum it up, Diwali is a great joyful occasion in India. One cannot imagine the delightful contribution of this glorious festival. It is certainly one of the greatest festivals in the world.

write an essay on diwali in hindi for class 8

FAQs on Diwali

Q.1 Why there is are differences in the religious significance of Diwali?

A.1 There certainly are differences in the religious significance of Diwali. This is due to the local harvest festivals. These festivals certainly came together to form one pan-Hindu festival.

Q.2 Tell how Diwali brings prosperity?

A.2 Diwali brings prosperity as Hindu merchants open new account books on Diwali. Furthermore, they also pray for success and prosperity.

Customize your course in 30 seconds

Which class are you in.

tutor

  • Travelling Essay
  • Picnic Essay
  • Our Country Essay
  • My Parents Essay
  • Essay on Favourite Personality
  • Essay on Memorable Day of My Life
  • Essay on Knowledge is Power
  • Essay on Gurpurab
  • Essay on My Favourite Season
  • Essay on Types of Sports

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Download the App

Google Play

IMAGES

  1. Essay on Diwali in Hindi दिवाली पर निबंध

    write an essay on diwali in hindi for class 8

  2. दिवाली पर निबंध

    write an essay on diwali in hindi for class 8

  3. Essay on Diwali in Hindi For Class 1, 2, 4, 5, 6, 7, 8, 10th

    write an essay on diwali in hindi for class 8

  4. 10 lines on Diwali in Hindi/Diwali 10 Lines in Hindi Essay Writing

    write an essay on diwali in hindi for class 8

  5. 10 Easy lines on Diwali in Hindi Essay Writing/Essay on Diwali-Diwali 10 lines

    write an essay on diwali in hindi for class 8

  6. 🌷 Diwali speech in hindi. Diwali Essay in Hindi for Child Class 1st, 2

    write an essay on diwali in hindi for class 8

VIDEO

  1. Essay on Diwali in English/Diwali Essay in English/Paragraph on Diwali/Short Essay on Diwali

  2. दिवाली पर छोटी सी कविता

  3. 5 lines on Diwali in hindi/Five lines on Diwali in hindi/दिवाली पर निबंध 5 लाइन/Essay on Diwali

  4. Essay on Diwali

  5. मेरा प्रिय त्योहार दिवाली पर निबंध हिंदी/Mera Priya Tyohar Diwali Hindi Nibandh Lekhan

  6. Diwali Urdu Essay

COMMENTS

  1. दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi)

    दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi) - दिवाली पर हिंदी में निबंध लिखने की प्रक्रिया की जानकारी आप इस लेख में दिए गए दिवाली पर नमूने निबंध के माध्यम से प्राप्त कर ...

  2. दीपावली पर निबंध कक्षा 8 के लिए: दीपों और त्योहार का महत्व

    दीपावली पर निबंध कक्षा 8 Essay on Diwali Hindi for Class Eight. दिवाली के इस विशेष त्योहार के लिए हिंदू धर्म के लोग बहुत उत्सुकता से इंतजार करते हैं। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक ...

  3. 10+ दिवाली पर निबंध

    Get Some Best Essay on Diwali in hindi for students 100, 200, 500, 2000 words।. विषय-सूची. 10 Line Essay on Diwali in Hindi For Class 2,3,4. Short Essay on Diwali in Hindi For Class 5,6. Diwali Par Nibandh in Hindi for Class 7, 8,9. Essay on Diwali in Hindi for Class 10,11,12. प्रस्तावना -.

  4. दिवाली पर निबंध 100 शब्द, 150 शब्द, 250 से 300 शब्द, 10 Line

    दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi. 10 lines on Diwali in Hindi. Short Essay on Diwali (दिवाली) in 100, 150, 200, 250, 300, 2000 words. Search for: Search ... Notice Writing for Class 9 English Communicative - Types, Format, Examples; Dialogue Writing for Class 9 English Communicative - Types ...

  5. दीपावली पर निबंध कक्षा 8 के लिए

    आपको इस लेख में दीपावली पर निबंध कक्षा 8 के लिए - Essay on Diwali for Class 8th मिल जाएगा ... Essay on Diwali for Class 8th मिल जाएगा जिसे आप याद कर परीक्षा में लिख कर अच्छे ...

  6. दिवाली पर निबंध (Essay on Diwali in Hindi)

    दिवाली पर निबंध 200 शब्दों में (Essay on Diwali in Hindi in 200 words) दीपावली का त्यौहार सभी भारतियों के लिए लोकप्रिय व महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिसे बड़ी धूमधाम से और ...

  7. दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi (1000W)

    प्रस्तावना (दिवाली पर निबंध Essay on Diwali in Hindi) प्रतिवर्ष कार्तिक मास के अमावस के दिन हिंदू समाज में दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है ...

  8. दिवाली पर निबंध हिन्दी में, Essay on Diwali in Hindi 2023

    In this Essay on Diwali in Hindi, we are giving complete information about the Festival of Deepawali. Deepawali is a subject on which you can be asked to write an essay in any class. When you write an essay in higher classes, you should know all about the topic of that essay. Only then can you create an effective essay.

  9. दिवाली पर निबंध (Diwali Essay in Hindi)

    निबंध - 2 (400 शब्द) परिचय. दीपावली (Deepawali), स्वयं में अपनी परिभाषा व्यक्त करने वाला एक शब्द है, जिसे हम सब त्योहार के रूप में मनाते हैं। यह ...

  10. Essay on diwali in hindi, article, paragraph, 100 words: दिवाली पर

    दिवाली पर निबंध, essay on diwali in hindi (200 शब्द) दिवाली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। दीपावली उत्सव की तैयारी त्योहार से हफ्तों पहले ...

  11. Essay On Diwali In Hindi (100, 200, 300, 500, 700, 1000 Words)

    दीपावली निबंध 7 (700 शब्द) : भूमिका : भारत एक ऐसा देश है जहाँ पर अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं जिसकी वजह से उनमें अनेकता में भी ...

  12. दीपावली पर निबंध हिंदी में (Diwali Essay In Hindi 2023)

    Diwali is the biggest festival of India and this year Diwali will be celebrated on Novemeber 12 in 2023. Lord Kuber is worshiped along with Mata Lakshmi on Diwali. The significance of Diwali is very high, as it is a symbol of light and gaiety. Essay competition is organized in school on Diwali, in which children have to write essay on Diwali.

  13. Diwali Essay in Hindi- दीपावली

    दीपावली पर निबंध हिंदी में 10 लाइन- Diwali Essay in Hindi 10 lines for Child & Kids ( 100 words ) 1. दीपावली हिंदुओं का पावन त्योहार है।. 2. यह अक्टूबर-नवंबर के महीने में आता ...

  14. दिवाली पर निबंध

    Essay In Hindi कक्षा 1 से 4 के लिए निबंध कक्षा 5 से 9 के लिए निबंध कक्षा 10 से 12 के लिए निबंध प्रतियोगी परीक्षा के लिए निबंध ऋतुओं पर निबंध त्योहारों ...

  15. दिवाली पर निबंध

    दिवाली पर निबंध | Diwali Essay in Hindi. दिवाली का त्यौहार हर किसी के लिए खुशियां लेकर आता है, फिर चाहे वो बड़ा हो या बच्चा। हर कोई इस त्यौहार को बड़ी ही धूम धाम से मनाता ...

  16. दिवाली निबंध 500 शब्द इन हिंदी

    दिवाली निबंध इन हिंदी - Diwali par nibandh Hindi me, 150, 200, 300 500 शब्दों में दीपावली पर निबंध, हिंदी में बच्चों के लिए दीपावली पर निबंध यहां पाएं!

  17. दीपावली

    7. दीपावली । Essay on Diwali for Students of Classes: 8, 9 and 10 in Hindi Language (Hindu Festival) दीपावली हिंदुओं का प्रमुख पर्व है । यह पर्व समूचे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है ...

  18. दीपावली पर निबंध (300 शब्दों में): जानिए दीपावली का महत्व और मनाने के

    दिवाली पर निबंध 300 शब्दों में Essay on Diwali In Hindi 300 Words Essay on Diwali in Hindi 300 Words. दिवाली जो की हमारे भारत देश में मनाया जाने वाला सबसे बडा़ त्यौहार है। यह त्योहार भगवान श्रीराम ...

  19. Diwali Essay in Hindi

    Essay on Diwali in Hindi - दिवाली पर हिंदी में निबंध लिखने जानकारी आप इस लेख में दिए गए माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। हिंदी में Class 1 से 10 तक के लिए 100, 200, 300 शब्दों में

  20. दिवाली पर निबंध (Essay On Diwali 2023 In Hindi)

    Along with this, a draft of essay on Diwali has also been given, with the help of which you can easily write an essay on Diwali. Odisha Class 10 Supplementary 2024: ओडिशा एचएससी पूरक परीक्षा के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 21 जून

  21. दिवाली पर निबंध 2024 Diwali Essay In Hindi And English Language

    Essay on Diwali 2023- Short Essay on Diwali in English for Kids. Deepawali also called Diwali, is celebrated in India And many Other countries of the world. Although Diwali is a festival of Hindus, people of all religions have been celebrating it for centuries. Diwali literally means the line of lamps.

  22. Hindi Essay On Diwali : दीपावली पर निबंध हिंदी में

    Hindi Essay On Diwali : दीपावली पर निबंध हिंदी में. दीपावली का त्योहार पांच दिनों तक चलने वाला सबसे बड़ा पर्व होता है। दशहरे के बाद से ही घरों में ...

  23. Essay on Diwali for School Students and Children

    500+ Words Essay on Diwali. First of all, understand that India is the land of festivals. However, none of the festivals comes close to Diwali. It is certainly one of the biggest festivals in India. It is probably the brightest festival in the world. People of different religions celebrate Diwali.